Latest Updates
-
Jitiya Vrat 2026: जितिया व्रत में पानी पी सकते हैं या नहीं? जानें जरूरी नियम और पारण का समय -
Jitiya Vrat Katha: जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत में जरूर करें इस कथा का पाठ, पूरे साल सुरक्षित रहेगी संतान -
Jitiya Vrat 2025 Wishes: संतान की लंबी उम्र...जितिया व्रत के अवसर पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
Lal Bahadur Shastri Jayanti 2026: क्या आप जानते हैं लाल बहादुर शास्त्री का असली नाम? जानें 10 रोचक तथ्य -
Gandhi Jayanti 2026: गांधी जी को 'बापू' क्यों कहा जाता है? जानें किसने दी थी 'महात्मा' की उपाधि -
Gandhi Jayanti Wishes 2026: हाथ में लाठी थी...गांधी जयंती पर अपनों को ये खास मैसेज भेजकर दें शुभकामनाएं -
Gandhi Jayanti 2026 Essay, Speech: गांधी जयंती पर ऐसे करें भाषण और निबंध की तैयारी, मिलेगा इनाम -
Pitru Paksha 2026: पितृपक्ष में खीर बनाते समय न करें ये गलती, नहीं तो नाराज हो सकते हैं पितर, जानें सही विधि -
Koffee With Karan 9: करण जौहर का ‘कॉफी विद करण’ 22 साल बाद होगा खत्म, जानें कब और कहां स्ट्रीम होगा आखिरी सीजन -
Jitiya Vrat 2026: कब है जितिया (जीवित्पुत्रिका) व्रत? जानें सही तारीख, और नहाय-खाय से लेकर पारण तक का समय
World Earth Day 2022: जानें नष्ट होती पृथ्वी को बचाने की ये मुहिम कैसे हुई शुरू
हम जिस घर में रहते हैं वहां की देखभाल हम अच्छी तरह करते हैं। इसी प्रकार पृथ्वी भी हम सभी का घर है, फिर इसके प्रति इतनी लापरवाही क्यों की जाती है। पेड़ों और जगंलो की तेजी से हो रही कटाई, बढ़ती हुई गाड़ियों की संख्या आदि को देखकर लगता है कि हम पर्यावरण के महत्व को समझ ही नहीं पाए हैं। इसका परिणाम लू, बाढ़, सूखा, तूफान आदि के रूप में हमें देखने को मिलता है।
यही वजह है कि अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन (Gaylord Nelson) ने 1970 में विश्व पृथ्वी दिवस (Earth Day) की स्थापना की थी। दूषित हो रही पृथ्वी को देखते हुए हर साल 22 अप्रैल को अर्थ डे मनाया जाता है ताकि नष्ट हो रही पृथ्वी को बचाया जा सके।
इस बार 22 अप्रैल, शुक्रवार को कुल 199 से ऊपर देश मिलकर यह दिवस मनाएंगे। आइए पृथ्वी दिवस के बारे में आपको विस्तार से बताते हैं।

पर्यावरण शिक्षा के रूप में हुई शुरुआत
जब दूषित हो रही पृथ्वी को देखते हुए कई बड़े बड़े वैज्ञानिकों ने भी चिंता जतानी शुरू कर दी थी तब अमेरिकी सीनेटर जेराल्ड नेल्सन ने एक सेमिनार में 1970 की वसंत में पर्यावरण पर राष्ट्रव्यापी जन साधारण प्रदर्शन का ऐलान किया था। इस राष्ट्रव्यापी जन आंदोलन में अमेरिका के कई स्कूलों और कॉलेजों ने हिस्सा लिया था। नेल्सन का प्रयास रंग लाया और 22 अप्रैल, 1970 से विश्व पृथ्वी दिवस की शुरुआत हुई।
इस आंदोलन के माध्यम से नेल्सन ने लोगों का ध्यान प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, ग्लोबल वार्मिंग जैसे गंभीर मुद्दों की तरफ खींचा।

संयुक्त राष्ट्र का मिला समर्थन
पहले पूरी दुनिया में साल में दो दिन (21 मार्च और 22 अप्रैल) को पृथ्वी दिवस मनाया जाता था। जब 1970 में पहली बार पृथ्वी दिवस मनाया गया था, तब से लेकर आज तक पूरी दुनिया इसी दिन पृथ्वी दिवस मनाती है। इस दिवस का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना है। यही वजह है कि इस प्रयास को संयुक्त राष्ट्र ने भी सराहा और 2009 में पृथ्वी दिवस को संयुक्त राष्ट्र का भी समर्थन मिला।

अमेरिका में ट्री डे
22 अप्रैल को अमेरिका ट्री डे के रूप में भी मनाता है। बढ़ते हुए ग्लोबल वार्मिंग को देखते हुए और पर्यावरण की सुरक्षा के लिए इस दिन लोगों को पेड़ पौधे लगाने के लिए प्रेरित किया जाता है।

हर साल एक नई थीम
प्रत्येक वर्ष अर्थ डे संगठन एक नई थीम के आता है। साल 2022 का थीम है "हमारी धरती, हमारा स्वास्थ्य" यानी जैसा हाल हमारी पृथ्वी का रहेगा, वैसी ही हमारी सेहत भी रहेगी। साफ, स्वच्छ और अच्छी धरती मतलब सभी सेहतमंद।

आप भी दें अपना योगदान
विश्व पृथ्वी दिवस को सफल बनाने के लिए आप भी अपना योगदान दे सकते हैं। इसके लिए आपको पेड़ पौधे लगाने पर जोर देना होगा। साथ ही आपको प्लास्टिक का इस्तेमाल करने से बचना होगा। अपने आसपास का वातावरण साफ रखें और जितना हो सके बिजली की बचत करें।



Click it and Unblock the Notifications
