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खाने को पैसे नहीं, मस्जिद में मिलता था खाना, डेब्यू मैच में पाकिस्तान को चटाई धूल जानें युसुफ पठान की कहानी
Yusuf Pathan Inspiring Story: भारत के ऑलराउंडर युसुफ पठान का आज बर्थडे है। उन्होंने अपने शानदार खेल से देश का नाम रौशन किया। लेकिन क्या आप जानते हैं कि युसुफ ने इस सफलता को पाने के लिए कड़ी मेहनत की और बहुत ही मुश्किलों का सामना किया। एक समय ऐसा था जब पेट भरने के लिए घर में पैसे नहीं होते थे, कई दिन तक मस्जिद में मिलने वाले खाने से ही यूसुफ पठान और उनका परिवार गुजर-बसर करता था। गरीबी इतनी थी कि भविष्य की कोई गारंटी नहीं, लेकिन सपनों की उड़ान आसमान की थी।
इसी तंगी से निकलकर यूसुफ पठान ने वह किया जिसकी कल्पना भी मुश्किल है पहले ही इंटरनेशनल मैच में पाकिस्तान जैसे बड़े प्रतिद्वंद्वी को करारी शिकस्त। आज क्रिकेट जगत का यह धाकड़ ऑलराउंडर लाखों युवाओं की प्रेरणा है। जन्मदिन के खास मौके पर जानिए कैसे भूख, गरीबी, संघर्ष और लगातार मेहनत के सहारे युसुफ पठान ने खुद को 'मैच विनर' बनाया।

गरीबी में बीता बचपन
युसुफ पठान का जन्म 17 नवंबर 1982 को गुजरात के वडोदरा में हुआ था। वह भारतीय क्रिकेटर इरफान पठान के बड़े भाई हैं। युसुफ और इरफान के पिता मस्जिद में काम करते थे और कई बार तो ऐसा होता था कि घर में खाने के लिए पैसे नहीं होते थे ऐसे में वो मस्जिद में आए खाने से ही अपना पेट भरते थे।
युसुफ का परिवार इतना गरीब था कि उनके घर में टॉयलेट तक नहीं था। खुद इरफान और युसुफ ने इन बातों का जिक्र कपिल शर्मा के कॉमेडी शो में किया था।
पाकिस्तान के खिलाफ खेला पहला मैच
युसुफ पठान की बल्लेबाजी हो या बॉलिंग दोनों ही कमाल की हैं। युसुफ ने कड़ी मेहनत के दम पर वो मुकाम हासिल किया जो आज की यंग जेनरेशन के लिए मिसाल बन गया। युसुफ ने अपना पहला पाकिस्तान के खिलाफ खेला, बेशक वो एक संयोग था लेकिन उसमें युसुफ ने झंडे गाड़ दिए। दरअसल, वीरेंद्र सहवाग के चोटिल हो जाने के कारण युसुफ को मैच में खेलने का मौका मिला।
पहला और आखिरी मैच वो भी पाकिस्तान के साथ
इसे संयोग ही कहेंगे कि युसुफ पठान का पहला मैच पाकिस्तान के खिलाफ साल 2008 में ढाका में था जिसमें उनके शानदार खेल ने सभी का दिल जीत लिया। इसके बाद उन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा और सफलता की सीढ़ी चढ़ते चले गए। अब किस्मत का खेला देखो कि युसुफ का आखिरी मैच भी पाकिस्तान के खिलाफ 18 मार्च साल 2012 में ढाका में ही था।



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