Latest Updates
-
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम -
Corona Alert: फिर लौट रहा कोरोना? आंध्र प्रदेश में 2 मौतें, 4 नए केस से बढ़ी चिंता
ठंड में नवजात की स्किन का रखना है ख्याल तो इन टिप्स की लें मदद
ठंडी हवाएं चलनी शुरू हो गई हैं और इस मौसम में लोगों को कई तरह की स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे यह मौसम सबसे अधिक बच्चों खासतौर पर नवजात शिशुओं को प्रभावित करता है। इस मौसम में बच्चों को स्वास्थ्य समस्याओं के साथ-साथ स्किन प्रॉब्लम्स का भी सामना करना पड़ता है। इस बात में कोई दोराय नहीं है कि नवजात शिशुओं की स्किन काफी डेलीकेट होती है और इसलिए अगर ठंड के मौसम में उनकी स्किन का सही तरह से ख्याल ना रखा जाए तो इससे नवजात को एक्जिमा व सूखेपन की समस्या शुरू हो जाती है। इतना ही नहीं, नवजात शिशुओं को ठंड के मौसम में लाल चकत्ते, सूखापन, फटे होंठ और वयस्कों की तुलना में बहुत तेजी से होते हैं। यही कारण है कि नवजात शिशुओं की सेहत व स्किन दोनों को ही अतिरिक्त देखभाल की जरूरत होती है और नवजात शिशु की पहली सर्दी आपके लिए बेहद चुनौतीपूर्ण साबित हो सकती है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे उपाय बता रहे हैं, जिन्हें अपनाकर आप ठंड के मौसम में नवजात शिशु की स्किन का अच्छी तरह ख्याल रख सकते हैं और उसे कई तरह की स्किन समस्याओं से बचा सकते हैं-

लंबे समय तक ना नहलाएं
यह एक ऐसा आसान टिप है, जिसकी मदद से बच्चे की स्किन को अतिरिक्त रूखा होने से बचाया जा सकता है। ठंड के मौसम में आप कोशिश करें कि आप बच्चे को लंबे समय तक ना नहलाएं और ना ही नहलाने के लिए बहुत अधिक गर्म पानी का इस्तेमाल ना करें। यह उसकी स्किन की नेचुरल नमी को छीनने से रोकेगा। वास्तव में, आपको हर दिन अपने नवजात शिशु को स्नान करने की आवश्यकता नहीं है। सप्ताह में दो बार नहलाना उनके लिए पर्याप्त है। अन्य दिन आप बच्चे को स्पॉन्ज बाथ दे सकती हैं। इसके अलावा, किसी भी साबुन का उपयोग करने से पहले बच्चे की त्वचा पर पैच टेस्ट करना न भूलें।

ऑयल मसाज आएगी काम
नवजात शिशु के लिए ऑयल मसाज यकीनन बेहद ही फायदेमंद होती है। इससे बच्चे की स्किन की नमी तो बनी रहती है ही, साथ ही इससे उनका रक्त प्रवाह बेहतर होता है और उनकी हड्डियां मजबूत होती हैं। इसलिए कोशिश करें कि आप नवजात शिशु को दिन में कम से कम एक बार ऑयल मसाज जरूर करें ताकि त्वचा नमीयुक्त रहे और सूखापन और दाने का खतरा कम हो।

ह्यूमिडिफायर का करें उपयोग
यह भी एक तरीका है, जिसकी मदद से आप बच्चे की स्किन को बहुत अधिक रूखा होने से बचा सकते हैं। जब ठंड बहुत अधिक बढ़ने लगे तो ऐसे में आप ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें। जब ठंड में तापमान गिरता है तो ऐसे में बेबी के कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करने से वार्म व नमीयुक्त रहता है। साथ ही इससे बेबी को किसी भी तरह के अनावश्यक स्किन इश्यू से बचाया जा सकता है।

नेचुरल मॉइश्चराइजर का करें इस्तेमाल
ठंड के मौसम में बच्चे की स्किन की नमी बनाए रखने के लिए मॉइश्चराइजर का इस्तेमाल करना जरूरी माना जाता है। अन्यथा ठंडी हवा के कारण उनकी त्वचा शुष्क हो जाती है और उन्हें एक्जिमा की समस्या हो सकती है। वैसे तो आपको मार्केट में खासतौर पर छोटे बच्चों के लिए मॉइश्चराइजर अवेलेबल हैं, लेकिन फिर भी आप कोशिश करें कि आप उनके लिए नेचुरल मॉइश्चराइजर जैसे दूध, मलाई और मक्खन आदि का इस्तेमाल करें। इससे उनकी स्किन की नमी तो बनी रहेगी ही, साथ ही किसी तरह का रिएक्शन होने की संभावना भी नहीं रहेगी।



Click it and Unblock the Notifications