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आपके बच्चे को पालने में सोना नहीं अच्छा लगता तो अपनाएं ये टिप्स
बच्चे को सुलाना वाकई में काफी मुश्किल काम है। लोरी सुनाने से लेकर उसे गले लगाकर सुलाना आसान बात नहीं है। कई बार बच्चों को क्रिब यानी पालने में लिटाने पर वो रोने लगता है आपसे खुद को वापस गोद में लेने की जिद करने लगता है।
अगर आपको लगता है कि सिर्फ वयस्कों को अच्छी और गहरी नींद लेने में दिक्कत होती है तो आप गलत हैं। बच्चों को भी पालने में अकेले सोना बुरा लगता है और आपकी अटेंशन पाने के लिए वो रोना शुरु कर देते हैं। इस वजह से आपके द्वारा तैयार किया गया बच्चे का पूरा रूटीन ही खराब हो जाता है। आइए जानते हैं कि बच्चों का पालन क्यों पसंद नहीं आता है।

एसिड रिफलक्स
कई बच्चों को पीठ के बल सोने की बजाय करवट लेकर सोना अच्छा लगता है। ऐसा कोलिक या एसिड रिफलक्स के कारण हो सकता है जो कि सीधा लेटने पर शिशु को परेशान कर सकता है। इस वजह से भी बच्चों को पालने में सोना नापसंद हो सकता है।

अलग होने की चिंता
लगभग 6 से 7 महीने के बच्चे परिवार के सदस्यों के चेहरे में अंतर करना सीख लेते हैं। जब आप बच्चे को पालने में छोड़कर कमरे से बाहर चले जाते हैं तो उन्हें आपकी कमी महसूस होती है और आपके ना आने पर उन्हें चिंता सताने लगती है। उन्हें अकेले सोने की आदत नहीं और उन्हें किसी ना किसी अपने का इंतजार रहता है। इस वजह से भी बच्चों को पालने की बजाय अपनी मां की गोद में सोना अच्छा लगता है।

डाउनवर्ड रिफ्लेक्स का एक्टिव होना
बच्चों को मां की गोद में सोना पसंद होता है। उन्हें जैसी ही लगता है कि आप उन्हें पालने या नीचे बिस्तर पर लिटा रहे हैं तो उनका डाउनवर्ड रिफ्लेक्स ट्रिगर हो जाता है और उन्हें लगता है कि वो किसी खतरे में हैं या गिरने वाले हैं। इस वजह से भी पालने में लिटाने के दौरान अकसर बच्चे रोने लगते हैं।

क्या करें
ध्यान रहे कि आप हर समय बच्चे को पालने में सोने से बचा नहीं सकती हैं इसलिए आपको उन चीजों पर काम करना चाहिए जिससे बच्चे को क्रिब में सोना अच्छा और सहज लगे।

कुछ समय के लिए वहीं रहें
हर बच्चे को अपने आसपास अपने माता-पिता के एहसास की जरूरत होती है। आपके होने पर उसे अकेला महसूस नहीं होता है। बच्चे को पालने में लिटाने के बाद कुछ समय के लिए उसी के पास कुर्सी लगाकर बैठ जाएं। इससे बच्चे को एहसास होगा कि आप उसी के पास हैं और कहीं नहीं गए हैं।
बच्चों की सूंघने की क्षमता भी बहुत तेज होती है। आप उनके पास अपनी कमीज या कोई कपड़ा रख सकते हैं जिसमें से आपकी खुशबू आती हो।

रात को क्रिब को अकेला छोड़ दें
अगर आप चाहती हैं कि आपका बच्चा अकेले सोना सीख जाए तो उसे रात के समय पालने में सुलाएं। इससे उसे लंबे समय तक अकेले सोने की आदत होगी क्योंकि इस समय सबसे ज्यादा नींद आती है। इस समय वो पालने से निकलने के लिए कम जिद करेंगे।

समय लगेगा
आप इस बात का ध्यान रखें कि बच्चे को आपकी गोद की बजाय पालने की आदत पड़ने में समय लगेगा। उम्मीद न हारें और कोशिश करते रहें।



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