Latest Updates
-
Rakhi Gift Ideas For Sister: इस रक्षाबंधन बहन को दें ये 7 प्यार भरे तोहफे, देखते ही खुशी से झूम उठेगी -
World Mosquito Day 2026: मच्छरों के काटने से हो सकती हैं ये खतरनाक बीमारियां, बचाव के लिए अपनाएं ये घरेलू उपाय -
पुरूषों को स्पर्म काउंट बढ़ाने के लिए खानी चाहिए ये 7 चीजें, फर्टिलिटी में होगा सुधार -
घर में अचानक कॉकरोच निकलना शुभ या अशुभ? जानें ज्योतिष और वास्तु के संकेत -
40 की उम्र में भी नजर आएंगी 20 की, हेल्दी और ग्लोइंग स्किन के लिए डाइट में शामिल करें ये 7 फूड्स -
September Travel Destinations: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये भारत की ये 7 खूबसूरत जगहें, मिलेगा यादगार -
World Photography Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व फोटोग्राफी दिवस? जानें इस दिन का इतिहास, महत्व और थीम -
5 साल से तालाब में रह रहे इकबाल की मदद के लिए आगे आए अनंत अंबानी, इलाज के लिए मुंबई एयरलिफ्ट कराया -
इन 5 लोगों को भूलकर भी नहीं करना चाहिए मशरूम का सेवन, सेहत को हो सकता है गंभीर नुकसान -
Special Marriage Act क्या है? सोनाक्षी-जहीर इकबाल समेत इन बॉलीवुड कपल्स ने बिना धर्म बदले की शादी
Utkal Divas: क्यों ख़ास है ओडिशा का उत्कल दिवस? जानिये दिलचस्प जानकारी
1 अप्रैल को भगवान जगन्नाथ की भूमि ओडिशा में उत्कल दिवस मनाने की परंपरा रही है। इस वर्ष भी बहुत धूम धाम से उत्कल दिवस मनाया जा रहा है। प्रधान मंत्री से लेकर अन्य गणमान्य लोगो ने भी शुभकामनाएं दी हैं। दरअसल आज ओडिशा का स्थापना दिवस भी है।
ओडिशा दिवस को उत्कल दिवस भी कहा जाता है। उत्कल मतलब होता है गौरवशाली और अद्भुत देश। आइये जानते हैं कि ऐसी कौन कौन सी ख़ास बातें हैं जिसकी वजह से लोग उत्कल दिवस बहुत धूम धाम से मनाते हैं।

उड़ीसा अब है ओडिशा
वर्ष 2011 में लोकसभा में विधेयक लाकर उड़ीसा और संविधान विधेयक संशोधन के बाद उड़ीसा का नाम बदलकर ओडिशा कर दिया गया। ओडिशा अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेज के रखने के लिए प्रसिद्ध है। यहां भगवान् जगन्नाथ बसते हैं, साथ में बौध धर्म से संबंधित विरासत भी सहेजकर रखे गए हैं।
आजादी से पहले ओडिशा बंगाल प्रेसीडेंसी का एक हिस्सा था जिसे 1 अप्रैल 1936 को बंगाल और बिहार से अलग करके ओडिशा राज्य बना दिया गया। ओडिशा राज्य के सबसे पहले राज्यपाल थे सर जॉन हुब्बक। इनके साथ उत्कल पंडिता नीलकंठ दास, मणि, गोपबंधु दास, फकीर मोहन सेनापति, जैसे सामाजिक कार्यकर्ताओ और नेताओं ने ओडिशा राज्य को एक स्वतंत्र पहचान दिलाने के लिए आंदोलन शुरू किया था। अपने संघर्ष की याद को संभाल कर रखने और अपने गौरवशाली परंपरा को उत्सव की तरह मनाने के लिए उत्कल दिवस मनाया जाता है।

ओडरा जनजाति के नाम पर पड़ा ओडिशा
ओडिशा के मध्य भाग में एक जनजाति रहती है जिसे ओडरा कहते हैं। इसी जनजाति के लोगों के नाम पर इस भूभाग का नाम उड़ीसा पड़ा फिर बाद में बदल कर ओडिशा कर दिया गया।
महाभारत में हैं उल्लेख
महाभारत ग्रन्थ में ओडिशा राज्य का कई जगहों में उल्लेख है। इसे कलिंग, तोशली, कोशल उत्कल, उद्र जैसे अलग-अलग नामों से संबोधित किया गया है।

1912 में हुआ बिहार से अलग
सन 1576 में मुगलों ने ओडिशा पर कब्ज़ा कर लिया। धीरे धीरे ओडिशा के समुद्री इलाकों पर मराठों ने कब्ज़ा कर लिया। फिर दक्षिणी तट पर ईस्ट इंडिया कंपनी यानी की अंग्रेजो का कब्ज़ा हो गया। ओडिशा मुगल साम्राज्य के अधीन हो गया था और तटीय क्षेत्र के कई हिस्सों पर 17वीं शताब्दी के मध्य में मराठों ने कब्जा कर लिया। 1912 में बिहार और उड़ीसा अलग प्रांत बन गए।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications