For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS  
For Daily Alerts

नवजात शिशु की आंखों में क्या काजल लगाना है सही, जानें डॉक्टर की राय

|

भारत की पुरानी परंपरा में बच्चों को बुरी नजर से बचाने के लिए काजल का इस्तेमाल होता आ रहा है। कई भारतीय माता पिता अपने बच्चों की आंखों को बड़ा और खूबसूरत दिखाने के लिए उन्हें काजल लगाते हैं।

गांव हो या शहर, लोगों में नन्हे मुन्हों को काजल लगाने का शौक बदला नहीं है। दरअसल घर के बड़े बुजुर्ग नवजात शिशु को सुरमा या काजल लगाने की जिद करते हैं। आमतौर पर काजल शिशु के आंख की निचली पलक या फिर कान के पीछे लगाया जाता है।

क्या है काजल?

क्या है काजल?

प्राचीन समय से काजल सौंदर्य प्रसाधन के तौर पर इस्तेमाल होता आ रहा है। तेल या घी के जलने से निकली काली राख को इकट्ठा करके उसे काजल के तौर पर प्रयोग किया जाता है। पुराने जमाने से ये विश्वास चला आ रहा है कि काजल से बच्चे के आंखों की रौशनी अच्छी होती है लेकिन ऐसा कोई साइंटिफिक अध्ययन नहीं है जो इस बात का समर्थन करे।

Most Read: क्या आपका बच्चा भी खाता है मिट्टी, इन घरेलू उपायों से छुड़ाएं आदत

लोग अपने शिशु की आंखों में क्यों लगाते हैं काजल?

लोग अपने शिशु की आंखों में क्यों लगाते हैं काजल?

एक तरफ जहां लोग बच्चे की आंखों की अच्छी रौशनी के लिए काजल लगाते हैं, वहीं वो बच्चे की आंखों को बड़ा और चमकदार दिखाने के लिए काजल का इस्तेमाल करते हैं। इनका ये भी विश्वास होता है कि सूर्य की नकारात्मक किरणों और बुरी नजर से भी शिशु सुरक्षित रहता है।

क्या आपको अपने नवजात बच्चे की आंखों में काजल लगाना चाहिए?

क्या आपको अपने नवजात बच्चे की आंखों में काजल लगाना चाहिए?

इसका सीधा और आसान जवाब है- नहीं। कई परिवारों को भले ही काजल का इस्तेमाल करना बच्चे के लिए लाभकारी लगता हो लेकिन डॉक्टर इस बात से सहमत नहीं हैं। काजल में लीड मौजूद होता है जिसकी वजह से इचिंग और जलन की समस्या होती है और कई बार इससे इंफेक्शन भी हो सकता है। बाजार में मिलने वाले काजल में लीड की मात्रा काफी होती है और ये ऐसा मेटल है जिसे आपको अपने नवजात शिशु के आसपास भी नहीं रखना चाहिए।

कई पेरेंट्स बच्चे के लिए घर में तैयार काजल का इस्तेमाल करने पर जोर देते हैं लेकिन कोई भी साइंटिफिक स्टडी इसका समर्थन नहीं करती है। ये बात समझनी बहुत जरूरी है कि यदि काजल घर पर ही तैयार किया गया है तब भी उसमें कार्बन मौजूद होता है।

अगर काजल लगाते समय आपके हाथ साफ़ नहीं हैं तो इससे आपके बच्चे की आंखों में संक्रमण भी हो सकता है।

Most Read: बच्चे को अकेले छोड़ना है मजबूरी तो इन बातों का जरूर रखें ध्यान

फिर भी लगाना चाहते हैं काजल

फिर भी लगाना चाहते हैं काजल

अगर आप फिर भी अपने बच्चे को काजल लगाना चाहते हैं तो आप कान के पीछे या फिर माथे पर लगा सकते हैं। ध्यान रहे की नहलाने के दौरान गीले कपड़े से हल्के हाथों से काजल को साफ़ करें।

English summary

Is it safe to apply kajal in a newborn baby’s eyes?

Even though a lot of families across cultures believe that the application of surma is beneficial for the baby, doctors seem to disagree.
We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Boldsky sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Boldsky website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more