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ब्रेस्टफीडिंग के दौरान आपका बच्चा सो जाता है.. कहीं वो भूखा तो नहीं रह गया?
ब्रेस्टफीडिंग के दौरान अक्सर बच्चों का सो जाना बहुत ही सामान्य सी बात है। हम में से ज्यादात्तर लोग सोचते है कि ब्रेस्टफीडिंग के दौरान बच्चें की भूख खत्म होने के कारण बच्चा आराम से शांति से सो जाता है। अगर आपका दुधमुंहा बच्चा ऐसा लगातार करता आ रहा है या स्तनपान के दौरान वो जल्दी ही सो जाता है तो आपको इस ओर ध्यान देने की जरुरत है।
आइए जानते है कि आखिर क्यूं बच्चें ब्रेस्टफीड के दौरान सो जाते है। इसके दो संकेत होते है एक या तो उनकी भूख शांत हो गई है दूसरी कि वो अभी भी भूखे है। जानते है कि आखिर आपको कैसे मालूम चलेगा कि आपका बच्चा क्यों ब्रेस्टफीड के दौरान सो गया है?

क्यों ब्रेस्टफीड के दौरान बच्चें सो जाते है?
ज्यादातर बच्चें पैदा होने के शुरु के कुछ महीनें में ही ब्रेस्टफीड करते हुए सो जाते है। नवजात शिशु दिनभर में करीब 14 से 18 घंटे सोया करते है जो कि बहुत ही सामान्य है। हर बच्चा शायद पैदा होने के बाद अपने हिसाब से इस नए माहौल में अडजस्ट होने में थोड़ा समय लेता है। इसलिए आपका बच्चा स्तनपान करने के बाद जल्दी सो जाता है। ये उनके सोने का एक तरह से पैटर्न बन जाता है, जैसे जैसे वो नई दुनिया के लिए अनुकूलित होने लगते है उसके बाद वो और भी ज्यादा सक्रिय हो जाते है।

क्या चीज नोटिस करनी चाहिए?
विशेषज्ञों की मानें तो जिन शिशुओं को जन्म के शुरुआती महीनों में स्तनपान करने में परेशानी होती है। वो जल्दी सो जाया करते है, बल्कि अगर उन्हें पर्याप्त मात्रा में खुराक नहीं मिले तब भी वो सो जाया करते है। ये शिशु अक्सर स्तनों को चूसते चूसते थककर सो जाते है। इसके दूध न मिलने की स्थिति में भी वो निराश होकर सोना ज्यादा पसंद करते है। शायद इसी का असर उनके विकास और वजन पर पड़ता है। जहां कुछ बच्चे पांच मिनट ही स्तनपान करने के बाद खुद को संतुष्ट महसूस करते है। वहीं कुछ ऐसे भी शिशु होते है जो 20 मिनट तक अपनी मां के स्तन से चिपकने के बाद भी संतुष्टि नहीं महसूस करते हैं।

उनके प्रतिक्रियाओं से जानें
अगर आप ये जानना चाहती है कि स्तनपान कराने के बाद भी आपके बच्चें की भूख शांत हो गई या वो अभी भी भूखा है तो आप कुछ प्रतिक्रियाओं से ये जान सकते है। अगर आपका बच्चा दूध पीते हुए आपके स्तनों के पास ही सो गया है और उसके हाथ खुले हुए है तो इसका मतलब है कि उसकी भूख शांत हो गई है। अगर स्तनपान करने के बाद आपके शिशु की अंगुलिया सख्ती के साथ बंद है और उसका चेहरा तनाव में नजर आ रहा है तो इसका मतलब है कि आपका शिशु अभी भी भूखा है। आपका शिशु नींद में भी स्कींग मोशन जैसा मुंह बनाएगा और चूसने जैसी आवाज निकालेगा।

क्या करें?
अगर आप ऊपर बताए गए ऐसे कुछ संकेत पाते है जिससे आपको अंदाजा हो जाता है कि आपके बच्चें का पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिल रहा है तो आप अपने डॉक्टर से सम्पर्क करें। आपका डॉक्टर आपको बताएगा कि किस तरह आप अपने ब्रेस्टमिल्क का उत्पादन बढ़ा सकती है ताकि आपके बच्चों को पर्याप्त मात्रा में दूध मिलें और वो स्वस्थ रहें।

बनाए खुद से एक नया पैटर्न
अगर आपके नवजात बच्चें की भूख पूरी नहीं हुई है तो आप एक मां है ऐसे में आप भी सुकून से रह नहीं पाएगी। आप भी बच्चें की भूख को शांत करने के लिए एक प्रयास कर सकती है। कमरे की लाइट को हल्का रखें लेकिन ज्यादा कम ना रखें। साथ ही इस बात का ध्यान रखें की लाइट ज्यादा तेज भी ना हों क्योंकि इससे शिशु को आंखें खुली रखने में और जागे रहने में दिक्कत होती है। धीरे धीरे अपने शिशु के पैरों और अन्य शरीर के हिस्सों की मालिश करें और धीरे लेकिन लगातार उनसे धीमी धीमी आवाज में बात करती रहिए। अगर आपका शिशु उठ नहीं रहा है तो आप थोड़ा सा दूध उंगली में लेकर शिशु के होंठों पर लगा सकती है और इसके स्वाद से आपका शिशु स्तनपान के लिए उठ जाएगा। अब आप उसके एक बार स्तनपान कराने की कोशिश की कीजीए। हालांकि अपने शिशु को सुलाना एक चुनौतीपूर्ण कार्य हैं लेकिन स्तनपान के दौरान उन्हें जगाए रखना और भी चुनौतिपूर्ण है। समय के साथ आप उनका पैटर्न समझ जाएंगे और उन्हें स्तनपान कराना आसान होगा।



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