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क्या आपने सुना है सेक्स सरोगेट थैरेपी के बारे में?
आजकल इलाज के नाम पर कई तरह की थैरेपी ईजाद होने लगी है, इन्हीं में से एक है सेक्स सरोगेट्स थैरेपी। ये थैरेपी हालांकि अभी देखा जाएं तो मेडिकल इंड्रस्टी ताजा-ताजा ही पनपी है। इस थैरेपी के जरिए पुरुषों को सेक्स से संबंधित बुरे एक्सपीरियंस या सेक्शुअल समस्या से उबारने का काम किया जाता है। ये थैरेपी अपने आप में एक अलग तरह की थैरेपी है, इसका प्रॉस्टि्यूशन से कोई लेना-देना नहीं है।

अगर आपको ये सब कुछ पढ़ने के बाद लग रहा होगा कि ये प्रॉस्टि्यूशन का नया तरीका है तो आप गलत है। इस आर्टिकल हम आपको सेक्स सरोगेट्स के बारे में बताने जा रहे हैं, यह सेक्स थैरेपी का एक विवादित फॉर्म भी है। यहां पढ़ें इस थैरेपी के बारे में कुछ ऐसी बातें जिनके बारे में ज्यादा लोग नहीं जानते।

क्या है सेक्स सरोगेसी
यह ऐसी थैरेपी है जिसके तहत इंडिविजुअल्स खासतौर से पुरुषों को काउंसिल किया जाता है। यह उन पुरुषों के लिए होती है जिन्हें इंटीमेसी में समस्या आती है या फिर वे इरेक्टाइल डिसफंक्शन से पीड़ित होते हैं।

सेक्स सरोगेट्स नहीं करते वेश्यालय में काम
सबसे अहम बात यह है कि सेक्स सरोगेट्स वेश्यालय में काम नहीं करते और न ही इनका कोई ऑलाइन एडवरटाइजमेंट देखने को मिलता है। इन्हें इनके क्लाइंट्स साइकोलॉजिस्ट्स से मिलते हैं। जब भी किसी पेशेंट को इंटीमेसी संबंधित समस्या का समाधान चाहिए होता है तो साइकोलॉजिस्ट उन्हें सेक्स सरोगेट्स के पास रेफर कर देते हैं।

यह होता है सेशन में
सेक्स सरोगेट सेशन की शुरुआत होती है बहुत सारी बातों से, इसके बाद कुछ मामलों में सिम्पल टच भी किया जाता है। कुछ मामलों में क्लाइंट को मास्टरबेट करने को कहा जाता है ताकि यह समझा जा सके कि आखिर वे कहां गलती कर रहे हैं। इस थैरेपी के आखिरी पड़ाव में शारीरिक संबंध भी बनाए जाते हैं।
एक सेक्स वर्कर ने इस काम को समझाते हुए बताया कि मैं एक होटल के कमरे में अपने क्लाइंट का इंतजार कर रही थी। कमरे की रोशनी डिम थी, कमरा काफी कंफर्टेबल था। मुझे में क्लाइंट के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी, लेकिन इतना पता था कि वह किसी महिला के साथ ट्रॉमेटिक रिलेशनशिप में रह चुका था और उसके साथ इरेक्टाइल डिसफंक्शन की समस्या थी। बतौर सैक्स सरोगेट मैं इस समस्या को इंटीमेट टच और इंटरकोर्स की मदद से दूर करती हूं।

कहां लीगल है ये थैरेपी
माना जाता है कि कई देशों में ये सेक्स थैरेपी संचालित किया जाता है जैसे इजरायल। जब कि कुछ रिपोर्ट के अनुसार ऑस्ट्रेलिया जैस कुछ देशों में इसे चोरी छुपे किया जाता है क्योंकि इसे सेक्स थैरेपी के विवादित रुप से देखा जाता है।

महिलाओं के लिए भी है ये थैरेपी
महिलाओं को निराश होने की जरुरत नहीं है, जैसे कि ये थैरेपी की सेवाएं सिर्फ पुरुषों के लिए ही नहीं, महिलाओं के लिए उपलब्ध है। जहां पुरुष थैरेपिस्ट, महिलाओं की सेक्स संबंधी परेशानी समझकर उसे थैरेपी के जरिए दूर करते है। भारत में इस सर्विस को शुरु होने पर थोड़ा संदेह नजर आता है।



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