Latest Updates
-
रात में लाइट जलाकर सोते हैं? आपकी ये आदत दिल पर पड़ सकती है भारी, रिसर्च में हुआ बड़ा खुलासा -
Bank Holidays October 2026: अक्टूबर में 16 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
Pitru Paksha 2026 Food Rules: पितृपक्ष में क्या खाएं और क्या न खाएं? जानें खानपान से जुड़े जरूरी नियम -
Tanya Mishra: कौन हैं तान्या मिश्रा? अचानक कैसे बनीं देश की नई 'नेशनल क्रश', इंटरनेट पर तस्वीरें हो रहीं वायरल -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष में पति-पत्नी को शारीरिक संबंध बनाने चाहिए या नहीं? जानें क्या कहते हैं शास्त्र -
World Rabies Day 2026: कुत्ते के अलावा किन जानवरों के काटने से हो सकता है रेबीज? जानें लक्षण और बचाव के उपाय -
Google Birthday 2026: क्या आप जानते हैं 27 सितंबर को ही क्यों बर्थडे मनाता है गूगल? वजह जानकर चौंक जाएंगे आप -
Pitru Paksha 2026: पितृ पक्ष का पहला दिन आज या कल? जानें किस दिन किस पितर का करें श्राद्ध -
World Contraception Day 2026: गर्भनिरोधक गोलियां कैसे काम करती हैं? जानें इसके फायदे और नुकसान -
Pitru Paksha 2026: बेटा न हो तो क्या बेटी कर सकती है श्राद्ध और पिंडदान? अनिरुद्धाचार्य जी महाराज ने दिया जवाब
World Hello Day 2023: जानें अलग अलग भाषा में कैसे कहते हैं 'हैलो'
World Hello Day 2023: यह हम सभी जानते हैं कि जिस दुनिया में हम रहते हैं उसमें सभी प्रकार के रिश्ते बनाने के लिए कम्युनिकेशन यानि संचार कितना जरूरी है। चाहे आपको फोन का जवाब देना हो, टहलने जाना हो, या एक खूबसूरत दोस्ती या रिश्ते की शुरुआत करनी हो, ज्यादातर मौकों पर इसकी शुरुआत सिर्फ एक 'हैलो' से होती है।
यह एक छोटा और सरल शब्द है जो ख़ामोशी की बर्फ को तोड़ता है और अनौपचारिक बातचीत की शुरुआत को आसान बनाता है। यह छोटा सा आगाज मजबूत रिश्ते की नींव रखने में मदद करता है। लोगों को हैलो (नमस्ते) कहकर अभिवादन करना दूसरे व्यक्ति को यह संकेत देता है कि आप मिलनसार हैं और बातचीत करने में आपकी कितनी दिलचस्पी है।

यह एक लोकप्रिय शब्द होने के बावजूद, हम शर्त लगा सकते हैं कि बहुत से लोगों को 'हैलो' शब्द की उत्पत्ति के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं होगी। ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, "हैलो" का पहला प्रकाशित उपयोग 1827 में हुआ था। हालाँकि, यह उस वक्त अभिवादन के तौर पर इस्तेमाल यही किया जाता था, बल्कि इस शब्द का इस्तेमाल ध्यान आकर्षित करने या फिर आश्चर्य व्यक्त करने के लिए किया जाता था। लेकिन जब टेलीफोन आया तब 'हैलो' ने 'हाय' का रूप ले लिया।
विश्व हेलो दिवस क्यों मनाया जाता है? इसकी शुरुआत किसने की? (Why Is World Hello Day Celebrated? Who Started It?)
ऑक्सफ़ोर्ड इंग्लिश डिक्शनरी के अनुसार, "हैलो" का पहला प्रकाशित उपयोग केवल 1827 में हुआ था। 1970 के दशक में मिस्र और इजराइल के बीच संघर्ष बेहद गंभीर हो गया और इस कारण हजारों नागरिकों और सैनिकों की जान चली गई। कई लोगों को तो बेरहमी से प्रताड़ित किया गया और उनकी हत्या कर दी गयी। इसे योम किप्पुर युद्ध (Yom Kippur War) के नाम से जाना जाता था। इसकी प्रतिक्रिया के रूप में 1973 में एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी के स्नातक ब्रायन मैककॉर्मैक और हार्वर्ड स्नातक माइकल मैककॉर्मैक ने विश्व हैलो दिवस की अवधारणा पेश की और इसे दुनिया भर में शांति और विवेक बनाए रखने के लिए एक साधन के रूप में उपयोग किया। तभी से पूरी दुनिया में वर्ल्ड हैलो डे मनाया जाता है।
विश्व हेलो दिवस 180 देशों में लोगों द्वारा मनाया जाता है। इसके अलावा, लोग इस दिन का उपयोग दुनिया में शांति के लिए अपनी चिंता व्यक्त करने और संदेश भेजने, संघर्षों को निपटाने के लिए संचार के विवेकपूर्ण उपयोग को प्रोत्साहित करने के लिए भी करते हैं।

हर साल की तरह इस साल भी 21 नवंबर को वर्ल्ड हैलो डे मनाया जा रहा है। आइए वर्ल्ड हैलो डे के मौके पर जानें कि दुनिया भर की विभिन्न भाषाओं में 'हैलो' कैसे कहा जाता है।
स्पैनिश - होला (Hola)
फ़्रेंच - बोन्जोर (Bonjour)
जर्मन - हेलो (Hallo)
मंदारिन चीनी - न होओ (Nǐ hǎo)
थाई - S̄wạs̄dī (S̄wạs̄dī)
स्वाहिली - जम्बो (Jambo)
हटियन क्रियोल - बोनजौ (Bonjou)
इटालियन - सियाओ (Ciao)
पुर्तगाली - ओला (Olá)
ज़ुलु - सॉवुबोना (Sawubona)
जापानी - कोन्निचीवा (Kon'nichiwa)
अरबी - मरहबान (Marhabaan)
बंगाली - हयालो (Hyālō)
हमोंग - न्योब जू (Nyob zoo)
फिलिपिनो - कामुस्टा (Kamusta)
माओरी - किआ ओरा (Kia ora)
षोसा - मोलवेनी (Mholweni)
वियतनामी - ज़िन चाओ (xin chào)
कोरियाई - एनीओन्घासेयो (annyeonghaseyo)
ग्रीक - जिआ (geia)
इस दिन लोग एकत्रित होते हैं और हैलो से बातचीत की शुरुआत करते हैं। इस इवेंट में कोई भी भाग ले सकता है और उन दस लोगों को हैलो कहकर इसे मना सकता है जिनसे उन्होंने पहले कभी बात नहीं की है। यह दिन शांति बनाए रखने के लिए पर्सनल कम्युनिकेशन के महत्व को दर्शाता है। इसके अलावा, आप केवल 'हैलो' कहकर उन मौजूदा रिश्तों में दूरियों को पाट सकते हैं जो वर्षों से तनावपूर्ण हो गए हैं और जिनपर वक्त की धूल जम गयी है।
नोट: यह सूचना इंटरनेट पर उपलब्ध मान्यताओं और सूचनाओं पर आधारित है। बोल्डस्काई लेख से संबंधित किसी भी इनपुट या जानकारी की पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी और धारणा को अमल में लाने या लागू करने से पहले कृपया संबंधित विशेषज्ञ से सलाह लें।



Click it and Unblock the Notifications
