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What is Green Diamond: पीएम मोदी ने फर्स्ट लेडी को गिफ्ट किया ग्रीन डायमंड, जानें इसकी खासियतें
What is Green Diamond- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों अमेरिका की आधिकारिक यात्रा पर हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने व्हाइट हाउस में राष्ट्रपति जो बाइडेन से मुलाकात की। मुलाकात के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन और फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन को व्हाइट हाउस में खास उपहार दिये।

पीएम मोदी व्हाइट हाउस अमेरिकी राष्ट्रपति बाइडन के साथ डिनर के लिए पहुंचे थे।इस दौरान पीएम मोदी ने बाइडेन को मैसूर के चंदन से बना स्पेशल बॉक्स और अमेरिका की फर्स्ट लेडी जिल बाइडेन को ग्रीन डायमंड तोहफे में दिया। ये डायमंड काफी खास है। जिल बाइडेन को दिया गया ये हीरा 7.5 कैरेट का है जो लैब में तैयार किया गया है। लेकिन इसे ग्रीन डायमंड क्यों कहते हैं, इसको किस तरह से लैब में तैयार किया गया है और पीएम मोदी ने इस हीरे को भारत की जनता की तरफ से क्यों तोहफे में दिया है। आइये जानते हैं-

जानें इस लैब में बने हीरे की खास बातें-
-लैब में बनने वाले हीरे और प्राकृतिक हीरे में फर्क करना काफी टफ है, दोनों एक जैसे ही दिखाई पड़ते हैं। इसको आर्टिफिशियल डायमंड भी कहा जाता है।
-ये हीरा लैब में तैयार किया जाता है, इसे बनने में करीब एक महीने की वक्त लगता है। इसे इकोफ्रेंडली डायमंड भी कहते हैं। इस हीरे से पर्यावरण को भी नुकसान नहीं होता है। प्राकृतिक हीरे खानों से निकाले जाते हैं।
-जानकारी के मुताबिक, गुजरात में 380 से ज्यादा फैक्ट्री हैं, जहां पर इस तरह के डायमंड लैब में बनाए जाते हैं।
-आर्टिफिशियल डायमंड को आप बिना माइक्रोस्कोप के जान नहीं सकते ही ये लैब में बना डायमंड है।

-प्रधानमंत्री मोदी ने जो डायमंड जिल बाइडेन को गिफ्ट किया है वो लैब में तैयार डायमंड है।
-जिल बाइडेन को दिया गया हीरा जेमोलॉजिकल लैब से सर्टिफिकेट प्राप्त है। इस हीरे में 4-सी हॉलमार्क है, जिस पर हीरे के कलर, उसके कटिंग से लेकर कैरेट व क्लियैरिटी वाले सारे मानकों (C) पर खरे उतरने की मुहर है।

कश्मीर का पेपियर मैशे-
पीएम मोदी ने जिल बाइडेन को जिस बॉक्स में ग्रीन डायमंड रखकर गिफ्ट किया है उसको पेपियर मैशे कहा जाता है। इस पेपियर मैशे को कश्मीर में बनाया गया है। पेपियर मैशे में हीरा रखने का मकसद कश्मीर की कला को दुनिया को दिखाने का है।
Image Courtesy- ANI



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