Latest Updates
-
Papmochani Ekadashi Wishes: विष्णु जी का आशीर्वाद मिले...पापमोचनी एकादशी पर प्रियजनों को दें ये शुभकामना संदेश -
Papamochani Ekadashi Wishes in Sanskrit: पापमोचिनी एकादशी पर शेयर करें ये दिव्य संस्कृत मंत्र और संदेश -
पापमोचिनी एकादशी पर 10 मिनट में बनाएं चटपटे व्रत वाले आलू, स्वाद ऐसा कि हर कोई पूछेगा रेसिपी -
क्या Papmochini Ekadashi के दिन बाल धो सकते हैं? जानें इस दिन क्या करें और क्या न करें -
कौन थी 'फ्यूंली' जिसकी याद में मनाया जाता है फूलदेई त्योहार? पढ़ें भावुक लोककथा -
कौन हैं कुलदीप यादव की होने वाली पत्नी? मेहमानों के लिए शाही इंतजाम, 6000 की प्लेट और पहाड़ी 'कंडाली का साग' -
क्या फिर सच हो रही बाबा वेंगा की भविष्यवाणी! इजराइल-ईरान युद्ध के बीच LPG संकट की आहट -
Phool Dei 2026: उत्तराखंड की देहरियों पर कब बरसेंगे फूल? जानें 'फूलदेई' त्योहार की तिथि, महत्व और परंपरा -
शनिवार को तेल खरीदना शुभ या अशुभ? जानें धार्मिक कारण और पौराणिक कथा -
Hindu Nav Varsh 2026: कब से शुरू होगा हिंदू नववर्ष? जानें विक्रम संवत 2083 की तिथि और महत्व
IND vs SA: 93 साल के टेस्ट इतिहास में भारत की सबसे बड़ी हार, दुनिया के सामने हुई बेइज्जती, 2-0 से क्लीन स्वीप
IND vs SA: भारतीय क्रिकेट टीम को गुवाहाटी टेस्ट मैच में पूरी दुनिया के सामने शर्मसार होना पडा है। 93 सालों के टेस्ट इतिहास में भारतीय टीम को सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा है। टेम्बा बवुमा की कप्तानी वाली दक्षिण अफ्रीकी टीम ने भारत को 408 रनों से पराजित कर दिया।
दक्षिण अफ्रीका से मिले 549 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम अपनी दूसरी पारी में 140 रनों के कुल स्कोर पर आउट हो गई। भारत के लिए दूसरी पारी में सर्वाधिक रन बनाने वाले बल्लेबाज रवीन्द्र जडेजा रहे। उन्होंने 54 रनों की पारी खेली। उनके बाद दूसरे बेस्ट स्कोरर वॉशिंगटन सुंदर रहे, उन्होंने 16 रन बनाए। दक्षिण अफ्रीका के लिए दूसरी पारी में साइमन हार्मर ने धमाल मचाते हुए 6 विकेट झटके।

भारत के लिए स्थिति शर्मनाक है. यह सिर्फ तीसरी बार है जब भारत को लगातार दो वर्षों में घरेलू टेस्ट सीरीज हारनी पड़ी है। टीम इंडिया की यह गिरती हुई फॉर्म चिंता का विषय बन गई है।
25 साल में पहली बार ऐसा हुआ है कि भारत ने दो सीज़न के भीतर कुल 5 टेस्ट मैच गंवाए हैं। यह आँकड़ा बताता है कि घरेलू पिचों पर कभी अजेय मानी जाने वाली भारतीय टीम अब लगातार संघर्ष करती दिखाई दे रही है।
66 साल बाद पहली बार भारत ने सिर्फ सात महीनों के भीतर पाँच टेस्ट मैचों में हार झेली है। यह सिलसिला भारतीय टीम की लगातार बिगड़ती लय और टीम संयोजन की कमियों की ओर इशारा करता है।
घर में क्लीन स्वीप झेलना भारतीय टीम के लिए बेहद दुर्लभ था, फिर भी यह सिलसिला बढ़ता ही जा रहा है। वर्ष 2000 में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 0-2 की हार, 2024 में न्यूजीलैंड द्वारा 0-3 की करारी शिकस्त और अब 2025 में एक बार फिर दक्षिण अफ्रीका के हाथों 0-2 से क्लीन स्वीप ने हिलाकर रख दिया है। टीम को फिर से पटरी पर लाने के लिए बड़े बदलावों की जरूरत है।
Credit: Oneindia



Click it and Unblock the Notifications











