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Separation Anxiety: आलिया को बेटी से दूर होने पर होती है एंग्जाइटी, नई माएं इसे ऐसे करें डील
Separation Anxiety From Daughter Raha : आलिया भट्ट ने इंस्टाग्राम पर फैंस के साथ एक मजेदार सेशन रखा। एक्ट्रेस ने 'आस्क मी एनीथिंग' सेशन के दौरान अपने फैंस को उनसे सवाल पूछने का मौका दिया। इस दौरान एक फैन ने आलिया से पूछा- बेटी राहा से दूर होने से आपको एंग्जाइटी होती है? आलिया ने इसका जवाब देते हुए कहा- राहा को छोड़कर जाना मेरे लिए आसान नहीं होता है। लेकिन इसकी आदत डालने में मुझे थोड़ा वक्त लगेगा। बस ये सोचकर थोड़ा गिल्ट कम होता है कि कम से कम वो घर वालों के साथ है।

आलिया भट्ट ही नहीं बच्चे के जन्म के बाद मां और बच्चे में सेपरेशन एंग्जायटी होना कॉमन सी बात है। यह हर दूसरी महिला और तकरीबन हर बच्चे में देखा जाता है।
किसी करीबी से दूर होने या खोने के डर को सेपरेशन एंग्जायटी कहा जाता है। यह एक प्रकार का मेंटल डिसऑर्डर होता है।। यहां तक उसका यह डर एंग्जाइटी में बदल जाता है, जो व्यक्ति की निजी लाइफ को प्रभावित करता है।यदि कोई 6 महीने से अधिक समय तक इस एंग्जायटी से ग्रसित है, तो उसे एंग्जायटी डिसऑर्डर का नाम दिया जाता है। वहीं आगे चलकर यह पैनिक अटैक और डिप्रेशन का रूप ले सकती है। आइए जानते हैं इसके बारे में
सेपरेशन एंग्जायटी के लक्षण
- अपने करीबी व्यक्ति से दूर होने के ख्याल और बुरे सपने आना।
- ऐसे में व्यक्ति हमेशा चिड़चिड़ा, परेशान और बैचेन महसूस करने लगता है।
- हर वक़्त अपने करीबी व्यक्ति से दूर होने के ख्याल मन में आना।
- अपने करीबी व्यक्ति को लेकर बहुत ज्यादा गंभीर हो जाना।
- बार-बार सिरदर्द या पेट दर्द की समस्या होना।
- कम नींद आना और रात भर जागना एंग्जायटी के लक्षण हो सकते हैं।
- नकारात्मक ख्यालों से घिरे रहना। साथ ही सिर में दर्द और किसी भी काम पर ध्यान केंद्रित न रख पाना।
- घबराहट के कारण लूज मोशन और उल्टी आने जैसी समस्या हो सकती है। वहीं अधिक एंग्जाइटी के कारण मुंह सूखने के बाद चक्कर आना भी एक लक्षण है।

ऐसे करें मैनेज
- रात को समय अनुसार सोने की कोशिश करें, और कम से कम 6 से 8 घंटे की नींद लेना जरूरी है।
- सोने से पहले एक गिलास गर्म दूध में जायफल पाउडर को मिलाकर पी सकती हैं। एंग्जायटी की समस्या में आपकी मदद करेगा।
- यदि आप एंग्जायटी की समस्या से परेशान हैं, तो रात के खाने में सलाद लेना जरूरी है।
- इस एंग्जायटी से दूर रहने के लिए कम से कम दिन का 30 मिनट खुद के साथ बिताने का प्रयास करें। साथ ही अपनी हॉबी जैसे की पेंटिंग, डांसिंग, पोएट्री, किताबें पढ़ना इत्यादि को अपनी दिनचर्या में जरूर शामिल कर सकती हैं।
- सुबह या शाम किसी भी वक्त टहलने की आदत बनाएं। इसके अलावा सप्ताह में कम से कम 4 दिन जिम जाने से आप एंग्जायटी से दूर रह सकती हैं।
- चिंता की स्थिति में खुद को शांत रखने के लिए ठंडा पानी पिएं और साथ ही दिन में कम से कम 2 बार ग्रीन टी या हर्बल टी ले सकती हैं।
- सकारात्मक विचारों पर ध्यान देने से आपको इससे ध्यान हटाने में मदद मिल सकती है। सकारात्मक विचार आपको खुश रखने और अंदर से अच्छा महसूस करने में मदद कर सकते हैं।
- अगर आप अपनी स्किल्स पर काम करेंगे, तो इससे आपको ध्यान भटकाने में मदद मिल सकती है। इसलिए अपने मनपसंद कार्यो पर ध्यान लगाएं और खुद पर काम करना शुरू करें।
- अगर आप बच्चे को इस एंग्जायटी से दूर करना चाहते हैं, तो स्कूल में बच्चे को जरूर विजिट कराएं और उसकी क्लास टीचर, स्टूडेंट, स्टाफ आदि से पहले ही उसका परिचय करवाएं। प्रयास करें कि लोगों से अच्छे माहौल में वो मिले। आप उनके साथ कुछ मजेदार बात करें जिससे हंसी का माहौल रहे। ऐसा करने से बच्चा कंफर्टेबल हो पाएगा।
- बच्चों को यह जताते रहें कि वह बेहतर तरीके से स्कूल में खुद की परेशानियों को डील कर सकता है। शांत रहें और डांट लगाने या मार पीट करने से बचें। बच्चों को शुरू में खुद स्कूल लेने और छोड़ने जाएं।



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