Latest Updates
-
छोटी हाइट वाली लड़कियों पर सबसे ज्यादा जंचते हैं ये आउटफिट, दिखती हैं सुपर स्टाइलिश और लंबी -
बरसात में इन 5 लोगों को गलती से भी नहीं खाना चाहिए दही, वरना बिगड़ सकती है सेहत -
Ravi Pradosh Vrat Katha: इस कथा के बिना अधूरा है रवि प्रदोष व्रत, जानें पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और शिव आरती -
World Paper Bag Day 2026: कब और क्यों हुई पेपर बैग दिवस की शुरुआत? जानें इसका दिलचस्प इतिहास -
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी
Tija Pora 2025 Wishes: छत्तीसगढ़ के पावन पर्व तीजा पोरा के गाड़ा गाड़ा बधाई
Tija Pora Tihar ki Badhai : हरतालिका तीज का पर्व पूरे उत्तर और मध्य भारत में धूमधाम से मनाया जाता है। यह विशेष रूप से सुहागन महिलाओं द्वारा रखा जाने वाला निर्जला व्रत है, जिससे अखंड सौभाग्य और परिवार की खुशहाली की कामना की जाती है। छत्तीसगढ़ राज्य में इसे तीजा पोरा के रूप में मनाया जाता है। इस वर्ष 14 सितम्बर को पोरा त्यौहार बड़े हर्षोल्लास के साथ मनाया गया, जिसमें महिलाओं ने तरह-तरह के पकवान और व्यंजन बनाए। 18 सितम्बर को पूरे राज्य की महिलाएं निर्जला व्रत रखेंगी और देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना करेंगी।
इस अवसर पर घरों को सजाया जाता है, लोक गीत गाए जाते हैं और बच्चों के लिए मिट्टी के बैलों जैसे खेलों का आयोजन होता है। साथ ही, प्रस्तुत हैं छत्तीसगढ़ी भाषा में तीजा पोरा के बधाई संदेश।

तीजा तिहार की तिथि
तीजा तिहार छत्तीसगढ़ और छत्तीसगढ़ियों का प्रमुख त्यौहार है। इसे भादो माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को मनाया जाता है। तृतीया तिथि होने के कारण इसे तीजा कहा जाता है। 25 अगस्त से यह त्यौहार शुरु हो चुका है। यह त्यौहार खासकर महिलाओं द्वारा मनाया जाता है और खुशहाली, स्वास्थ्य और परिवार की समृद्धि के लिए विशेष पूजा और उत्सव के रूप में आयोजित होता है।
हर सुहागिन जाती है अपने मायके
हर सुहागिन अपनी खुशी और त्योहार की भावना लेकर अपने मायके जाती है। सभी विवाहित बेटियां अपने माता-पिता के घर आती हैं और उनके स्वागत के लिए ठेठरी, खुर्मी, बड़ा, अइढ़सा जैसे तरह-तरह के स्थानीय पकवान बनाए जाते हैं। महिलाएं अपने गांव लौटकर बचपन की यादें ताजा करती हैं और उन सहेलियों से भी मिलती हैं जिनसे शादी के बाद मिलना मुश्किल हो जाता है। तीजा का यह पर्व महिलाओं के मिलन, खुशियों और परंपरा का प्रतीक बन जाता है। इस दिन पारंपरिक लोक गीत गाए जाते हैं, बच्चे मिट्टी से बने बैलों से खेलते हैं, और घरों को रंग-बिरंगे तोरण और फूलों से सजाया जाता है। पूरे गांव में इस दिन खुशियों और उत्सव की छटा देखने को मिलती है।
तीजा के कुछ बधाई सन्देश (Tija Pora Tihar ki Badhai)
1. चंदन की खुशबू, बादलों की फुहार
मुबारक हो आप मन ला तीजा के तिहार!
2. शिव जी की होवे कृपा,
मां पार्वती के मिले आशीर्वाद,
सब्बो संगवारी मन मिल के मनाएं तीजा तिहार!
तीजा पोरा के गाड़ा गाड़ा बधाई!
3. नंदिया-बइला चलाबो
तीजा-पोरा तिहार मनाबो!
जम्मो तिजहारिन मन ला तीजा तिहार के अब्बड़ बधई।
4. तीजा पोरा के पावन अवसर मा आप मन ला ढेर सारा सुख, समृद्धि अउ खुशहाली के बधाई!
5. तीजा पोरा के ये शुभ दिन मा आप मन के घर मा खुशहाली अउ प्रेम के उजियारा बरे रहे!
6. पावन तीजा पोरा के दिन, आप मन ला सुख-शांति अउ परिवार के समृद्धि के हार्दिक बधाई!
7. तीजा पोरा के पर्व आप मन ला जीवन मा नई उमंग, नई खुशियाँ अउ स्वास्थ्य ले भर दे!
8. तीजा पोरा के शुभ अवसर मा आप मन के जीवन मा खुशहाली, प्रेम अउ सौभाग्य बनी रहे!



Click it and Unblock the Notifications