क्‍या न्‍यूबोर्न बेबी को शहद चखाना चाह‍िए? 6 महीनों तक के बेबी की ग्रोथ से जुड़े 6 सवालों के जवाब जानें यहां

नवजात शिशु के जन्म के बाद से पूरा परिवार उसकी देखभाल में लग जाता है। लेकिन आजकल कई लोग काम के सिलसिले में अपने माता-पिता और परिवार से दूर शहरों में अकेले रहते हैं, ऐसे में पहली बार पेरेंट्स बने कपल को समझ नहीं आता है कि बच्चे को कितनी बार मां का दूध पिलाना चाह‍िए?

बच्चे को पानी कब से पिलाना चाहिए, अगर बच्चा स्तनपान नहीं कर पा रहा तो दूध कैसे पिलाएं और बच्चे को दूध के अलावा बाकी चीजें कब से खिला सकते हैं? ऐसे में चाइल्‍ड स्‍पेशल‍िस्‍ट डॉक्‍टर डीके गुप्‍ता से जानें बच्चे के जन्म से 6 माह तक की परवरिश के जुड़े सवालों के जवाब।

Growth amp amp Nutrition Guide for 0 To 6 Month Baby Food By Expert

सवाल- जन्‍म के बाद बच्‍चे को शहद चटाना चाह‍िए?

जवाब- नहीं, जन्म के बाद बच्चे को शहद नहीं चटाना चाहिए। जन्‍म होने के बाद बच्‍चे को शहद या घूटी खिलाने से कई तरह के इंफ़ेक्शन हो सकते हैं। बच्‍चे को फूड पॉइजन‍िंग की समस्‍या हो सकती है। बाज़ारों में मिलने वाले शहद में कई तरह के केमिकल्स भी होते हैं, जो क‍ि बच्‍चे के ल‍िए सेफ नहीं है। इसल‍िए नवजात को शहद नहीं चटाना चाह‍िए, सिर्फ मां का ही दूध प‍िलाना चाह‍िए।

सवाल- जन्‍म के बाद बच्‍चे को फार्मूला फीडिंग देना ठीक है?

जब बच्चा स्तनपान नहीं कर पाता है तब उसे फॉर्मूला मिल्क दे सकते हैं। लेक‍िन बच्‍चे के ल‍िए मदर म‍िल्‍क से बेहतर कुछ नहीं है। मदर अगर पॉज‍िटिव होकर बच्‍चे को फीड कराएंगी तो मां को अच्‍छा दूध बनेगा, दूध की कमी नहीं होगी। नई मांओं को पता नहीं होती है ये बात इसल‍िए मां बनने के बाद पॉज‍िट‍िव होना जरूरी होता है। फीडिंग पॉजिश‍िन भी फीडिंग प्रोसेस को आसान बनाता है। अगर मां की सेहत ठीक है तो बच्‍चे को फार्मूला नहीं देना चाह‍िए।

सवाल- जन्म के 10 दिन तक बच्चे को दिनभर में कितनी बार मां का दूध पिलाना चाहिए?

बच्चे को जन्म के 1 घंटे के अंदर ही मां का पहला दूध पिलाया जाता है, जो बच्चे के विकास के लिए जरूरी है। इसके बाद हर 2 घंटे में बच्‍चे को दूध पिलाना होता है। इसके अलावा बच्‍चे को डिमांड पर दूध प‍िलाना चाह‍िए। ब्रेस्टफीडिंग करने से बच्चे का विकास बेहतर होगा।

सवाल- अगर बार-बार बच्‍चा डकार दिलाते हुए उल्‍टी कर दें तो

जवाब- बच्‍चे को दूध पिलाने के बाद दूध को वापस ऊपर आने से रोकने के लिए फीड‍िंग के बाद अपने बच्चे को 10 से 15 मिनट तक सीधा रखें और दूध पिलाते समय अपने बच्चे का सिर उसके पेट से ऊंचा रखें। फीड‍िंग पॉज‍िशिन को दुरूस्‍त रखें। अगर आपका बच्चा उल्टी करता है या उसे जीईआरडी यानी गैस्ट्रोएसोफेगल रिफ्लक्स रोग की समस्‍या हो सकती है। इसके ल‍िए डॉक्‍टर से म‍िलें।

सवाल- जन्‍म से लेकर 6 माह तक बच्‍चे रात को सुलाने के ल‍िए क्‍या करें?

जवाब- ज़्यादातर बच्चे 6 महीने की उम्र तक पूरी रात सोना शुरू कर देते हैं। लेक‍िन जब तक बच्‍चे सोते नहीं है, तो उनकी स्‍लीपिंग साइक‍िल से छेडछाड नहीं करें। शुरुआत में पेरेंट्स को बच्‍चे की स्‍लीपिंग साइक‍िल अडेप्‍ट करना चाह‍िए जब तक की वो नॉर्मल स्‍लीप साइक‍िल को फॉलो न करें। बच्‍चे को जबरदस्‍ती सुलाने से बचें।

सवाल : जब बच्‍चे के दांत न‍िकले तो क्‍या उनके मसू्डों की माल‍िश करनी चाह‍िए?

जवाब- बच्‍चे को दांत न‍िकलते हुए कुछ न करें और न ही क‍िसी तरह की दवाई देनी चाह‍िए 5 साल तक बच्‍चे की नॉर्मल ग्रोथ होने दें।

सवाल : बच्‍चे की ग्रोथ पर कैसे नजर रखें?

जवाब : अगर एक बच्‍चे का वजन 600 ग्राम भी बढ रहा है, तो इसका मतलब है क‍ि बच्‍चे की ग्रोथ सामान्‍य है। अगर बच्‍चे का वजन नहीं बढ रहा है, तो यह चिंताजनक है। अगर बच्‍चा फीड करने के बाद सो जाता है और वो नॉर्मल एक्टिव‍िटीज कर रहा है, तो बच्‍चा नॉर्मल ग्रोथ कर रहा है।

सवाल: बेबी को चीनी और नमक कब तक नहीं देना चाह‍िए?

बेबी को जन्‍म से छह महीने तक तो ब‍िल्‍कुल भी नमक और चीनी नहीं देनी चाह‍िए।

सवाल: सॉल‍िड फूड कब से शुरू करवाना चाहिए?

जवाब: बच्‍चे का सॉल‍िड 6 महीने के बाद से शुरू करवाना चाह‍िए इसल‍िए बच्‍चे को खाने के एक दम पेस्‍ट बनाकर देना चाह‍िए क्‍योंक‍ि बच्‍चे का पाचन बहुत कमजोर होता है इसलिए सख्‍त चीज देने से बचना चाह‍िए।

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