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Surajkund Mela 2026: आज से शुरू हुआ सूरजकुंड मेला, जानें समय, टिकट कीमत और ऑनलाइन बुकिंग का तरीका
Surajkund Mela 2026: अगर आप सर्दी की गुनगुनी धूप में हस्तशिल्प की खूबसूरती, लोक संगीत की धुन और देश-दुनिया के जायकों का एक साथ आनंद लेना चाहते हैं, तो फैमली मेंबर और दोस्तों से कहिए हम तो झोला उठाकर चले... जी हां क्योंकि सूरजकुंड मेला सज चुका है और आज से शुरू हो गया है। अरे कंफ्यूज न हों और जान लें कि दुनिया का सबसे बड़ा शिल्प मेला, '39वां अंतरराष्ट्रीय सूरजकुंड हस्तशिल्प मेला' आज यानी 31 जनवरी से हरियाणा के फरीदाबाद में सज चुका है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने औपचारिक रूप से इस उत्सव का उद्घाटन किया, जिसके बाद अब अगले 16 दिनों तक सूरजकुंड की गलियां देश-विदेश की कलात्मक खुशबू से महकेंगी।
आप भी इस सुहावने मौसम में परिवार-दोस्तों या करीबीयों के साथ कुछ खास पल बिताना चाहते हैं तो इससे बेहतर जगह कोई नहीं। साथ ही बच्चों संग खास जगह जाने का प्लान बना रहे हैं लेकिन प्लेस डिसाइड नहीं कर पा रहे तो भी सूरजकुंड मेला परफेक्ट है।
यहां आप स्वादिष्ट भोजन, कला-संस्कृति का अनोखा मिश्रण और झूले का आनंद सब एक ही जगह पर उठा सकते हैं। आइए फिर बिना देर किए जान लेते हैं सूरजकुंड मेले का समय, टिकट की कीमत से लेकर बुकिंग तक का पूरा प्रोसेस जिससे आपको किसी तरह की कोई समस्या न हो।

क्या है इस बार की थीम
इस साल का सूरजकुंड मेला बेहद खास है क्योंकि यहां उत्तर और पूर्वोत्तर भारत का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। इस बार की थीम मेघालय, उत्तर प्रदेश और मिस्र के कोलेब्रेशन है। एक तरफ जहां उत्तर प्रदेश के स्टॉल्स पर आपको बनारसी साड़ियां, लखनऊ की चिकनकारी और मुरादाबाद के पीतल के बर्तनों की चमक दिखेगी, वहीं दूसरी तरफ मेघालय के कलाकार बांस से बनी अद्भुत कलाकृतियां और अपनी जनजातीय विरासत को पेश कर रहे हैं।
चौपाल से फूड कोर्ट तक
सूरजकुंड मेले का असली मजा इसके 'फूड कोर्ट' के बिना अधूरा है। यहां एक ही छत के नीचे आपको राजस्थानी दाल-बाटी-चूरमा, पंजाब के सरसों का साग-मक्के की रोटी, मेघालय का खास 'जादोह' और मिस्र के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद मिलेगा। शाम के समय मुख्य 'चौपाल' पर होने वाले रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम आपकी थकान मिटा देंगे।
मिस्र (Egypt) की संस्कृति का दिखेगा जादू
सूरजकुंड मेले की वैश्विक पहचान को इस बार 'पार्टनर नेशन' के तौर पर मिस्र (Egypt) नई ऊंचाई दे रहा है। मेले के अंतरराष्ट्रीय पवेलियन में आप मिस्र के मशहूर पिरामिडों वाली संस्कृति, वहां के विशेष कपड़ों और पारंपरिक कला को देख सकेंगे। इसके अलावा अफ्रीका, कजाकिस्तान और उज्बेकिस्तान समेत 20 से अधिक देशों के शिल्पकार अपनी कला का प्रदर्शन करने यहां पहुंचे हैं।
कितने का है टिकट
मेले के प्रबंधन ने पर्यटकों की सुविधा के लिए टिकट की कीमतों को कम से कम रखा है। अगर आप मेला देखने जाने का प्लान बना रहे हैं तो सुबह 10:30 बजे से रात 8:30 बजे तक मेले का आनंद ले सकते हैं। नीचे टिकट रेट और ऑनलाइन का तरीका चेक कर लें-
वर्किंग डेज (सोमवार-शुक्रवार): ₹120 प्रति व्यक्ति।
वीकेंड (शनिवार-रविवार): ₹180 प्रति व्यक्ति।
रियायत: स्कूल-कॉलेज के छात्रों, वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांगों को पहचान पत्र दिखाने पर टिकट में 50% की छूट दी जाएगी।
कैसे करें ऑनलाइन बुक
अगर आप गेट पर टिकट खिड़की की लंबी लाइनों में खड़े होकर अपना समय बर्बाद नहीं करना चाहते, तो डिजिटल तरीका अपनाएं।
BookMyShow: यह सबसे आसान तरीका है। ऐप पर जाकर 'Surajkund Mela' सर्च करें और अपनी तारीख चुनकर पेमेंट करें।
DMRC ऐप: दिल्ली मेट्रो के 'Momentum 2.0' ऐप के जरिए भी आप सीधे टिकट खरीद सकते हैं।
QR कोड: मेले के मुख्य द्वारों पर बड़े-बड़े QR कोड पोस्टर लगाए गए हैं, जिन्हें स्कैन करके मौके पर ही ई-टिकट लिया जा सकता है।
कैसे पहुंचे मेले में
अगर आप पार्किंग के झंझट में नहीं पड़ना चाहते हैं को बदरपुर मेट्रो स्टेशन का टिकट लें और वहां उतर जाएं। इसके बाद बस स्टॉप से बल्लभगढ़ की बस लें जिसका किराया 25 रुपये लगेगा और समय आधा घंटा। वहीं अगर आप अपनी गाड़ी से जा रहे हैं तो वहां पार्किंग की भी सुविधा उपल्ब्ध है। और किसी दूसरे राज्य या देश से आ रहे हैं तो एयरपोर्ट से सीधे सूरजकुंड मेले के लिए कैब आसानी से मिल सकती है।
जरूरी टिप्स
भारी ट्रैफिक से बचने के लिए मेट्रो (बदरपुर बॉर्डर स्टेशन) का इस्तेमाल करें।
मेले में पैदल काफी चलना पड़ता है, इसलिए आरामदायक जूते पहनकर आएं।
प्लास्टिक बैग्स का उपयोग प्रतिबंधित है, अपना कपड़े का थैला साथ लाएं।



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