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तीन पद्म पुरस्कार और 3 ग्रैमी अवॉर्ड, उस्ताद जाकिर हुसैन के नाम हैं कई पुरुस्कार, यहां देखें लिस्ट
Zakir Hussain Awards List : तबले पर अपनी अंगुलियों से संगीत का जादू बिखेरने वाले उस्ताद जाकिर हुसैन का सोमवार सुबह 73 वर्ष की आयु में निधन हो गया, जिससे कला जगत में शोक की लहर है। जाकिर हुसैन को तबले का हुनर विरासत में अपने पिता अल्ला रक्खा खान से मिला, जो खुद एक मशहूर तबला वादक थे। उनकी तबले पर थाप की दुनिया दिवानी थी। आपको यकीन नहीं होगा कि जाकिर हुसैन ने मात्र 11 वर्ष की आयु में अपना पहला कॉन्सर्ट किया।
उन्हें उनकी कला और प्रतिभा की वह से कई प्रतिष्ठित पुरस्कारों से सम्मानित किया जा चुका है। उनका जाना संगीत जगत के लिए एक अपूरणीय क्षति है। आइए जानते हैं उस्ताद जाकिर हुसैन के नाम पर कौनसे कौनसे पुरस्कार हैं।

11 की उम्र में पहला कॉन्सर्ट किया
उस्ताद जाकिर हुसैन का जन्म 9 मार्च 1951 को मुंबई में हुआ था। उन्होंने 11 साल की उम्र में अमेरिका में अपना पहला कॉन्सर्ट किया, जहां से उन्होंने खुद को कला जगत में स्थापित करना शुरू किया। 1973 में उनका पहला एलबम लिविंग इन द मैटेरियल वर्ल्ड रिलीज हुआ। इसके बाद उन्होंने अपनी कला और प्रतिभा के दम पर दुनियाभर में ख्याति प्राप्त की।
पद्म श्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण से सम्मानित
उस्ताद जाकिर हुसैन को भारतीय कला जगत में उनके अतुलनीय योगदान के लिए देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्राप्त हुए। उन्हें 1988 में पद्म श्री, 2002 में पद्म भूषण, और 2023 में पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। ये प्रतिष्ठित सम्मान उनकी विलक्षण प्रतिभा और भारतीय शास्त्रीय संगीत को वैश्विक स्तर पर पहचान दिलाने के लिए दिए गए थे।
मिल चुके है 3 ग्रैमी अवॉर्ड
उस्ताद जाकिर हुसैन को कुल पांच ग्रैमी पुरस्कार मिल चुके हैं। पहला ग्रैमी उन्हें 1992 में मिकी हार्ट द्वारा निर्मित एल्बम प्लैनेट ड्रम के लिए 'सर्वश्रेष्ठ विश्व संगीत एल्बम' श्रेणी में मिला। 2009 में उन्होंने ग्लोबल ड्रम प्रोजेक्ट के लिए 'समकालीन विश्व संगीत एल्बम' श्रेणी में दूसरा ग्रैमी जीता। 4 फरवरी 2024 को, 66वें वार्षिक ग्रैमी अवार्ड्स में उन्हें तीन और पुरस्कार मिले। पहला ग्रैमी पश्तो के लिए, दूसरा बेस्ट कंटेम्पररी इंस्ट्रूमेंटल एल्बम के लिए ऐज वी स्पीक पर, और तीसरा दिस मोमेंट एल्बम में विश्व-फ्यूजन बैंड शक्ति के साथ सहयोग के लिए। उनके ये पुरस्कार संगीत में उनकी असाधारण प्रतिभा को दर्शाते हैं।
एक्टिंग भी कर चुके हैं
उस्ताद जाकिर हुसैन ने फिल्मों में भी अभिनय किया, जिनमें ब्रिटिश फिल्म हीट एंड डस्ट और 1998 की बॉलीवुड फिल्म साज शामिल हैं, जिसमें शबाना आजमी उनके साथ नजर आई थीं। उन्हें मुगल ए आजम में सलीम के छोटे भाई का रोल भी ऑफर हुआ था, लेकिन उनके पिता ने संगीत पर ध्यान देने की सलाह दी।



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