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मोटे बच्चों को भविष्य में हो सकती हैं कई बीमारियां

डायरेक्टर ऑफ मिनिमल एसेसीत, मेटाबॉलिक एवं बैरिएटिक सर्जन डॉ अतुल पीटर्स ने कहा कि बच्चों में बढ़ते मोटापे के पीछे फास्ट फूड कल्चर, शारीरिक गतिविधियों का कम होना जैसे कई कारण जिम्मेदार हैं और यह आगे जाकर कई बीमारियों का सबब बन सकता है। उन्होंने कहा, बचपन में जिन बच्चों का वजन ज्यादा हो, उनमें बड़े होकर मधुमेह, हदय संबंधी रोगों, गुर्दों की बीमारियों का खतरा ज्यादा रहता है।
साथ ही उनमें भविष्य में नींद न आने, कैंसर, अधिक वजन के कारण जोड़ों पर पड़ने वाले दबाव से होने वाली समस्याओं की आशंका भी अधिक रहती है। उन्होंने कहा कि बच्चों में मोटापा बढ़ने के लिए कई कारण जिम्मेदार है, जिनमें फास्ट फूड कल्चर के कारण खाद्य पदार्थों में वसा आदि का बढ़ना, शारीरिक गतिविधियों का कम होना शामिल हैं। डॉ पीटर्स ने कहा, आजकल बच्चों का पैदल चलना कम हो पाता है। अधिकतर बच्चे स्कूल जाने के लिए बस, टैक्सी या अपनी गाड़ी से स्कूल जाते हैं।
इसी तरह घूमने जाना हो तो मॉल या सिनेमा तक भी गाड़ी से जाया जाता है। ऐसे में चलने का कोई कारण नहीं रह जाता। माता-पिता भी सुरक्षा कारणों से अपने लाडलों को स्कूल या दोस्तों के घर पैदल भेजना पसंद नहीं करते। इस संबंध में डॉ अर्चना धवन ने कहा कि पहले की और आज की जीवनशैली में काफी बदलाव आ गया है जिस कारण बच्चों में वजन बढ़ने के मामले ज्यादा देखे जा रहे हैं।



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