Latest Updates
-
Diwali 2026: कब करें लक्ष्मी पूजन? श्री देवकीनंदन ठाकुर जी ने बताया शुभ मुहूर्त और समृद्धि का उपाय -
Happy Diwali 2026: परिवार और दोस्तों को संस्कृत में भेजें ये मंगलमय संदेश -
दिवाली पर घी, सरसों या तिल के तेल का दीपक जलाना है शुभ? आचार्य वसंत विजय महाराज से जानें सही नियम -
दिवाली के दिन अगर पीरियड हो जाए तो कैसे करें पूजा? जानें मां लक्ष्मी और गणेश पूजन की धार्मिक मान्यताएं -
Choti Diwali 2026: पति-पत्नी के लिए प्यार भरे शुभकामना संदेश और रोमांटिक विशेज -
नरक चतुर्दशी 2026: जब श्रीकृष्ण ने नरकासुर का वध कर 16,000 राजकुमारियों को दिलाई मुक्ति, जानें पौराणिक कथा -
रूप चौदस 2026: बहू और बेटी को भेजें ये खूबसूरत शुभकामना संदेश, रिश्तों में घोलें प्यार और अपनापन -
Narak Chaturdashi 2026: बाल और नाखून काटना क्यों है अशुभ? निरोगी रहने के लिए कर लें ये उपाय -
धनतेरस पर धनिया खरीदने के बाद करें यह एक उपाय, घर में बनी रहेगी बरकत -
धनतेरस पर 13 दीपक क्यों जलाए जाते हैं? प्रदोष काल में पढ़ें यमदीपदान की कथा
Tamil Nadu train fire: तमिलनाडु ट्रेन हादसे से मचा हड़कंप, जानिए भारत के 5 सबसे खतरनाक रेल हादसे
5 Deadliest Train Accidents In India : तमिलनाडु के तिरुवल्लूर रेलवे स्टेशन के पास रविवार सुबह एक बड़ा ट्रेन हादसा हुआ, जिसने रेलवे सुरक्षा पर फिर से सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हादसा उस समय हुआ जब मनाली से जोलारपेट होते हुए कर्नाटक जा रही एक डीजल मालगाड़ी पटरी से उतर गई और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। शुरुआत में केवल पांच बोगियों में आग लगी थी, लेकिन बाद में आग ने 18 बोगियों को अपनी चपेट में ले लिया। इस मालगाड़ी में कुल 52 बोगियां थीं।
जानकारी के मुताबिक आग लगते ही 40 बोगियों को तुरंत जलती हुई ट्रेन से अलग कर लिया गया, जिससे बड़ी दुर्घटना टल गई। हालांकि आग लगने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, लेकिन इस घटना ने एक बार फिर रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था को कटघरे में खड़ा कर दिया है।
आइए जानते हैं भारत की 5 सबसे भीषण रेल दुर्घटनाओं के बारे में, जिन्होंने न केवल सैकड़ों जिंदगियां छीन लीं बल्कि रेलवे की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न भी खड़े कर दिए।

1. बिहार रेल हादसा (1981)
6 जून 1981 को बिहार में एक भयानक रेल हादसा हुआ, जिसे भारत का सबसे बड़ा ट्रेन एक्सीडेंट माना जाता है। एक पैसेंजर ट्रेन, जिसमें 800 से अधिक यात्री सवार थे, बागमती नदी पर बने पुल को पार कर रही थी, तभी चक्रवात के कारण ट्रेन पटरी से उतर गई और 7 डिब्बे नदी में गिर गए। इस हादसे में अनुमानित 500 से 800 लोगों की जान चली गई। कई शव तो कभी बरामद ही नहीं हो सके, जिससे यह हादसा और भी रहस्यमय बन गया।
2. फिरोजाबाद रेल हादसा (1995)
20 अगस्त 1995 को उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने खड़ी कलिंदी एक्सप्रेस को टक्कर मार दी। इस भीषण टक्कर में करीब 350 लोगों की मौत हो गई और सैकड़ों घायल हुए। यह हादसा एक सिग्नलिंग गड़बड़ी और मानवीय गलती के कारण हुआ था। इस दुर्घटना ने रेलवे के सुरक्षा प्रबंधन की गंभीर खामियों को उजागर किया।
3. गैसल ट्रेन हादसा (1999)
2 अगस्त 1999 को पश्चिम बंगाल के गैसल स्टेशन के पास ब्रह्मपुत्र मेल और अवध असम एक्सप्रेस में टक्कर हो गई। इस हादसे में 285 से अधिक लोगों की मौत हुई और 300 से ज्यादा घायल हुए। यह दुर्घटना सिग्नलिंग सिस्टम की विफलता की वजह से हुई थी, जिसमें दोनों ट्रेनें एक ही ट्रैक पर आ गई थीं। इस घटना ने रेलवे के तकनीकी इंफ्रास्ट्रक्चर पर सवाल खड़े किए।
4. राजधानी एक्सप्रेस हादसा (2002)
सितंबर 2002 में कोलकाता से नई दिल्ली जा रही राजधानी एक्सप्रेस बिहार के औरंगाबाद जिले में दुर्घटना का शिकार हो गई। ट्रेन धावे नदी पर बने पुल से गुजर रही थी, तभी कुछ डिब्बे पटरी से उतरकर नदी में गिर गए। इस हादसे में 120 से ज्यादा लोगों की मौत हुई। इसे साजिश या तोड़फोड़ से जुड़ा बताया गया, लेकिन जांच में स्पष्टता नहीं मिल सकी।
5. बालासोर ट्रेन हादसा (2023)
2 जून 2023 को ओडिशा के बालासोर जिले में हुआ हादसा 21वीं सदी का सबसे दर्दनाक हादसा साबित हुआ। इसमें बेंगलुरु-हावड़ा सुपरफास्ट एक्सप्रेस, शालीमार-चेन्नई कोरोमंडल एक्सप्रेस और एक मालगाड़ी शामिल थीं। कोरोमंडल एक्सप्रेस ने एक खड़ी मालगाड़ी को टक्कर मारी, जिससे डिब्बे पलट गए और दूसरी ट्रेन से जा भिड़े। इस त्रासदी में 296 से अधिक लोग मारे गए और 1200 से ज्यादा घायल हुए।



Click it and Unblock the Notifications
