Latest Updates
-
Devshayani Ekadashi Vrat Katha: देवशयनी एकादशी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, भगवान विष्णु बरसाएंगे कृपा -
Devshayani Ekadashi Wishes In Sanskrit: देवशयनी एकादशी पर प्रियजनों को संस्कृत में भेजें बधाई संदेश और श्लोक -
Devshayani Ekadashi 2026 Wishes: चार महीनों का शुभ आरंभ...देवशयनी एकादशी पर अपनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Devshayani Ekadashi 2026 Niyam: देवशयनी एकादशी के दिन क्या करना चाहिए और क्या नहीं? जान लें व्रत के नियम -
कुदरत का अनोखा करिश्मा! महिला ने एक जैसी दिखने वाली चार जुड़वां बच्चियों को दिया जन्म, डॉक्टर भी हैरान -
Chaturmas 2026: चातुर्मास कब से शुरू होगा? इस दौरान क्या करें और क्या न करें? जानें सभी जरूरी नियम -
International Self Care Day: अच्छी सेहत के लिए सेल्फ-केयर है जरूरी, रोजाना अपनाएं ये 5 सेल्फ केयर हैबिट्स -
रात में राजमा भिगोना भूल गए? इन आसान ट्रिक्स से बिना भिगोए भी बन जाएगा एकदम नरम राजमा -
National Cousins Day 2026 Wishes: नेशनल कजिन्स डे पर अपने भाई-बहन भेजें ये खास मैसेज, यादगार बन जाएगा दिन -
CJP Protest Delhi: आलिया भट्ट से लेकर सलमान खान तक, छात्रों के समर्थन में उतरे ये बॉलीवुड सितारे
दीवाली में गोपीनाथ मंदिर में हुई विधवा की शादी, पूरा वृंदावन बना बाराती
आमतौर पर लोग मिठाई, पटाखों और नए कपड़ों में अपने परिवार के साथ दीवाली का त्योहार मनाते हैं लेकिन वृंदावन में इस बार की दीवाली विधवाओं के लिए बड़ी खास रही है। क्योंकि वृंदावन के गोपीनाथ मंदिर में 500 लोगों एक विधवा का पुर्नविवाह करवाया।
ये दीवाली और ये पुनर्विवाह इस बात का प्रतीक है कि समाज और लोगों की मानसिकता बदल रही है। इस साल की दीवाली वृंदावन की विधवाओं के लिए दो कारणों से खास रहा है :

नया बदलाव
1. 2017 तक किसी भी समारोह में विधवाओं का आना अशुभ माना जाता था। वृंदावन में तो विधवाओं के लिए कई कड़े कानून है। बॉलीवुड फिल्मों में तो ऐसा ही दिखाया जाता रहा है लेकिन भारत के कई हिस्सों में सच में आज भी विधवाओं के साथ ऐसा ही होता है। विधवाओं को किसी भी तरह के समारोह विशेष तौर पर विवाह आदि से दूर रखा जाता है। ले
2. इस दीवाली के अवसर पर 23 वर्षीय विधवा विनीता देवी का राकेश से पुनर्विवाह करवाया गया।

आखिर विनीता की शादी उत्सव की तरह क्यों मनाई गई
वृंदावन की 90 वर्षीय विधवा मनु घोष ने बताया कि विनीता की शादी समाज को एक संदेश है कि विधवा होने के बाद महिलाओं का जीवन खत्म नहीं होता है।
2013 में केदारनाथ में आई आपदा में विनीता के पति की मौत हो गई थी। 16-17 जून, 2013 में चोराबाड़ी ताल और गांधी सरोवर में बाढ़ आने के कारण भूस्खलन जैसी कई प्राकृतिक आपदाएं आईं थीं। यहां तक कि इस बाढ़ में केदारनाथ मंदिर तक डूब गया था। इस आपदा में केदारनाथ का शहर तो ध्वस्त हो ही गया था साथ ही विनीता के पति की भी मौत हो गई थी।

विनीता का विधवा की तरह जीवन
अपने पति की मृत्यु के बाद दो महीने तक विनीता अपने दो बच्चों के साथ रुद्रप्रयाग जिले में स्थित देवलीधनीग्राम में रहीं। इसके बाद वो अपने गांव कमोदी आ गई और अपनी मां के साथ रहने लगी।
इस दौरान विनीता को राकेश से प्रेम हो गया और उन्होंने 2014 में कोर्ट मैरिज कर ली लेकिन समाज ने इस शादी को स्वीकार नहीं किया। इससे विनीता ने सभी अनुष्ठानों और रीति-रिवाजों के साथ एक हिंदू धर्म के अनुसार शादी रचाने का निर्णय किया। वृंदावन की विधवाओं के कल्याण हेतु काम करने वाली संस्था सुलभ अंतर्राष्ट्रीय ने विनीता की इस काम में मदद की।

सुलभ अंतर्राष्ट्रीय और वृंदावन की विधवाएं
सुलभ अंतर्राष्ट्रीय के संस्थापक बिंदेयवर पाठक का कहना है कि पति की मृत्यु के बाद महिलाओं का जीवन समाप्त नहीं हो जाता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए उन्होंने विधवाओं को अपने पैरों पर खड़े होना और अपने लिए कमाना सिखाया है।
व्यक्तिगत पसंद होने के कारण विवाह महिलाओं के लिए भी महत्वपूर्ण होता है। विनीता भी इस संस्था द्वारा प्रशिक्षण दिया गया ताकि वो भी अपने पति की तरह कमा सके।
इस तरह शादी में रंग और खुशियां दोनों आती हैं। इस नए जोड़े को कई विधवा स्त्रियों ने आकर आशीर्वाद दिया और इसके साथ ही विधवाओं को भी शादी समारोह में शामिल होने का मौका मिला।

वृंदावन की विधवाओं ने इस बार दीवाली मनाई
न सिर्फ विनीता के जीवन में बल्कि कई विधवा जीवन जी रही महिलाओं के जीवन में नई उमंग और आशा की किरण जगी है।
विनीता ने चांदनी चौक से अपनी शादी की खरीदारी की थी। इस मौके पर डांसर शोबवना नारायन ने स्पेशल डांस परफॉर्मेंस भी दी थी। इस वजह से भी इस विवाह में विधवाओं के चेहरे पर मुस्कान आ गई। विनिता की ये प्यार, साहस और सम्मान की ये खूबसूरत कहानी है।

विधवाओं ने किया तैयार किया
इस पूरे मौके पर विनिता के साथ कई विधवा महिलाएं मौजूद रही। उन्होंने इस खास मौके पर उसे तैयार किया। हर रस्मों रिवाज में उपस्थित होकर उसे आर्शीवाद देकर विदा किया।



Click it and Unblock the Notifications