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पैरेंट्स की यह बुरी आदतें बच्चे की ग्रोथ को करती हैं इफेक्ट
बच्चों की बेहतर ग्रोथ के लिए पैरेंट्स हर संभव प्रयास करते हैं। लेकिन कभी-कभी उनकी खुद की ही कुछ बैड हैबिट्स बच्चों को नुकसान पहुंचती हैं। अमूमन पैरेंट्स को इस बात का अंदाजा नहीं होता है, लेकिन उनकी बैड हैबिट्स उनके बच्चे की ग्रोथ में रूकावट पैदा करती है। जब वे अपने बच्चे की डेवलपमेंट में ग्रोथ नहीं देखते हैं तो इससे बाद में वे परेशान हो जाते हैं।
अमूमन इस स्थिति में बच्चे को दोष देने की बजाय आपको इसके कारणों के बारे में जान लेना चाहिए। हो सकता है कि बच्चे की सही डेवलपमेंट ना होने के पीछे शायद आपकी ही कुछ बैड हैबिट्स जिम्मेदार हों। दुनिया में सबसे कठिन काम बच्चे के पालन-पोषण का है। यह एक आजीवन प्रतिबद्धता है। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको पैरेंट्स की कुछ ऐसी ही बैड हैबिट्स के बारे में बता रहे हैं, जो बच्चे के डेवलपमेंट को इफेक्ट कर सकती हैं-

कोई रूल सेट ना करना
अक्सर पैरेंट्स बच्चों के साथ बहुत अधिक फ्रेंडली होते हैं और वे घर में किसी भी तरह के रूल सेट नहीं करते हैं। जबकि वास्तव में यह बेहद जरूरी है। जब आप घर में नियम निर्धारित नहीं करते हैं तो इससे बच्चे डिसीप्लीन नहीं सीख पाते हैं। वे हर चीज को लेकर काफी लापरवाह होते हैं। हो सकता है कि वे दूसरों के साथ मिसबिहेव भी करना शुरू कर दें। ऐसे में कहीं ना कहीं उनके डेवलपमेंट पर असर पड़ता है।
खुद नियमों का पालन नहीं करना
यह वह सबसे बुरी बैड हैबिट है, जो पैरेंट्स के तौर पर आप बच्चे के सामने पेश कर रहे हैं। अगर आपने अपने घर में कुछ नियम बनाए हैं तो बच्चे से पहले आपको उन नियमों को फॉलो करना होगा। जब आप खुद अपने द्वारा सेट किए रूल्स को फॉलो नहीं करते हैं तो इससे बच्चा भी उसे लेकर सीरियस नहीं होता है। इसलिए, सबसे पहले स्वयं उन नियमों का पालन करें। बच्चा खुद ब खुद उन्हें फॉलो करना शुरू कर देगा। इससे उनकी ग्रोथ व डेवलपमेंट पर भी असर पड़ेगा।
बच्चे का हर काम करना
अक्सर पैरेंट्स अपने बच्चे का हर काम करना शुरू कर देते हैं। लेकिन वास्तव में ऐसा करने से आप उनकी डेवलपमेंट में रूकावट पैदा कर रहे हैं। बेहतर होगा कि आप अपने बच्चों को रोज़मर्रा के कामों में शामिल करें। इससे वे अधिक ज़िम्मेदार महसूस करते हैं। आप अपने बच्चों को छोटे-छोटे काम करने के लिए कहें जैसे खाना खाने के बाद बर्तन रखना, धुले हुए कपड़ों की तह करना, खाने से पहले टेबल को अरेंज करना आदि।
बात-बात पर गुस्सा आना
यह हैबिट अधिकतर पैरेंट्स की होती है। वे बहुत जल्दी गुस्सा कर देते हैं और बच्चों पर चिल्लाने लगते हैं। इससे बच्चे के व्यक्तित्व में कई नेगेटिव बदलाव आने लग जाते हैं। शुरूआत में, वे ये सोचकर चुप रह सकते हैं कि आपने किसी कारणवश अपना नियंत्रण खो दिया है। लेकिन एक समय के बाद वे बस आपकी उपेक्षा करना शुरू कर देंगे।
दूसरे बच्चों से तुलना करना
पैरेंट्स की यह बैड हैबिट्स होती है कि वह अपने बच्चे की तुलना दूसरे बच्चों से करते हैं। आपको भले ही इसमें कोई गलती नजर नहीं आती हों, लेकिन बतौर पैरेंट यह आपकी सबसे खराब हैबिट्स में से एक है। इससे ना केवल पैरेंट्स और बच्चों के बीच आपसी तालमेल बिगड़ता है, बल्कि इससे बच्चे डिमोटिवेट भी होती है। ऐसे में बच्चे खुद पर विश्वास खो देते हैं और अपने दम पर कोई काम करने की उनकी रुचि खत्म हो सकती है।
बच्चों से चर्चा ना करना
अक्सर पैरेंट्स अपनी डेली लाइफ में इतना बिजी होते हैं कि उनके पास बच्चों के लिए समय ही नहीं होता है। यहां तक कि वे इसकी जरूरत भी नहीं समझते हैं। हो सकता है कि बच्चे अपने स्कूल या फ्रेंड्स ग्रुप में एक बुरा अनुभव देख रहे हों। ऐसे में जब पैरेंट्स उनसे चर्चा नहीं करते हैं तो वे अपने मन के डर या दबाव को बाहर नहीं निकाल पाते हैं। इससे कहीं ना कहीं उनका पूरा जीवन ही प्रभावित होता है।



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