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इंटरनेट पर छाए 109 साल के 'लंगोट वाले बाबा', 10 रुपए लेते हैं दक्षिणा और कर चुकें हैं करोड़ों का दान
Who Is The Famous Sant Siyaram Baba : आज हम आपको 109 वर्षीय सियाराम बाबा के बारे में बता रहे हैं, जो मध्य प्रदेश के खरगोन जिले में अपनी सिद्धियों के लिए प्रसिद्ध हैं। हाल ही में इनके निधन की अफवाह भी उड़ी थी। कहा जाता है कि बाबा ने 10 साल तक एक पैर पर खड़े होकर तप किया। बाबा की जीवनशैली और उनकी साधना ने उन्हें इलाके में प्रसिद्ध कर दिया है।
109 साल की उम्र में भी बाबा बिना चश्मे के रामायण पढ़ते हैं और अपना हर काम खुद करते हैं। वह बहुत कम बोलते हैं, लेकिन उनकी सादगी और तपस्या भक्तों को आकर्षित करती है।


सियाराम बाबा मध्य प्रदेश के खरगोन जिले के नर्मदा नदी के घाट पर स्थित भट्याण आश्रम के संत हैं। उनकी वास्तविक उम्र को लेकर विवाद है, लेकिन माना जाता है कि उनकी उम्र करीब 109 या 110 साल है। कुछ लोग तो यह भी दावा करते हैं कि बाबा 130 साल के हैं। हालांकि, बाबा ने अपनी उम्र के बारे में कभी कुछ नहीं बताया। उनकी साधना और सादगी के कारण वह भक्तों के बीच खूब प्रसिद्ध हैं।
हनुमान जी के भक्त हैं बाबा
बाबा सियाराम हनुमान जी के परम भक्त हैं और हमेशा रामचरित मानस का पाठ करते हैं। बताया जाता है कि सातवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद वह एक संत के संपर्क में आए, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने घर-परिवार त्याग दिया। इसके बाद वह तपस्या के लिए हिमालय चले गए। बाबा के जन्म स्थान को लेकर भी मतभेद है। कुछ लोगों का कहना है कि उनका जन्म महाराष्ट्र के आसपास के किसी जिले में हुआ था। उनकी भक्ति और साधना लोगों को प्रेरित करती है।
सिर्फ लंगोट में रहते हैं बाबा
बाबा सियाराम के बारे में कहा जाता है कि वह कड़ाके की ठंड या भीषण बरसात में भी केवल लंगोट पहनते हैं। ध्यान और साधना के दम पर उन्होंने अपने शरीर को मौसम के अनुकूल बना लिया है। इस उम्र में भी वह अपना सारा काम खुद करते हैं और अपना भोजन भी खुद ही पकाते हैं। बाबा ने करीब 12 साल तक मौन व्रत रखा, जो उनकी साधना और तपस्या को दर्शाता है।
करोड़ों किए दान
बाबा सियाराम के बारे में कहा जाता है कि वह दान में केवल 10 रुपये ही लेते हैं। चाहे कोई लाखों रुपये दान करें, वह केवल 10 रुपये स्वीकार करते हैं और बाकी पैसे लौटा देते हैं। बाबा अक्सर समाज के उद्धार के लिए काम करते हैं। नर्मदा नदी के घाट की मरम्मत के लिए उन्होंने करीब 2 करोड़ 57 लाख रुपये दान किए थे।



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