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बच्चे को ऐेसे सिखाएं बोलना
अगर आप अपने बच्चे की खिलखिलाहट को सुनकर ही रोमांचित हो उठते हैं, तो जरा सोचिए कि जब वह बात करना शुरू कर देगा तो आप कैसा अनुभव करेंगे। हर पेरेंट अपने बच्चे के विकास को लेकर चिंतित रहते हैं। बच्चे की मासूम बातचीत को सुनने से ज्यादा रोमांचक और कुछ नहीं हो सकता। पर कई बार ऐसा होता है कुछ बच्चे तय समय के बाद भी बोलना शुरू नहीं करते हैं। आपका बच्चा जिस उम्र में बोलना शुरू करता है वो दूसरे बच्चों से भिन्न हो सकता है।
जब आपका बच्चा तय समय पर भी बोलना शुरू नहीं करता है तो आप उपाय ढूंढने लगते हैं। बच्चे जिस उम्र में बोलना शुरू करते हैं, वह कई बातों पर निर्भर करता है। अगर आपको लगे कि आपका बच्चा एक निश्चित उम्र को पार करने के बाद भी नहीं बोल पा रहा है, तो फिर आपको डाक्टर या स्पीच थेरेपिस्ट की मदद लेनी चाहिए। अगर आपके बच्चे के न बोलने में कोई मेडिकल प्राब्लम नहीं है, तो आप कुछ आसान तरीका अपनाकर बच्चे को बोलना सिखा सकते हैं।
पर इसके लिए आपको समय और मेहनत की जरूरत पड़ेगी। आइए हम आपको उन कुछ बेहतरीन तरीकों के बारे में बताते हैं, जिसकी मदद से आप बच्चे को बोलना सिखा सकते हैं।

उन्हें सामाजिक होने दें : अपने बच्चे को दूसरों से घुलने-मिलने दें। यह बच्चे को बोलना सिखाने का सबसे अच्छा तरीका है। उन्हें दूसरे बच्चों के साथ मिलनसार होने दें। इससे आपका बच्चा बोलने की कोशिश करेगा।
उनसे बात करें : बच्चे के बोलने में देरी की एक मुख्य वजह पेरेंट की व्यस्त जिंदगी भी है। आप अपने बच्चे से बात कर के भी उन्हें बोलना सिखा सकते हैं। आप यह बिल्कुल न सोचें कि आप जो बोल रहे हैं, वो उनकी समझ में आएगा या नहीं। आप बस उनसे बात करना शुरू कर दें और वह जवाब देने लगेगा।
हर चीज का नाम लें : एक तरीका यह भी है कि अपने बच्चे के सामने अपने घर की हर चीज का नाम लें। साथ ही अपने सगे-संबंधियों के नाम को भी दोहराएं। जब आप बच्चे से बात करें तो इन नामों का इस्तेमाल करें और अपने बच्चे को इसे दोहराने के लिए कहें। अपने बच्चे को बोलना सिखाने का यह एक बेहतरीन तरीका है।
रात को सोते समय कहानी सुनाएं : अगर आपके बच्चे ने बोलना शुरू नहीं किया है तो उन्हें सोने से पहले कोई कहानी सुनाएं। यह आपके बच्चे में कम्युनिकेशन स्किल के विकास में जादुई असर करेगा। अगर शुरू में वह किसी तरह का जवाब न दे तो भी आप तब तक कोशिश जारी रखिए, जब तक कि साकारात्मक परिणाम न मिल जाए।
आवाज की नकल उतारना : बच्चे के सामने जानवर, उपकरण या बच्चे के खिलौने के आवाज की नकल उतारें। आपका बच्चा इस आवाज को बखूबी दोहरा लेगा। इसके जरिए आप उनसे कुछ सामान्य इस्तेमाल में आनी वाले शब्द भी दोहरा सकेंगे।
लय में कुछ सुनाएं : आप अपने बच्चे को लय में कुछ सुना सकते हैं। आप उन्हें खाना खिलाते, नहलाते और सुलाते समय कुछ सुना सकते हैं। एक ही लय को रोज-रोज सुनने के बाद निश्चित रूप से वह इसे दोहराने की कोशिश करेगा। अपने बच्चे को बोलना सिखाने का यह एक बेहतरीन तरीका है।
उन्हें दोहराने के लिए कहें : बच्चे से बात करने के दौरान उन्हें कुछ शब्द दोहराने के लिए कहें। उन शब्दों पर ज्यादा ध्यान दें, जिनका इस्तेमाल आप सबसे ज्यादा करते हैं। आप इन शब्दों को उनके बेडटाइम स्टोरी में भी शामिल करके बच्चे को बोलना सिखा सकते हैं।



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