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अपनी प्रजनन क्षमता को प्राकृतिक रूप से बढ़ाने के उपाय
प्रजननता आहार यानी प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले आहार लेने से प्रजनन विकार संबंधी कारकों को दूर किया जा सकता है बल्कि स्वस्थ प्रजनन प्रणाली भी विकसित होती है। प्रजननता आहार यानी प्रजनन क्षमता बढ़ाने वाले आहार लेने से प्रजनन विकार संबंधी कारकों को दूर किया जा सकता है बल्कि स्वस्थ प्रजनन प्रणाली भी विकसित होती है । प्रेगनेंट न हो पाने के कई कारण हो सकते हैं, जिनके बारे में आपको ज्यादा जानकारी नहीं होगी।
हो सकता है कि आप जरुरत से ज्यादा पतली हों, अगर आप पुरुष हैं तो शायद आपके अंडकोष में ज्यादा शुक्राणु न बनते हों या फिर आपका सारा दिन बिजी रहता हो और आपको आराम करने का समय न मिलता हो आदि। अगर आप इस वर्ष 2013 में बच्चा चाहते हैं तो उत्तम मौके के लिए इन उपायों को अपनाएं।

स्वयं को ठंडा रखें
शुक्राणु ठंडे वातावरण में अच्छी तरह विकसित होते हैं। वे पुरुष जो कंप्यूटर को गोद में लेकर बैठते हैं उनकी प्रजनन क्षमता का स्तर घट जाता है। पुरुषों को बहुत देर तक गर्म पानी से स्नान भी टालना चाहिए। एक अध्ययन से पता चलता है कि ठंडे पानी से नहाने से शुक्राणु का उत्पादन पांच गुना बढ़ जाता है। इसके अलावा कसे हुए पेंट के स्थान पर बड़े जांघिया पहनें।

धूप सेंकें
सूर्य की रोशनी से स्त्री और पुरुष दोनों में विटामिन डी का स्तर बढ़ता है जिससे प्रजनन क्षमता बढ़ती है। अध्ययनों से पता चलता है की विटामिन डी महिलाओं के सेक्स हार्मोन प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन के स्तर को बढ़ाता है जो मासिक धर्म को नियमित करता है और गर्भधारण की संभावना को बढ़ाता है। यह शुक्राणुओं की संख्या को भी बढ़ाता है।

आराम करने के लिए समय निकालें
महिलाओं की प्रजनन क्षमता पर तनाव का बहुत अधिक प्रभाव पड़ता है। इससे पुरुषों में शुक्राणुओं का उत्पादन कम होता है कामेच्छा कम हो सकती है।

दूध से बने उत्पाद अधिक खाएं
एक अध्ययन से पता चलता है कि वे महिलाएं जो दिन में एक बार पूर्ण वसा युक्त आहार लेती हैं उनमें बांझपन का खतरा एक चौथाई तक घट जाता है। दूध से बने उत्पाद अंडाशयों को अच्छी तरह से कार्य करने में सहायक होते हैं।

मल्टीविटामिन लें
खोज से पता चलता है कि प्रतिदिन जन्म के पूर्व विटामिन जिसमें गर्भाधान के लिए मुख्य पोषक तत्व जैसे फोलिक एसिड, विटामिन 12 और सेलेनियम हो, लेने से गर्भधारण की संभावना दुगुनी हो जाती है।

सिगरेट पीना (धूम्रपान) छोड़ें
धूम्रपान करने वाले पुरुषों के नपुंसक होने की संभावना 50% अधिक होती है और उनमें शुक्राणुओं की संख्या कम होती है। धूम्रपान करने वाली महिलाओं की प्रजनन क्षमता धूम्रपान न करने वाली महिलाओं की तुलना में 30% तक कम होती है। धूम्रपान के कारण गर्भाशय में भ्रूण का आरोपण रुक सकता है।

पीने से पहले सोचें
यदि आप गर्भवती होने का प्रयत्न कर रहे हैं तो यह अच्छा होगा की आप और आपका साथी कम अल्कोहल का सेवन करें। अल्कोहल का अत्याधिक सेवन करने से शुक्राणु का उत्पादन और अण्डोत्सर्ग खराब होता है।

फोन का उपयोग करें
मुफ्त सेवाएं जैसे मासिक धर्म डायरी, प्रजनन क्षमता मित्र और मासिक कैलेण्डर का उपयोग करें जिससे आपको आपको यह पता चलेगा कि गर्भधारण के लिए कब आपके शरीर का तापमान उत्तम है और अपने मासिक धर्म की तिथि का ध्यान भी रख सकते हैं।

एक्युपंचर करें
शरीर पर विशिष्ट बिन्दुओं को उत्तेजित करने के लिए एक्युपंचर का प्रयत्न करें। ऐसा माना जाता है कि इससे अण्डोत्सर्ग नियंत्रित होता है और गर्भाशय में रक्त परिसंचरण बढ़ता है जिससे निषेचित अंडे की संभावना बढ़ जाती है।

