सिर्फ 16 साल 2 महीने की निकली वायरल गर्ल मोनालिसा? जानें नाबालिग से शादी करने पर क्या है सजा

Viral Girl Monalisa Controversy: प्रयागराज महाकुंभ से अपनी खूबसूरती के जरिए करोड़ों लोगों का दिल जीतने वाली 'वायरल गर्ल' मोनालिसा एक बार फिर चर्चा में हैं, लेकिन इस बार वजह कोई फिल्म ऑफर नहीं बल्कि उनकी उम्र और शादी है। सोशल मीडिया पर सनसनी तब फैल गई जब यह दावा किया गया कि मोनालिसा की असल उम्र महज 16 साल 2 महीने है। इतना ही नहीं, उनके पति फरमान ने एक वीडियो जारी कर सनसनीखेज खुलासा किया है कि मोनालिसा उन्हें छोड़कर भाग गई हैं। इंटरनेट पर शादी की तस्वीरों से शुरू हुआ यह सफर अब पुलिस स्टेशन तक पहुंच चुका है। फरमान के खिलाफ IPC और POCSO एक्ट के तहत मामला दर्ज होने की खबरें हैं। अगर मोनालिसा के दस्तावेजों की जांच में वह नाबालिग पाई जाती हैं, तो यह सीधा 'बाल विवाह' का मामला बनता है। आखिर क्या है इस उम्र विवाद की हकीकत? और यदि कोई शख्स किसी नाबालिग से शादी करता है, तो भारतीय कानून के तहत उसे कितनी कड़ी सजा भुगतनी पड़ती है? आइए विस्तार से समझते हैं।

मोनालिसा की उम्र का रहस्य

सोशल मीडिया पर मोनालिसा के कुछ कथित स्कूल सर्टिफिकेट्स और दस्तावेजों की तस्वीरें वायरल हो रही हैं, जिनके आधार पर उन्हें नाबालिग बताया जा रहा है। हालांकि, पुलिस और प्रशासन इन दावों की सच्चाई परखने में जुटे हैं। अक्सर वायरल होने की होड़ में लोग अपनी जानकारी छुपाते हैं, लेकिन कानूनी रूप से शादी के लिए उम्र का प्रमाण पत्र ही अंतिम सत्य माना जाता है। यदि उम्र के साथ छेड़छाड़ पाई गई, तो यह धोखाधड़ी का मामला भी बन सकता है। आजतक की रिपोर्ट के अनुसार, मोनालिसा की डेट ऑफ बर्थ 30 दिसंबर 2009 है, ऐसे में मोनालिसा नाबालिग हैं और उनकी ये शादी शून्य मानी जाएगी।

बाल विवाह और POCSO एक्ट: कितनी गंभीर है सजा?

भारत में बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 के अनुसार, महिलाओं के लिए विवाह की कानूनी उम्र 18 वर्ष तय है। यदि कोई इसका उल्लंघन करता है, तो सजा के सख्त प्रावधान हैं। नाबालिग से शादी करने वाले पुरुष को 2 साल तक की जेल और भारी जुर्माने का सामना करना पड़ता है। यदि शारीरिक शोषण का मामला सामने आता है, तो पॉक्सो एक्ट के तहत उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। इसमें आरोपी को आसानी से जमानत भी नहीं मिलती। कानूनी रूप से ऐसी किसी भी शादी को 'शून्य' (Void) माना जाता है, यानी कानून की नजर में वह शादी मान्य नहीं होती।

कौन-कौन आता है कानून के घेरे में?

सिर्फ लड़का ही नहीं, बल्कि इस अपराध में शामिल हर व्यक्ति दोषी माना जाता है:

अभिभावक: शादी कराने वाले माता-पिता।

आयोजक: शादी संपन्न कराने वाले पंडित, मौलवी या अन्य धर्मगुरु।

गवाह: शादी में शामिल होने वाले वे लोग जो जानते थे कि लड़की नाबालिग है।

Story first published: Monday, April 13, 2026, 16:41 [IST]
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