Latest Updates
-
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख -
कौन हैं 'हनुमान अंश' की 21 साल की प्रोड्यूसर अनुप्रिया नागर? विदेश की नौकरी छोड़ बनाई ब्लॉकबस्टर फिल्म -
दुआ के दूसरे बर्थडे पर दीपिका-रणवीर ने कराया मैटरनिटी फोटोशूट, बेबी बंप फ्लॉन्ट करते हुए शेयर की तस्वीरें -
Laddu Gopal Chatthi 2026: 9 या 10 सितंबर, कब है लड्डू गोपाल की छठी? नोट करें सही तिथि, पूजा विधि और भोग -
Krishna Chhathi 2026 Wishes: माखन-मिश्री का भोग...कृष्ण जी की छठी पर अपनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
वायरल बुखार, खांसी-जुकाम और इंफेक्शन से बचने के लिए करें ये 5 योगासन, इम्यूनिटी होगी बूस्ट
Weather Update : राजस्थान के कई जिलों में आंधी-बवंडर की चेतावनी, जानिए कैसे रखें खुद को सुरक्षित?
Weather Updates : मई की शुरुआत के साथ ही राजस्थान का मौसम बेकाबू होता जा रहा है। राज्य के कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और बवंडर जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। मौसम विभाग जयपुर की ओर से जारी बुलेटिन के मुताबिक, सोमवार, 5 मई को राजस्थान के सभी 41 जिलों में तेज आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
विशेष रूप से पश्चिमी राजस्थान के बाड़मेर, जैसलमेर, जोधपुर, बीकानेर, हनुमानगढ़, गंगानगर, जालोर, नागौर, चूरू, सीकर और झुंझुनूं में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है।

7 मई तक आंधी-तूफान की चेतावनी
इस अचानक बदले मौसम का कारण एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ है, जो फिलहाल मध्य पाकिस्तान और उत्तर-पश्चिमी राजस्थान में परिसंचरण तंत्र के रूप में सक्रिय है। इसके चलते 7 मई तक दक्षिण-पश्चिमी राजस्थान में तेज आंधी-तूफान और भारी बारिश की आशंका जताई गई है। IMD ने अजमेर, भीलवाड़ा, श्रीगंगानगर और हनुमानगढ़ में ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
तेज आंधी-बारिश से हो रहे हादसे
राज्य में तेज मौसमीय गतिविधियों की वजह से कई जगह जान-माल के नुकसान की खबरें भी सामने आई हैं। जयपुर जिले के गोविंदगढ़ के सिंगोद कला गांव में नीम के पेड़ के नीचे बैठी 5 वर्षीय मनीषा पर अचानक बिजली गिर गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, चूरू के सादुलपुर इलाके के लंबोर खेड़ी गांव में किसान मोहनलाल राहड़ की 10 भेड़ों की बिजली गिरने से मौत हो गई। दोनों ही घटनाएं इस बात की गवाही हैं कि मौसम को हल्के में लेना खतरनाक हो सकता है। ऐसे हादसों से बचने के लिए सतर्कता जरूरी है।
क्या होता है बवंडर?
बवंडर (Tornado) एक तेज घूमने वाला वायु स्तंभ होता है जो बादलों से जमीन तक पहुंचता है। इसकी रफ्तार 300 से 500 किमी प्रति घंटे तक हो सकती है। यह जब जमीन से टकराता है, तो भारी तबाही मचा सकता है, तेज हवा, ओले, और मूसलधार बारिश जैसे प्रभाव इसके साथ आते हैं।
बवंडर और तूफान से बचाव के उपाय
- मजबूत दीवार या पक्के ढांचे के पास रहें, कच्चे घर या खुले मैदान से दूर जाएं।
- खिड़की और दरवाजों से दूर रहें, तेज हवा से कांच टूटने का खतरा होता है।
- बिजली के खंभों या पेड़ों के नीचे खड़े न हों, बिजली गिरने का खतरा रहता है।
- कार में न रहें, खुले स्थान में खड़ी कार सुरक्षित नहीं मानी जाती।
- स्थानीय मौसम अलर्ट्स और ऐप्स से अपडेट लेते रहें।
- इमरजेंसी किट तैयार रखें, जिसमें टॉर्च, रेडियो, पानी, दवाइयां और जरूरी कागजात मौजूद हों।



Click it and Unblock the Notifications
