Vishnu Deo Sai: जानें कौन हैं विष्णुदेव साय, जो होंगे छत्तीसगढ़ के नए सीएम

New CM of Chhattisgarh Vishnu Deo Sai: कई दिनों से छत्तीसगढ़ में नए सीएम को लेकर बना सस्पेंस खत्म हो गया है। बीजेपी विधायक दल की बैठक में रविवार को आदिवासी नेता विष्णु देव साय के नाम पर सहमति बन गई। माना जा रहा है कि पार्टी ने साय की विनम्रता और पार्टी के प्रति उनके समर्पण की वजह से इस नाम से नवाजा है।

संघ में अच्छी पकड़ रखने वाले विष्णुदेव साय, पूर्व सीएम रमन सिंह के भी बेहद करीबी माने जाते हैं। आइए जानते हैं छत्तीसगढ़ के नए सीएम के बारे में।

 Who is the New CM of Chhattisgarh Vishnu Deo Sai

ऐसा रहा है पॉलि‍टिकल करियर

विधायक के तौर पर यह विष्णुदेव साय का तीसरा कार्यकाल है। उन्होंने इस बार कुनकुरी में कांग्रेस के उद मिंज को हराया। विष्णु देव को 87604 वोट मिले जबकि मिंज को 62063 वोट हासिल हुए थे। विष्णु देव साय ने ने अपने राजनीतिक करियर की शुरूआत मध्यप्रदेश से की थी। वह कुनकुरी विधानसभा सीट से चुनाव जीते हैं। वह यहां पर 1990 से 1998 के दौरान विधायक चुने गए। इसके बाद वह 13वीं लोकसभा में सांसद चुने गए। वर्ष 2000 में वह केन्द्र सरकार में कृषि मंत्रालय में कमेटी के मेंबर बनाए गए। छत्तीसगढ़ के नए मुख्यमंत्री विष्णु देव साय वर्ष 2000 से लगातार अब तक चार बार सांसद रह चुके हैं। इस दौरान वह कई मंत्रालय कमेटियों के मेंबर बनाए गए हैं। वर्ष 2014 में केन्द्र में आई मोदी सरकार में वह श्रम रोजगार, खान एवं इस्पात राज्य मंत्री भी बनाए गए थे।

परिवार में 2 बेटी और एक बेटा

विष्णु देव साय (Vishnu Deo Sai) का जन्म छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले के बगिया गांव में हुआ था। उनके पिता का नाम प्रसाद साय और मां का नाम जशमनी देवी है। उन्होंने अपनी पढ़ाई छत्तीसगढ़ में लोयोला उच्चतर माध्यमिक विद्यालय से की। उनकी पत्नी का नाम कौशल्या देवी है। उनके परिवार में पत्नी के अलावा 2 बेटियां और एक बेटी है। वे पेशे से एक किसान हैं. उन्हें छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में एक बड़े आदिवासी नेता के रूप में देखा जाता है।

खेलकूद में है गहरी दिलचस्पी

उनकी खेलकूद में भी खासी रूचि रही है। खासकर वे फुटबॉल और बैडमिंटन खेलना बहुत पसंद करते हैं। उन्हें आदिवासियों और आम लोगों के हित में काम करना पसंद है। वे 4 बार रायगढ़ सीट से पार्टी के सांसद रहे हैं। लो प्रोफाइल रहकर काम करना उन्हें शुरू से ही पसंद रहा है। यही वजह है कि सीएम पद के लिए उन्हें शुरू से ही मजबूत दावेदार नहीं माना जा रहा था। जबकि यही उनका सबसे मजबूत पक्ष था, जो पार्टी हाईकमान को भा गया।

Story first published: Sunday, December 10, 2023, 17:30 [IST]
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