Latest Updates
-
Ganesh Chaturthi Decoration Ideas: गणेश चतुर्थी पर ऐसे सजाएं बप्पा का दरबार, कम खर्च में ये आइडियाज आएंगे काम -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज पर हाथों में लगी मेहंदी का चाहती हैं डार्क कलर, तो आजमाएं ये 4 आसान टिप्स -
Modak Recipe: गणेश चतुर्थी पर बप्पा के लिए घर पर बनाएं उनके प्रिय उकडिचे मोदक, जानें इसकी आसान रेसिपी -
Hartalika Teej 2026: हरतालिका तीज का व्रत कब है? जानें तिथि, शुभ मुहूर्त, पूजा विधि और महत्व -
ना मूर्ति, ना पुजारी, सूर्यास्त के बाद एंट्री भी मना, जानिए फिल्म 'The Vvaan' वाले वन देवी मंदिर का रहस्य -
नेपाल में बाढ़ के बाद भूकंप, इंडोनेशिया में फटा ज्वालामुखी, क्या बाबा वेंगा की भविष्यवाणी हुई सच? -
Pithori Amavasya 2026: आज या कल, पिठोरी अमावस्या कब है? जानें सही तारीख, स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और महत्व -
World Suicide Prevention Day 2026: क्यों मनाया जाता है विश्व आत्महत्या रोकथाम दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
तांबे के बर्तन में पानी पीने से मिलेंगे ये 5 फायदे, डायजेशन के साथ इम्यूनिटी भी होगी मजबूत -
Ganesh Chaturthi 2026: कब है गणेश चतुर्थी? जानें तिथि, गणपति स्थापना का शुभ मुहूर्त और विसर्जन की तारीख
ब्रेस्ट मिल्क बच्चे के लिए हो सकता है हानिकारक, इन संकेतों को ना करें नजरअंदाज
ये बात सभी अच्छे से जानते है कि मां का दूध बच्चे के लिए सर्वोत्तम आहार है। क्यूंकि मां का दूध बच्चे को जरूरी पोषण देता है और एंटीबॉडी प्रदान करता है जो रोगों से लड़ता है ताकि आपके बच्चे का विकास सामान्य और स्वस्थ हो। लेकिन क्या आप जानते है, कुछ मांओं का दूध बच्चे के लिए हानिकारक भी साबित हो सकता है। यहां हम आपको बताएंगे कि किन परिस्थितियों में ब्रेस्ट मिल्क आपके बच्चे के लिए नुकसानदेह हो सकता है।

- सामान्यत: ब्रेस्ट मिल्क पीने वाले बच्चे का शुरूआती छह महीनों में हर महीने आधा किलो से 1 किलो के बीच वजन बढ़ना चाहिए। यदि ऐसा नहीं हो रहा है, तो यह एक निश्चित संकेत है कि जो ब्रेस्ट मिल्क बच्चे को पिलाया जा रहा है, उससे बच्चे को जरूरी पोषण नहीं मिल रहा है।
- अगर आपका बच्चा बार-बार परेशान हो रहा है, यानि उसमें अक्सर चिड़चिड़ापन दिखाई देता है, तो हो सकता है कि उसे ब्रेस्ट मिल्क से आवश्यक पोषक तत्व नहीं मिल रहे हों। बल्कि ऐसा भी हो सकता है कि उसे ब्रेस्ट मिल्क पीने के बाद भी संतुष्टि नहीं मिल रही।
- अगर बच्चे की सामान्य प्रक्रिया धीमी गति से चल रही है तो ये संकेत है कि आपका ब्रेस्ट मिल्क बच्चे के लिए प्रभावी रूप से काम नहीं कर रहा। यानि अगर आपके बच्चे की क्रॉलिंग, रॉलिंग या उठने बैठने की प्रक्रिया में देरी हो रही है, तो यह ब्रेस्ट मिल्क की समस्याओं से संबंधित कमियों का संकेत हो सकता है।
- नवजात शिशु का एक दिन में औसतन छह बार डायपर बदलने की जरूरत रहती है। अगर आपको लगता है कि यह संख्या कम हो गई है, तो ये समस्या ब्रेस्ट मिल्क से संबंधित हो सकती है।
- अगर बच्चे के यूरिन का रंग गहरा है, तो यह दर्शाता है कि आपके बच्चे को आवश्यक तरल पदार्थ नहीं मिल रहे हैं जो ब्रेस्ट मिल्क के जरिए बच्चे को मिलते है।
-नवजात शिशु दिन में 3-4 घंटे के स्लॉट में 17-18 घंटे तक सो सकते हैं। लेकिन अगर आपका शिशु हर समय नींद और सुस्ती में रहता है, तो इसके पीछे का कारण मां का दूध हो सकता है।
- जब बच्चा छोटा होता है और मां का ब्रेस्ट मिल्क पीता है तो उसे संतुष्टि का एहसास होता है। लेकिन, उसे पर्याप्त मात्रा में दूध नहीं मिल रहा या आपके दूध में न्यूट्रीशंस की कमी है, तो आपका बच्चा पूरी तरह से संतुष्ट ना होने के कारण और अधिक के लिए रो सकता है।
- यदि आपके बच्चे को पर्याप्त तरल पदार्थ नहीं मिल रहा है तो उसमें डिहाईड्रेशन के लक्षण देखे जा सकते है और इसके कई कारण हो सकते हैं।

- अगर आपका बच्चा अधिक पानी वाला फोरमिल्क पी रहा है, तो इससे उसे अत्यधिक गैस की समस्या हो सकती है।
- यदि आपके बच्चे को ब्रेस्ट मिल्क पीने की वजह से किसी तरह की कोई समस्या हो रही है, तो आपको उसके चेहरे और पेट के आसपास सूजन दिखाई देगी।
- जब आप बच्चे को ब्रेस्ट मिल्क पिलाना शुरू करती हैं, तो आपके बच्चे के स्टूल का रंग पीला और गाढ़ा होना चाहिए। एक झागदार बनावट के साथ चमकीले हरे रंग का मतलब ब्रेस्ट मिल्क से उसे कम कैलोरी मिल रही है।
- वजन ना बढ़ने के अलावा, अगर आपके बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ी है, तो ये संकेत है कि मां के ब्रेस्ट मिल्क की वजह से बच्चे का विकास नहीं हो पा रहा है।
- कुछ ब्रेस्ट फीडिंग करने वाले शिशुओं को मां के दूध से एलर्जी हो सकती है। जिसके पीछे का एक कारण मां का खानपान भी हो सकता है। ब्रेस्ट मिल्क से होने वाली एलर्जी के संकेतों में अत्यधिक गैस, उल्टी, दस्त और चिड़चिड़ापन शामिल हैं।



Click it and Unblock the Notifications
