Latest Updates
-
Sheetala Ashtami 2026: शीतला अष्टमी के दिन झाड़ू लगाना शुभ या अशुभ? बसौड़ा पर भूलकर भी न करें ये गलतियां -
Sheetala Ashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है शीतला अष्टमी? जानिए सही डेट, शुभ मुहूर्त और पूजा विधि -
Sheetala Ashtami Vrat Katha: शीतला अष्टमी पर जरूर पढ़ें ये व्रत कथा, घर में आएगी सुख-समृद्धि -
Sheetala Ashtami 2026 Wishes: मां शीतला का आशीर्वाद बना रहे...इन संदेशों के साथ अपनों को दें बसौड़ा की बधाई -
कौन हैं संजू सैमसन की पत्नी चारुलता रमेश? टी20 वर्ल्ड कप जीत के बाद क्रिकेटर ने लिखा भावुक पोस्ट -
रणदीप हुड्डा बने पापा, लिन लैशराम ने बेटी को दिया जन्म, इंस्टाग्राम पर शेयर की क्यूट फोटो -
Kalashtami 2026: 11 या 12 मार्च, कब है कालाष्टमी का व्रत? जानें सही तारीख, शुभ मुहूर्त, महत्व और पूजा विधि -
गर्मियों में वजन घटाने के लिए पिएं ये 5 ड्रिंक्स, कुछ ही दिनों में लटकती तोंद हो जाएगी अंदर -
Mangalwar Vrat: पहली बार रखने जा रहे हैं मंगलवार का व्रत तो जान लें ये जरूरी नियम और पूजा विधि -
Sheetala Saptami Vrat Katha: शीतला सप्तमी के दिन जरूर पढ़ें यह व्रत कथा, मिलेगा आरोग्य का आशीर्वाद
Breast Milk Donation : ज्वाला गुट्टा ने 30 लीटर ब्रेस्ट मिल्क किया दान, जानें इसकी प्रक्रिया और फायदे
Breast Milk donation process and benefits : बैडमिंटन खिलाड़ी ज्वाला गुट्टा हाल ही में चर्चा में आईं जब उन्होंने 30 लीटर स्तन दूध दान किया। उनकी यह पहल उन नवजात शिशुओं के लिए मददगार है जिन्हें अपनी मां का दूध नहीं मिल पाता। मां का दूध बच्चे के लिए पहला और सबसे अच्छा आहार होता है, जिसमें पोषण के साथ बीमारियों से बचाने की ताकत भी होती है।
लेकिन जब किसी कारणवश मां का दूध उपलब्ध न हो, तब ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन से बच्चे की ज़िंदगी बचाई जा सकती है। यही कारण है कि ज्वाला गुट्टा का यह कदम समाज में मिसाल बन रहा है। आइए जानते हैं दूध दान की प्रक्रिया और इसके फायदे।

ब्रेस्ट मिल्क डोनेशन क्यों ज़रूरी है?
ब्रेस्ट मिल्क में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स, एंटीबॉडी और एंजाइम्स मौजूद होते हैं जो शिशु को संक्रमण और बीमारियों से बचाते हैं। लेकिन कई बार परिस्थितियां ऐसी होती हैं कि शिशु अपनी मां का दूध नहीं पी पाता, जैसे-
- प्रीमैच्योर (असमय जन्मे) बच्चे
- मां का बीमार होना या दवाइयों पर होना
- प्रसव के बाद मां का निधन
- मां के शरीर में दूध का पर्याप्त उत्पादन न होना
- ऐसे समय में दूध बैंक से मिला दान किया हुआ दूध शिशु के लिए जीवनदायी साबित होता है।
मिल्क डोनेशन प्रोसेस
मिल्क डोनेशन प्रोसेस पूरी तरह सुरक्षित और वैज्ञानिक प्रक्रिया है। इसके मुख्य चरण इस प्रकार हैं:
हेल्थ चेकअप : मिल्क डोनेशन से पहले मां की मेडिकल हिस्ट्री और HIV, हेपेटाइटिस बी-सी, सिफलिस जैसी बीमारियों की जांच होती है।
दूध निकालना (एक्सप्रेस करना): मां दूध को ब्रेस्ट पंप या हाथ से निकालकर स्वच्छ बोतल में इकट्ठा करती है।
स्टोरेज: दूध को तुरंत 4°C पर रेफ्रिजरेटर में रखा जाता है।
पाश्चराइजेशन: 62.5°C पर 30 मिनट तक दूध गर्म किया जाता है ताकि हानिकारक जीवाणु खत्म हो जाएं।
टेस्टिंग और लेबलिंग: पाश्चराइजेशन के बाद दूध की गुणवत्ता जांची जाती है और उसे लेबल करके डीप फ्रीजर (-20°C से -40°C) में रखा जाता है।
जरूरतमंद तक पहुंचाना: डॉक्टर की सलाह पर यह दूध नवजात शिशुओं को दिया जाता है।
ब्रेस्ट मिल्क के फायदे
1. शिशु के लिए फायदेमंद
- संक्रमण और डायरिया से सुरक्षा
- शरीर और दिमाग का सही विकास
- इम्यूनिटी मजबूत होना
- कुपोषण और मौत के खतरे में कमी
2. मां के लिए फायदेमंद
- दूध जमा होकर होने वाली सूजन और दर्द से राहत
- मानसिक संतुष्टि कि उनके दूध से किसी शिशु का जीवन बचा
3. सामाजिक महत्व
- मातृत्व और मानवता की भावना को बढ़ावा
- नवजात मृत्यु दर (Infant Mortality Rate) में कमी
भारत में कहां-कहां है ब्रेस्ट मिल्क बैंक
भारत के कई बड़े शहरों जैसे दिल्ली, मुंबई, जयपुर, हैदराबाद और बेंगलुरु में ह्यूमन मिल्क बैंक मौजूद हैं। यहां दान किया हुआ दूध सुरक्षित तरीके से संरक्षित करके जरूरतमंद शिशुओं तक पहुंचाया जाता है। हालांकि अभी भी लोगों में जागरूकता की कमी और सामाजिक झिझक के कारण दूध दान पर्याप्त स्तर पर नहीं हो पाता।
ज्वाला गुट्टा की पहल क्यों खास है?
ज्वाला गुट्टा ने 30 लीटर दूध दान कर यह दिखाया कि दूध दान न सिर्फ संभव है बल्कि पूरी तरह सुरक्षित भी है। उनकी इस पहल से कई महिलाएं प्रेरित होंगी और दूध दान के महत्व को समझकर आगे आएंगी। यह कदम उन हजारों नवजातों के लिए उम्मीद की किरण है जो मां के दूध से वंचित हैं।



Click it and Unblock the Notifications











