Latest Updates
-
दिल्ली में फिर फटा AC: रिकॉर्ड तोड़ गर्मी नहीं, ये 4 बड़ी गलतियां एयर कंडीशनर को बना रही हैं ‘बम'! -
नीम करौली बाबा के 3 गुप्त नियम बदल सकते हैं आपकी किस्मत, आज ही जान लें सफल जीवन का रहस्य! -
UP Village Style Besan Cheela Recipe: घर पर बनाएं गांव जैसा पौष्टिक और स्वादिष्ट नाश्ता -
Hindi Journalism Day 2026 Wishes: हिंदी पत्रकारिता दिवस के मौके पर सभी पत्रकार दोस्तों को ये शुभकामना संदेश -
Aaj Ka Rashifal 30 May 2026: शनिवार को इन राशियों की चमकेगी किस्मत, शनिदेव की कृपा से होगा धन लाभ -
Restaurant Style Kadai Sabzi Recipe: घर पर बनाएं होटल जैसी चटपटी और मसालेदार सब्जी -
Blue Moon 2026: 31 मई को आसमान में दिखेगा दुर्लभ 'ब्लू मून'; जानिए इसकी खासियत, कहां और कैसे देखें -
Hindi Journalism Day: 30 मई को ही क्यों मनाया जाता है हिंदी पत्रकारिता दिवस? जानें इस दिन का इतिहास और महत्व -
Kumaoni Sweet Bal Mithai Recipe: घर पर बनाएं उत्तराखंड की पारंपरिक और स्वादिष्ट मिठाई -
महिलाओं के लिए वरदान से कम नहीं है हलीम के बीज, अनियमित पीरियड्स समेत इन 5 समस्याओं को कर सकते हैं दूर
शिशु के रोने का क्या मतलब होता है?
जैसे जैसे शिशु बड़ा होता जाता है वैसे ही वह अपनी भावनाओं को अपने परिवार के बीच में व्यक्त करने लग जाता है। उसे हर किसी के इशारे समझ में आने लगते हैं और वो अपने ही अंदाज में उसके जवाब भी देने लग जाता है। अगर आप नई नई मां बनी है तो आपको अपने शिशु के साथ बहुत सा समय बिताने पर पता चलेगा कि आपका शिशु आपसे क्या कहना चाहता है।
जब आपका बच्चा खुश होगा तो वह आपको देख कर हंस देगा और यदि उसे कोई समस्या हो रही है तो वह उसे बोलने के बजाए रो कर बताएगा। ऐसे में आपको बच्चे का रोना समझना होगा जिसके लिये हम आपकी मदद करेगें। आइये जानते हैं कि बच्चे के रोने का क्या मतलब होता है।

1. बच्चा बीमार है- अगर बच्चे को दूध पिलााने पर भी वह न चुप हो तो समझ जाएं कि वह बीमार है। इसके लिये आपको उसके शरीर को चेक करना होगा कि कहीं उसे तेज बुखार, रैश, खून या सांस लेने में तकलीफ तो नहीं।
2. बच्चे को भूख लगीबच्चे की - अगर आपने बच्चे की गीली नैपी बदल दी है और फिर भी वह रो रहा है तो उसे भूख लगी है।
3. बच्चे की डाइपर चेंज करने का समय है- जब बच्चा रोता है तो पहली चीज करें कि उसकी डाइपर चेक कर लें। गीली और गंदी डाइपर से बच्चे परेशान हो जाते हैं और रो कर उसे बदलने की डिमांड करते हैं। अगर आप कपड़े का डाइपर यूज कर रही हैं तो उसे समय समय पर चेंज करें।
4. बच्चे की पीठ सहलाएं- दूध पिलाने के बाद बच्चों के पेट में गैस बन जाती है इसलिये कई बार बच्चे खुद ही रो कर जताते हैं आप उन्हें पीठ पर सहलाएं। इसलिये उन्हें हमेशा दूध पिलाने के बाद उनकी पीठ सहलाएं ।
5. कान में संक्रमण - अगर बच्चे तेजी से रो रहे हैं और साथ में कान खींच रहे हैं तो समझ जाएं कि उनके कान में संक्रमण है। इससे आपके बच्चे को खाने पीने में परेशानी के साथ दर्द भी झेलना पड़ सकता है।
6. बच्चे को मां चाहिये- कभी कभार बच्चे केवल अपनी मां का स्पर्श चाहते हैं। इससे उन्हें सुरक्षित होने का एहसास होता है।



Click it and Unblock the Notifications