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दुनियाभर में हर 2 मिनट में एक प्रेग्नेंट महिला की हो रही मौत, मातृ मृत्यु दर में दूसरे नंबर पर भारत- UN Report

यूनाइटेड नेशंस ने गुरुवार को अपनी एक रिपोर्ट पेश की है। जिसमें चौंकाने वाला खुलासा सामना आया है। यूनाइटेड नेशंस की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 20 सालों में मातृ मृत्यु दर में गिरावट के बाद भी प्रेग्नेंसी के दौरान या डिलीवरी के समय दुनिया भर में हर 2 मिनट में एक महिला की मौत होती है। 2020 में 2 लाख 87 हजार महिलाओं की प्रेग्नेंसी के दौरान मौत हुई है।
टेड्रोस अदनोम घेब्रेयसस, विश्व स्वास्थ्य संगठन के डायरेक्टर जनरल का एक बयान सामने आया जिसमें उन्होने कहा, "गर्भावस्था सभी महिलाओं के लिए अपार आशा और सकारात्मक अनुभव का समय होना चाहिए, यह दुखद रूप से अभी भी दुनिया भर के लाखों लोगों के लिए एक चौंकाने वाला खतरनाक अनुभव है, जिनके पास उच्च गुणवत्ता, सम्मानजनक स्वास्थ्य देखभाल तक पहुंच नहीं है।"
आगे उन्होने कहा, "इन नए आंकड़ों से पता चलता है कि हर महिला और लड़की को प्रसव से पहले, उसके दौरान और बाद में महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच सुनिश्चित करने की तत्काल आवश्यकता है और वे अपने प्रजनन अधिकारों का पूरी तरह से उपयोग कर सकें।"
भारत में प्रेग्नेंट महिलाओं का मृत्यु दर
भारत में भी मातृ मृत्यु दर में सुधार देखा गया है। लेकिन इसके बावजूद भी भारत मातृ मृत्यु दर के मामले में दुनिया में दूसरे नंबर पर है। साल 2000 में हर 1 लाख प्रेग्नेंट महिलाओं में 386 महिलाओं की मौत होती थी। साल 2020 में ये आंकड़ा 103 पर आ गया है। भारत में पिछले 20 सालों में प्रेग्नेंसी के दौरान महिलाओं की मौत के मामले में 73 प्रतिशत का सुधार हुआ है।
नाइजीरिया में सबसे अधिक मौत
प्रेग्नेंसी के दौरान सबसे ज्यादा मातृ मृत्यु दर के मामले में नाइजीरिया नंबर वन पर है। रिपोर्ट में जो आंकड़े सामने आए उनके अनुसार दुनिया में गर्भावस्था या डिलीवरी के दौरान होने वाली माओं की मौत के मामले में नाइजीरिया सबसे ऊपर हैं जहां 2020 में 82 हजरा महिलाओं की मौत दर्ज की गई थी। ऐसे में दुनिया में होने वाली मातृ मृत्यु दर में 28.5 फीसदी मौतें अकेले नाइजीरिया में दर्ज की गई थी।
प्रेग्नेंसी में महिलाओं की मौत के कारण
1. गर्भावस्था के दौरान ब्लिडिंग होना
2. प्रेग्नेंसी में तनाव बढ़ने के कारण हाई ब्लड प्रेशर
3. समय रहते महिलाओं को अस्पताल और सही इलाज न मिल पाना
4. प्रेग्नेंसी के दौरान किसी तरह का इंफेक्शन होना
5. गलत तरह से कराया गया अबॉर्शन



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