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6 महीने तक के बच्चों को क्यों नहीं पिलाना चाहिए पानी, जानें कारण

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नवजात बच्चों को शुरू के 6 महीने तक अलग से पानी पीने की जरुरत नहीं होती हैं। उनके लिए केवल मां का दूध ही काफी होता है, क्योकिं मां के दूध में ही 80 प्रतिशत पानी होता है, जो उन्हे सभी जरुरी पोषण और हाइड्रेशन देता है। इतना ही नहीं फॉर्मूला मिल्क पीने से भी बच्चे का शरीर हाइड्रेट रहता है। कम से कम 6 महीने के बाद ही बच्चों को पानी पिलाना चाहिए। लेकिन इस दौरान दूध की मात्रा में कमी नहीं करनी चाहिए। ये तो हम सभी जानते हैं कि बच्चे को आहार किस उम्र में देना चाहिए, लेकिन बच्चों को पानी पिलाने का भी एक सही समय होता है। आज हम इस लेख के माध्यम से आपको बताएंगे कि बच्चों का पानी पिलाना कब शुरू करना चाहिए। और किस मात्रा में पिलाना चाहिए इसकी भी जानकारी देंगे।

पानी पिलाने का सही समय क्या है?

पानी पिलाने का सही समय क्या है?

विशेषज्ञों के मुताबिक जब बच्चा ठोस आहार खाना शुरू करता है, तभी उसे पानी पिलाना शुरू करना चाहिए। बच्चों का पानी पिलाना शुरू करने के लिए यही समय सही माना जाता है। इस उम्र में बच्चे सिप्पी कप से भी पानी पीना सीख सकते है। इसलिए आप इन्हे सिप्पी कप भी दें सकते हैं, क्योकि इससे बच्चे ज्यादा पानी नहीं पीते हैं।

6 महीने तक बच्चों को क्यों न दें पानी

6 महीने तक बच्चों को क्यों न दें पानी

बच्चे को पानी पिलाने के लिए 6 महीने तक का इंतजार करना बहुत जरुरी होता है। 6 महीने तक बच्चे अपनी मां का या फॉर्मूला मिल्क पीते हैं, जिससे उन्हें सभी पोषक तत्व मिल जाते हैं, जिसकी उन्हें जरुरत होती है। ये स्रोत बच्चों को पर्याप्त मात्रा में पानी भी देते हैं। 6 महीने से पहले बच्चों को पानी देने से उनके सही विकास में बाधा आ सकती है। यहां तक की पतला फॉर्मूला मिल्‍क देने या ज्यादा पानी पिलाने के कारण बच्चे की तबियत भी खराब हो सकती है।

गर्म मौसम में पानी पिलाना कितना सही?

गर्म मौसम में पानी पिलाना कितना सही?

गर्मी के मौसम में बच्चे को पानी पिलाने के स्थान पर मां को अधिक मात्रा में अपना दूध या फॉर्मूला मिल्क पिलाना चाहिए। इससे बच्चे की पानी की कमी दूर रहेगी। और वो स्वास्थ रहेगा। गर्मी के मौसम में अगर मां अधिक मात्रा में दूध पीती हैं, तो इससे मां के साथ-साथ बच्चा अपने आप हाइड्रेट रहेगा। अगर बच्चा 24 घंटे में 6 से 8 बार पेशाब कर रहा है, तो इसका मतलब उसे पर्याप्त मात्रा में पानी मिल रहा है।

बुखार होने पर बच्चे को पानी पिलाना चाहिए?

बुखार होने पर बच्चे को पानी पिलाना चाहिए?

6 महीने से कम उम्र के बच्चों को बुखार में भी पानी देने से बचना चाहिए। मां का दूध या फॉर्मूला मिल्क ज्यादा बार देने से बुखार के दौरान होने वाली पानी की कमी को रोकने में मदद कर सकता है। 6 महीने से बड़े बच्चों को छोड़ा पानी दें सकते हैं। बच्चे की देखभाल करने वालों को डिहाइड्रेशन के लक्षणों का ध्यान देना चाहिए।

डिहाइड्रेशन के लक्षण-

- सुखा मुंह और जीभ

- बिना आंसुओं के रोना

- 3 घंटे या उससे अधिक समय तक डायपर गीला नहीं करना

- असामान्य नींद

- चिड़चिड़ापन

- धंसी हुई आंखें

बच्चों के लिए अन्य पेयजल

बच्चों के लिए अन्य पेयजल

विशेषज्ञों के मुताबिक 6-12 महीने के बच्चों को केवल मां का दूध, फार्मूला मिल्क और पानी ही देना चाहिए। 12 महीने के बाद बच्चे गाय का दूध या फोर्टिफाइड सोया ड्रिंक पी सकते हैं। यूनाइटेड किंगडम की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा 2 साल की उम्र तक बच्चों को दूध देने की सलाह देती है, क्योंकि इससे बच्चों को महत्वपूर्ण पोषक तत्व मिलता है।

पोषक तत्वों से युक्त होने के बावजूद, फलों के रस और स्मूदी में प्राकृतिक रूप से पाए जाने वाले शुगर और एसिड बच्चों के दांतों में सड़न का कारण बन सकते हैं। 5 साल की उम्र के बच्चे रोजाना लगभग 150 मिलीलीटर फलों का रस या स्मूदी पी सकते हैं।

English summary

Reasons Why babies should not be given water for the first 6 months in Hindi

Babies do not need to drink water until about 6 months. Babies get all the necessary hydration and nutrients from breast milk or formula milk. For this reason, babies should be given only breast milk or formula milk for 6 months. After 6 months, babies can drink water along with their regular milk.
Story first published: Monday, September 19, 2022, 14:00 [IST]
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