सेक्स करें!
वे युगल जो सप्ताह में एक बार से लेकर तीन से चार बार तक यौन संबंध रखते हैं उनमें गर्भाधान की संभावना 15% से 50% तक बढ़ जाती है। सेक्स शुक्राणुओं को स्वस्थ रखता है। यदि यह शरीर में तीन दिन से अधिक रहता है तो इसकी गुणवत्ता गिर जाती है।

अपना समय पहचानें
बच्चा प्राप्त करने के लिए आपको महीने में उस समय सेक्स करना चाहिए जब प्रजनन समय उपयुक्त होता है। औसतन 28 दिन के चक्र में यह 10 वें दिन से 17 वें दिन के बीच होता है।

वज़न कम करें
शरीर का वसा एस्ट्रोजन का उत्पादन करता है जो शरीर के अण्डोत्सर्ग के चक्र को भ्रमित कर सकता है। कम वज़न वाली महिलाओं की तुलना में अधिक वज़न वाली महिलाओं का मासिक धर्म अनियमित होता है। केवल 5% तक वज़न कम करने से गर्भधारण की संभावना पांच गुना बढ़ जाती है।

बहुत अधिक दुबलें न रहें
कम वजन होने के कारण आपके शरीर की अण्डों के उत्पादन की क्षमता बंद हो सकती है क्योंकि शरीर को यह पता चलता है की स्वस्थ गर्भावस्था बनाए रखने के लिए पर्याप्त वसा नहीं है।

कार्बोहाइड्रेट लेना बंद करें
कुछ विशेषज्ञों का ऐसा मानना है कि परिष्कृत उच्च कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार जैसे मैदे की ब्रेड, पास्ता, बिस्किट गर्भधारण को प्रभावित कर सकते हैं। ये आहार रक्त शर्करा को तुरंत बढ़ाते हैं जिससे इन्सुलिन बढ़ जाता है जिससे प्रजनन क्षमता क्षीण हो सकती है।

ड्रग्स (मादक पदार्थ) न लें
मनोरंजक दवाएं जैसे कोकीन और मारिजुआना शुक्राणुओं की संख्या को कम करते हैं और असामान्य शुक्राणुओं को बढ़ाते हैं जबकि नशा करने वाली महिलाओं को अण्डोत्सर्ग की समस्या का सामना करना पड़ सकता है।

अधिक तेलीय मछली खाएं
कुछ अध्ययन यह दर्शाते हैं कि ओमेगा 3 जो कि तेलीय मछली जैसे सालमोन और अलसी के बीजों में पाया जाता है, गर्भपात के खतरे को कम करता है और शुक्राणुओं की गुणवत्ता में सुधार लाता है। ये आवश्यक वसा हार्मोन्स के स्वस्थ कार्य के लिए महत्वपूर्ण है परन्तु हम में से अधिकांश लोगों को यह पर्याप्त रूप से नहीं मिलते।

कैफ़ीन छोड़ें
खोज से यह पता चलता है की प्रतिदिन एक कप कॉफ़ी भी आपकी गर्भधारण की क्षमता को कम कर सकती है। विशेषज्ञ कहते हैं कि कैफ़ीन फॉलोपियन ट्यूब जो अण्डों को अंडाशय से ले जाती हैं, की मांसपेशियों की गतिविधि को घटा सकता है।

दर्दनिवारक दवाएं लेना बंद करें
कुछ आसानी से उपलब्ध दवाएं जैसे पैरासिटामाल और आइबूप्रोफेन अण्डोत्सर्ग के चक्र के दौरान लेने से आपकी गर्भधारण की क्षमता प्रभावित हो सकती है। वे प्रास्टाग्लेन्डिस नाम के हार्मोन को दबा सकती हैं जो फॉलोपियन ट्यूब में अण्डों को छोड़ने में सहायक होता है।

अधिक पानी पीएं
यदि आप पर्याप्त पानी नहीं पीते हैं तो आपका प्रजनन तंत्र कमज़ोर हो जायेगा क्योंकि शरीर पहले यह सुनिश्चित करता है कि उसके महत्वपूर्ण अंगों को सबसे अधिक आवश्यकता किस चीज़ की है। पानी फूले हुए अंड कूप बनाता है और गर्भाशय की दीवार को मजबूती से रक्त आपूर्ति करता है। इसके अलावा यदि आप निर्जलीकृत रहे तो गर्भाशय का द्रव जो शुक्राणु को अंडा ढूँढने में सहायक होता है, अक्रियाशील हो जाता है।

घर का काम
नए शोध के अनुसार वे महिलाएं जो घर का काम, बागवानी या अन्य प्रकार के सामान्य व्यायाम करती हैं उनमें आई वी एफ के द्वारा गर्भधारण की संभावना उन महिलाओं की तुलना में अधिक होती है जो अधिक समय तक बैठे रहने का काम करती हैं। व्यायाम शरीर को अतिरिक्त मात्रा में इंसुलिन का उत्पादन करने से रोकता है जो स्वस्थ अंडे के विकास में बाधक होता है



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