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बच्चे को नहलाने का काम लगता है मुश्किल, अपनाए ये आसान स्टेप
बच्चे के जन्म लेने के बाद एक मां के लिए जितना मुश्किल समय प्रेगनेंसी का होता है, शायद उससे कहीं ज़्यादा मुश्किल होता है बेबी को संभालना। खासकर उनके लिए जो पहली बार मां बनती है। दरअसल शुरू के कुछ महीनों में बच्चे फूल की तरह नाजुक होते हैं कि जिन्हें हाथ में पकड़ने से भी डर लगता है। उन्हें दूध पिलाना, मालिश करना और नहलाना एक मां के लिए वो मुश्किल काम है, जिसके लिए एक्सपर्ट की गाइडेंस बहुत जरूरी है।
बात करें बच्चे को नहलाने की, तो ये सबसे भारी कामों में से माना जाता हैं। बच्चे की आंखों में पानी ना चला जाए, बच्चा हाथ से फिसल ना जाए, ज्यादा जोर से पकड़ने पर उसे दर्द ना हो जाए, ऐसे ही कुछ सवाल है जिनको सोचकर हर मां सहम जाती है। लेकिन आपको घबराने की जरूरत नहीं है, क्यूंकि इस आर्टिकल के जरिए हम बच्चे को नहलाने के लिए गाइडलाइन दे रहे है - जिसको फॉलो करने के बाद बच्चे को नहलाने का काम आपके लिए कुछ ही दिनों में आसान हो जाएगा।

जरूरी चीजें एक जगह रख दें
इस बात का ध्यान रखना जरूरी है कि जब आप बच्चे को नहलाने के लिए ले जाए, तो उससे पहले अपनी जरूरत की हर चीज एक जगह रख दें। ताकि आपकी मदद के लिए कोई ना हों तो आपको बार-बार उठना-बैठना ना पड़ें। वैसे आमतौर पर बच्चे को नहलाने के लिए बेबी टॉवल, एक साफ नैपी एवं साफ कपड़ा चाहिए होता है।

गुनगुना पानी ही इस्तेमाल करें
बच्चे को बाथरूम में ले जाने से पहले ही पानी बाल्टी में भरकर रखें। इससे आपको आसानी रहेगी। ये बात ध्यान रखिएगा कि बच्चे को नहलाने के लिए सिर्फ गुनगुना पानी ही इस्तेमाल मे लें। ज्यादा गर्म या ठंडा पानी बच्चे को नुकसान पहुंचा सकता है, इसलिए नहाने से पहले अपनी कलाई या कोहनी से पानी चैक जरूर करें।

कैमिकल फ्री पानी से नहलाए
आजकल बाजार में कई तरह के लिक्विड क्लींजर मिलते है। लेकिन ध्यान रहें आपके बच्चे की स्किन फूल सी नाजुक होती है, खासकर शुरूआती दो महीनों में। ऐसे में कैमिकल के संपर्क में आने से बच्चे की स्किन को नुकसान पहुंच सकता है और इस कारण उसे एलर्जी, रेड रैसेज इत्यादि की प्रॉब्लम हो सकती है। इसलिए बच्चे को कैमिकल फ्री पानी यानि सादे पानी से ही नहलाए।

पकड़ने का तरीका
बच्चे को नहलाने के लिए सही तरीका अपनाना बहुत जरूरी है। नहीं तो पानी शरीर के नाजुक हिस्सों में जा सकता है और ये बच्चे के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है। इसलिए सबसे पहले अपने बच्चे को अपने घुटने पर पकड़ें और उसका चेहरा साफ करें। इसके बाद, उसके बालों को सादे पानी से धो लें और फिर उसकी नैपी उतारें।
दोनों हाथों का इस्तेमाल करें
बच्चे को नहलाने के लिए एक हाथ से सपोर्ट और दूसरे से क्लीनिंग करें। यानि अपने बच्चे को धीरे से एक हाथ का उपयोग करके नहलाएं ताकि आप उसके ऊपरी हाथ को पकड़ सकें। बल्कि इससे आप बच्चे के सिर और कंधों को सहारा भी दे पाएंगी। याद रखें इस समय आप जितने धैर्य से काम करेंगी, काम उतना ही आराम से होगा।
बाथटब में नहलाते समय सेफटी टिप्स
अगर आप अपने बच्चे को बाथटब में बैठाकर नहलाना चाहती हैं, तो भी इस बात का ध्यान रखें कि पानी उसकी आंख, नाक और कान में ना उतरें। और अगर मौसम ठंडा है, तो सिर को भी पानी से बचाएं। इसकी बजाय इन हिस्सों को आप गीले कपड़े से स्पंज कर सकती हैं। और इस बात का भी खास ध्यान रखिएगा कि बच्चे को कभी भी गलती से भी बाथटब में अकेला ना छोड़ें।
कॉटन के कपड़े पहनाए
बच्चे को नहलाने के बाद बारी आती है उसे तैयार करने की। तो सबसे पहले पानी से भीगे बच्चे को साफ तौलिया में लें और बिस्तर पर लेटाकर उसे अच्छी तरह नर्म तौलिया से पोंछें। फिर जांघें, घुटनों का पिछला हिस्सा ओर अंडर आर्म पर बेबी पाउडर लगाएं, ताकि बच्चे में खुश्बू आती रही और उसे रैशेज भी ना हों। इसके बाद कॉटन के नर्म साफ कपड़े पहना कर उन्हें ब्रेस्ट फीडिंग कराए। दरअसल नहाने के बाद बच्चा थक जाता है और उसे भूख भी लग जाती है। और जब बच्चे का पेट भरा होगा तो उसे अच्छी नींद आएगी।



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