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क्या बच्चों के कानों में जमी मैद को साफ करना चाहिये?
कान में मैल आने की समस्या के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह बिलकुल सामान्य है। परन्तु दुर्भाग्य से ऐसा कुछ नहीं है जिससे आप अधिक मैल आने की समस्या को रोक सकें।
कई मामले ऐसे होते हैं जिनमें माता पिता किसी हल्की बीमारी को बहुत गंभीर समझ लेते हैं। आपके बच्चे के कान में मैल होना कोई बीमारी नहीं है जब तक कि इसके कारण किसी प्रकार का दर्द या स्वास्थ्य से संबंधित कोई समस्याएं नहीं होती।
ईयरवैक्स वैक्स की तरह एक पदार्थ होता है जो मनुष्यों के ईयर केनाल से निकलता है जिसे सरूमेन कहा जाता है। सेरामिनस ग्रंथियां ईयरवैक्स स्त्रावित करती हैं जो कान के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाले बाहरी कारकों से कान की रक्षा करता है।
यह पीला पदार्थ कान की त्वचा और कान के केनाल और त्वचा की सहायता और रक्षा करता है। यह क्लीनिंग एजेंट की तरह काम करता है जो ईयर केनाल को लुब्रीकेट करता है। यह जानना कि क्या सामान्य है और क्या असामान्य, यही इस बात को निर्धारित करता है कि बच्चों के कान से मैल निकालना चाहिए अथवा नहीं।
इसके लिए अच्छा होगा कि आप किसी मेडिकल एक्सपर्ट से सलाह लें। इसके अलावा कुछ अन्य मुद्दे भी हैं जिनके बारे में हमें जानना आवश्यक है। आइये देखें।

ईयरवैक्स एक समस्या कब बन जाता है?
ईयरवैक्स तब समस्या बन जाता है जब यह बहुत जल्दी जल्दी और बहुत अधिक मात्रा में बनता हो। इसे कान का लक्षण कहा जाता है। आपको इस बात पर ध्यान देना चाहिए कि आपका बच्चा कम सुनाई देने, कान दर्द, कान में खुजली और कान में आवाज़ जैसी शिकायत तो नहीं करता। हो सकता है कि आपके बच्चे के कान में मैल भर गया हो।

कानों को कैसे साफ़ करें?
सबसे पहले और सबसे महत्वपूर्ण ध्यान रखने योग्य बात यह है कि कान के मैल को साफ़ करने के लिए कान में कुछ न डालें। यदि आपका बच्चा सहयोग नहीं करता तो इससे ईयरड्रम को बहुत नुकसान होता है। कुछ ऐसे ड्रॉप्स होते हैं जो कान के वैक्स को पिघला देते हैं। डॉक्टर की सलाह से इसका उपयोग करें। अपने बच्चे को करवट पर लेटने को कहें। उस कान को ऊपर की ओर रखें जिसमें ड्रॉप्स डालने हैं और उसके बाद ड्रॉप्स डालें।

चिकित्सीय सहायता कब लें?
अपने बच्चे के नाज़ुक कानों के साथ कभी भी प्रयोग न करें। डॉक्टर से परामर्श करें और वह सबस एपहले आपको उपचार के लिए ड्रॉप्स का उपयोग करने को कहेंगी। यदि ड्रॉप्स से आराम न हो तो अन्य उपचार जैसे कान की केनाल में दबाव के साथ पानी का बहाव आदि किया जाता है। इसमें सक्शन सेशन भी शामिल है। बच्चे के लिए यह थोडा दर्द भरा और असुविधाजनक हो सकता है परन्तु इससे लाभ होता है।

क्या इसके लिए हम घरेलू उपचार कर सकते हैं?
ईयरवैक्स के लिए हमेशा घरेलू उपचार किया जाता है। कई ऐसे असुरक्षित घरेलू तरीके हैं जो कान का मैल निकालने के लिए बहुत लोकप्रिय हैं। इस प्रकार के प्रयोगों से दूर रहें क्योंकि इसके कारण कई गंभीर समस्याएं जैसे संक्रमण और ईयर ड्रम को नुकसान हो सकता है।

शिशुओं के लिए ईयरबड्स का उपयोग कैसे करें?
ईयर बड्स की सहायता से कान के मैल को निकालने से ईयर ड्रम को नुकसान पहुँच सकता है। ईयर बड का उपयोग करने की सलाह तब दी जाती है जब आप पहले ईयरड्रॉप्स डालकर मैल को थोडा नरम कर लें। इससे मैल निकालना आसान हो जाता है। इसे हमेशा बहुत सावधानी से करें और ध्यान रखें कि आपका बच्चा/बच्ची सिर न हिलाएं।

कान के मैल को कैसे रोकें?
कान में मैल आने की समस्या के बारे में चिंता नहीं करनी चाहिए क्योंकि यह बिलकुल सामान्य है। परन्तु दुर्भाग्य से ऐसा कुछ नहीं है जिससे आप अधिक मैल आने की समस्या को रोक सकें। कानों को साफ़ रख कर आप कान के संक्रमण से तो बच सकते हैं परन्तु मैल को बनने से नहीं रोक सकते।



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