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Electric Shock : बच्चे को लग गया बिजली का झटका, इस सिचुएशन में तुरंत करें ये काम
Electric Shock : बिजली का करंट लगने पर कई बार व्यक्ति की जान भी चली जाती है। बच्चों के मामले में यह सिचुएशन ज्यादा खतरनाक साबित हो सकती है। बच्चे अक्सर जिज्ञासा के चलते मौजूद इलेक्ट्रिक स्विच को छू लेते हैं जिससे उन्हें बिजली का झटका लग सकता है।
बारिश के दिनों में बिजली का करंट लगने की समस्या ज्यादा देखी जाती है। पानी के कारण तार गीले हो जाते हैं। और त्वचा के संपर्क में आने की वजह से तेज झटका या करंट लग सकता है।
अगर बच्चे को बिजली का करंट लग जाए, तो उसका फर्स्ट एड कैसे किया जाना चाहिए।

बिजली की सप्लाई बंद करें
बिजली के करंट लगने की स्थिति में सबसे पहले बिजली की सप्लाई को तुरंत बंद करें। इसके लिए मेन स्विच ऑफ करें। बिजली बंद होने से दूसरे लोगों के लिए भी खतरा कम हो जाएगा और वे भी करंट के शिकार नहीं होंगे।
बच्चे को गर्म रखें
करंट के कारण अचानक से शरीर का तापमान गिर जाता है, इसलिए बच्चे को गर्म रखकर शरीर को स्थिर तापमान पर लाना जरूरी है। बच्चे को गर्म कपड़ों से लपेटें। बच्चे को अपनी गोद में लेकर या शरीर के संपर्क में रखकर भी गर्मी दे या उसके पांव रगड़े।
साफ पानी से धोएं
बिजली का झटका लगने पर बच्चे के शरीर पर कोई दवा या पोटली न लगाएं, केवल साफ पानी से धोएं। बच्चे को तुरंत चिकित्सकीय देखभाल देना बहुत जरूरी है इसलिए आप उसे तुरंत डॉक्टर के पास लेकर जा सकते है।
CPR दें
बिजली का झटका लगने पर अगर बच्चे में सांस लेने, खांसने या फिर किसी तरह की मूवमेंट नहीं दिख रही है, तो CPR शुरू करें।
ये लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर के पास ले जाएं
- व्यक्ति कंफ्यूज़्ड है
- सांस लेने में दिक्कत हो रही है
- दिल की धड़कने धीमी या तेज़ हो गई हैं
- कार्डियक अरेस्ट या हार्ट अटैक हो जाता है
- मांसपेशियों में दर्द या अकड़न
- दौरा पड़ता है
- बेहोश हो जाता है
बच्चे को करंट लगने पर इन बातों का ख्याल रखें-
- अगर आपके बच्चे को हाई-वोल्टेज तार से करंट लगा है, तो प्राथमिक उपचार के लिए तुरंत इमरजेंसी नंबर पर कॉल लगाए।
-करंट लगने पर बच्चे को न हिलाएं।
- इलेक्ट्रिक तार से एक बार व्यक्ति दूर हो जाए, उसके बाद उसकी सांसें चेक करें और देखें कि धड़कन है या नहीं।
- अगर बच्चा करंट के संपर्क में है, तो उसे छूने से बचें। तुरंत बिजली काट दें और तारों के करीब न जाएं।
- बच्चे को गंभीर जलन, सांस लेने में तकलीफ, मांसपेशियों में दर्द और बेहोशी आने जैसे लक्षण दिखने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।



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