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एक से अधिक बच्चे होने पर मां को करना पड़ता है नींद से समझौता : स्टडी
एक विवाहित स्त्री के लिए मां बनने से अधिक खुशी की बात दूसरी नहीं हो सकती। हालांकि इसके लिए महिला को कई तरह के चैलेंजेस व समझौतों का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, बच्चों की संख्या का भी उस पर सिर्फ आर्थिक ही नहीं, बल्कि स्वास्थ्य की दृष्टि से भी प्रभाव पड़ता है। ऐसा हाल ही में किए गए एक अध्ययन से सामने आया है। एक अध्ययन के अनुसार, कई बच्चों वाली माताएं की एक ही बच्चे की माताओं की तुलना में अधिक खंडित नींद होती है। हालांकि इस अध्ययन के अनुसार, एक परिवार में बच्चों की संख्या पिता की नींद की गुणवत्ता को प्रभावित नहीं करती है। तो चलिए क्या है यह अध्ययन-

क्या कहता है अध्ययन
यह अध्ययन मैकगिल विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं द्वारा किया गया। जिसमें यह बात सामने आई कि जिन माताओं के कई बच्चे होते हैं, रात में उनकी नींद में बार-बार खलल पड़ता है, जबकि बच्चों की संख्या एक से अधिक होने पर पिता की नींद की गुणवत्ता पर इसका असर नहीं पड़ता है। इस स्टडी में 111 पैरेंट्स को शामिल किया गया। प्रतिभागियों के नींद के पैटर्न का दो सप्ताह तक अध्ययन किया गया। एक बच्चे वाली माताओं ने एक से अधिक बच्चों वाली माताओं की तुलना में कम बाधित और बेहतर.गुणवत्ता वाली नींद प्राप्त की। हालांकि इस अध्ययन में पिता की नींद में कोई अंतर नहीं देखा गया।

सोच है मुख्य कारण
अगर भारतीय संदर्भ की बात की जाए तो यहां पर लोगों की सोच और मां की नींद का सीधा संबंध है। भारत में वैवाहिक संबंध में चाइल्ड केयर एकतरफा है और सहयोगात्मक रूप से चर्चा नहीं की जाती है। जिसके कारण बच्चे की केयर करने का सारा जिम्मा अधिकतर मां के कंधों पर होता है और जब बच्चे एक से अधिक होते हैं तो इस स्थिति में उनकी नींद भी प्रभावित होती है।
क्या है शोधकर्ताओं की राय
शोधकर्ताओं के अनुसार, हेल्थकेयर प्रोवाइडर द्वारा चाइल्ड केयर में दिन और रात के समय किया गया हस्तक्षेप मां को बेहतर नींद दिलाने में मदद कर सकता है। हालांकि, ये हस्तक्षेप प्रत्येक परिवार के सदस्य के अनुरूप होना चाहिएए उनकी स्थिति पर निर्भर करता है।



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