Latest Updates
-
40 की उम्र में दूसरी बार मां बनीं सोनम कपूर, सोशल मीडिया पर दी खुशखबरी, जानिए बेटा हुआ या बेटी -
घर में छिपकलियों ने मचा रखा है आतंक? भगाने के लिए आजमाएं ये 5 घरेलू उपाय, फिर कभी नहीं दिखेंगी दोबारा -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes In Marwari: आ धरती म्हारे राजस्थान री...इन मारवाड़ी मैसेज से अपनों को दें बधाई -
Rajasthan Diwas 2026 Wishes: मरुधरा की रेत...राजस्थान दिवस के मौके पर प्रियजनों को भेजें ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 March 2026: सोमवार को महादेव बरसाएंगे इन 4 राशियों पर कृपा, जानें अपना भाग्यफल -
Yoga For Arthritis: गठिया के दर्द से हैं परेशान तो रोज करें ये 5 योगासान, जल्द ही मिलेगी राहत -
फैटी लिवर होने पर भूलकर भी ना खाएं ये 5 चीजें, वरना झेलने पड़ेंगे गंभीर नुकसान -
March Pradosh Vrat 2026: मार्च महीने का अंतिम प्रदोष व्रत कब है? जानें तारीख, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
हाथ से इन 5 चीजों का गिरना है बड़े संकट का संकेत, कहीं आप तो नहीं कर रहे नजरअंदाज? -
School Holiday April 2026: छुट्टियों की भरमार! गुड फ्राइडे से आंबेडकर जयंती तक, देखें अवकाश लिस्ट
दुनिया का सबसे पुराना वाक्य खोजा गया, 4,000 साल पहले कंघी पर लिखी जूं की चेतावनी
सबसे पहले पता चलने वाले एल्फाबेट में लिखे गए सबसे पुराने वाक्य की खोज की गई है जो इज़राइल में एक पुरातात्विक खुदाई में मिली। ये एक हाथीदांत कंघी में खुदी हुई है जो सिर की जूं के बारे में चेतावनी देती है। प्रकाशित एक नए अध्ययन के अनुसार, कंघी अनुमानित 3,700 साल पुरानी थी।
विशेषज्ञों ने जेरूसलम जर्नल ऑफ आर्कियोलॉजी में बताया, 'ये दांत बालों और दाढ़ी की जूंओं को जड़ से खत्म कर दें', कनानी लिपि में ये शिलालेख लिखा गया है। कंघी के ब्रिसल्स के अवशेषों में भी जूं के सूक्ष्म साक्ष्य भी पाए गए हैं।

कंघी की खुदाई 2016 में तेल लाकिश स्थान पर हुई
कंघी की खुदाई 2016 में यरुशलम से लगभग 25 मील दूर तेल लाकिश स्थान पर हुई थी। लेकिन इज़राइल के हिब्रू विश्वविद्यालय के एक शोधकर्ता ने पिछले साल के अंत में ही नक़्क़ाशी की खोज की थी।
कनानी लेखन की पिछली खोज कुछ अक्षरों या एक शब्द की थी, लेकिन ये पहली बार है जब शोधकर्ताओं ने एक पूर्ण वाक्य पाया है। अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता हिब्रू विश्वविद्यालय के योसेफ गारफिंकेल ने कहा- ये एक बहुत ही मानवीय पाठ है। ये हमें दिखाता है कि लोग वास्तव में नहीं बदले, और जूँ वास्तव में नहीं बदले।

दो तरह के ब्रिसल्स
ये कंघी 3.5 सेमी गुणा 2.5 सेमी है और इसे पहली बार 2017 में उत्खनन स्थल पर खोजा गया था। विश्लेषण से पता चला है कि इसके एक छह बड़े ब्रिसल्स थे जो एक तरफ व्यापक रूप से फैले हुए थे और दूसरी तरफ 14 महीन ब्रिसल्स थे।

कनानी शिलालेखों का क्यूमलेटिव डॉक्योमेंटेशन
कुछ विद्वानों ने प्रस्तावित किया था कि यूरोप, मिडिल ईस्ट, और एशिया के कुछ हिस्सों में यूज किए जाने वाले अधिकांश ऐतिहासिक और आधुनिक अक्षरों की जड़ें उन लिपियों में निहित हैं जो उस अवधि के आसपास दक्षिणी लेवेंट में उभरी थीं। पिछले कई दशकों में इस क्षेत्र की खुदाई करने वाली पुरातत्व टीमों ने दर्जनों कनानी शिलालेखों का क्यूमलेटिव डॉक्योमेंटेशन किया है, लेकिन वे सभी दो या तीन शब्दों से बने थे।
अब तक, एल्फाबेट के पहले 1,000 सालों से, हमारे पास केवल खंडित शिलालेख हैं, एक शब्द, दो शब्द, तीन शब्द, कुछ अक्षर, योसेफ गारफिंकेल, हिब्रू विश्वविद्यालय में पुरातत्व के प्रोफेसर और टीम के एक अन्य सदस्य ने बताया।
(All Images courtesy- Israel Antiquities Authority and Hebrew University )



Click it and Unblock the Notifications











