Latest Updates
-
शाम 7 बजे के बाद गलती से भी मत करना ये 5 काम, बढ़ता है हार्ट अटैक का रिस्क -
बिना मारे चूहों को घर से भगाने का देसी तरीका! आटे में मिलाकर रख दें ये एक चीज, फिर कभी नहीं आएंगे नजर -
Pahadi Crispy Snack Singal Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड का पारंपरिक और कुरकुरा स्वाद -
कौन हैं पंकज त्रिपाठी के भाई बिजेंद्र नाथ तिवारी? आखिर क्यों हुआ जानलेवा हमला, गंभीर हालत में AIIMS में भर्ती -
Swapna Shastra: सपने में किन्नर को देखना होता है शुभ और अशुभ संकेत? जानिए इसका मतलब -
Cooling Summer Lunch Curd Rice Recipe: गर्मियों में पेट को ठंडक देने वाली सबसे आसान रेसिपी -
काले धब्बों वाले प्याज खाना चाहिए या नहीं? सेहत पर क्या होगा असर, यहां जानें इसका सही जवाब -
Ambubachi Mela 2026: कामाख्या मंदिर में शुरू हुआ अंबुबाची मेला, 3 दिनों तक बंद रहेंगे कपाट, जानें इसका महत्व -
Soft Dahi Paratha Recipe: घर पर बनाएं एकदम नरम और स्वादिष्ट दही का पराठा -
Aaj Ka Rashifal 22 June 2026: सोमवार को इन 5 राशियों पर बरसेगी महादेव की कृपा, धन लाभ के प्रबल योग
सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का निधन, जानें अब परिवार में कौन-कौन?
Sushma Swaraj Swaraj Kaushal Family Tree: पूर्व विदेश मंत्री सुषमा स्वराज के पति और बीजेपी सांसद बांसुरी स्वराज के पिता स्वराज कौशल का आज यानी 4 दिसंबर 2025 को निधन हो गया। स्वराज कौशल ने 73 साल की आयु में अंतिम सांस ली। दिल्ली बीजेपी ने उनके निधन की पुष्टि करते हुए देश को यह दुखद सूचना दी। स्वराज कौशल देश के प्रतिष्ठित और वरिष्ठ अधिवक्ताओं में शुमार थे।
उन्होंने मिजोरम के राज्यपाल के रूप में भी जिम्मेदारी निभाई थी और सार्वजनिक जीवन में उनकी पहचान ईमानदार, सख्त लेकिन संवेदनशील प्रशासक की रही। स्वराज कौशल के निधन के बाद सोशल मीडिया पर इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि अब उनके परिवार में कौन-कौन हैं।
आइए जान लेते हैं उनके करियर से लेकर सुषमा स्वराज संग रिश्ते तक के बारे में। ये भी जान लेते हैं कि स्वराज कौशल का अंतिम संस्कार कब और कहां हुआ।

आज हुआ स्वराज कौशल का निधन
सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का निधन आज यानी 4 दिसंबर 2025 को हो गया है। उनका निधन राजनीति जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। बांसुरी स्वराज के सिर से पहले मां का साया उठा और अब पिता का साया भी उठ गया है। सभी राजनेताओं ने भी इस भारी क्षति पर शोक प्रकट किया है और भावभीनी श्रृद्धांजलि दी है।
कहां हुआ अंतिम संस्कार?
स्वराज कौशल के निधन से राजनीति जगत में शोक की लहर है। बीजेपी पार्टी के अनुसार, सुषमा स्वराज के पति स्वराज कौशल का अंतिम संस्कार आज शाम 4:30 बजे लोधी रोड श्मशान घाट पर किया गया। कानून और राजनीति दोनों क्षेत्रों में मजबूत छाप छोड़ने वाले स्वराज कौशल का निधन देश के लिए एक गहरी क्षति माना जा रहा है।

सुषमा स्वराज और कौशल स्वराज का फैमिली ट्री
स्वराज कौशल और सुषमा स्वराज की इकलौती संतान बांसुरी स्वराज हैं। उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा प्राप्त की और इनर टेम्पल से बैरिस्टर बनीं। वर्तमान में वे नई दिल्ली लोकसभा सीट से सांसद हैं। बांसुरी स्वराज की उम्र 41 साल हो गई है लेकिन अभी तक उन्होंने शादी नहीं की है। पिता की मौत के बाद बांसुरी स्वराज अकेली रह गई हैं।
37 साल की उम्र में संभाली थी राज्यपाल की कमान
स्वराज कौशल ने बेहद कम उम्र में वह मुकाम हासिल किया, जिसकी कल्पना कई दिग्गज नेता भी नहीं कर पाते। वर्ष 1990 में उन्हें मिजोरम का राज्यपाल नियुक्त किया गया, और उस समय उनकी उम्र मात्र 37 वर्ष थी। वे देश के इतिहास में सबसे कम उम्र में राज्यपाल बनने वाले व्यक्तियों में शामिल हैं। 1990 से 1993 तक उन्होंने इस पद पर प्रभावी कार्य किया। इसके बाद वे 1998 से 2004 तक हरियाणा से राज्यसभा सांसद रहे। सुप्रीम कोर्ट में वे सीनियर एडवोकेट थे और उन्होंने अनेक हाई-प्रोफाइल मामलों में अपना पक्ष रखा।
मिजोरम में किया शांति समझौता
स्वराज कौशल को सिर्फ पद के लिए नहीं, बल्कि उनके कार्यों के लिए याद किया जाता है। पूर्वोत्तर भारत में मिजो शांति समझौते (Mizo Peace Accord) में उनका योगदान ऐतिहासिक माना जाता है। जब मिजोरम उग्रवाद और हिंसा की आग में जल रहा था, तब उन्होंने अंडरग्राउंड मिजो नेता लालडेंगा के साथ बातचीत की शुरुआत की।
उनकी कुशल रणनीति, संवाद क्षमता और दृढ़ इच्छाशक्ति ने दशकों पुराने संघर्ष को समाप्त करने में अहम भूमिका निभाई। इसी कारण उन्हें मिजोरम में शांति लाने वाला 'हीरो' भी कहा जाता है।
इमरजेंसी के दौरान कोर्ट में शुरू हुई थी प्रेम कहानी
सुषमा स्वराज और स्वराज कौशल की प्रेम कहानी किसी फिल्मी कहानी से कम नहीं थी। यह दो विचारधाराओं का संगम था - सुषमा स्वराज जनसंघ (अब बीजेपी) की सोच से जुड़ी थीं, वहीं स्वराज कौशल समाजवादी पृष्ठभूमि से आते थे। दोनों की मुलाकात इमरजेंसी के दौरान 1975 में कोर्टरूम में हुई, जब वे युवा वकील के रूप में जॉर्ज फर्नांडिस की लीगल डिफेंस टीम का हिस्सा थे।
केस लड़ते-लड़ते मुलाकातें नजदीकियों में बदलीं और विचारधाराओं की दीवारें टूट गईं। आखिरकार 13 जुलाई 1975 को उन्होंने विवाह कर लिया, और प्रसिद्ध नेता जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने स्वयं उन्हें आशीर्वाद दिया। सुषमा स्वराज अक्सर कहा करती थीं कि उनकी सफलता के पीछे स्वराज कौशल का अथाह सहयोग और समर्थन रहा।



Click it and Unblock the Notifications