Latest Updates
-
गलती से भी पास-पास न रखें मनी प्लांट और तुलसी का पौधा, वरना कंगाली के साथ आ जाएंगी ये 3 बड़ी मुसीबतें -
इस एक श्राप की वजह से अविवाहित कपल्स नहीं कर सकते जगन्नाथ मंदिर में दर्शन, आप भी जान लें रहस्य -
Varalakshmi Vrat के दिन लगेगा साल का आखिरी चंद्र ग्रहण, जानें क्या करें, क्या न करें और सूतक के नियम -
क्या 1876 जैसी तबाही फिर होगी? 150 साल बाद लौट सकता है विनाशकारी अल नीनो! सूखा और अकाल का खतरा -
बरसात में भूलकर भी न खाएं ये 10 सब्जियां, वरना शरीर बन सकता है बीमारियों का घर -
अनचाहे गर्भ से बचने के लिए कौन-सा तरीका है सबसे सुरक्षित? एक्सपर्ट से जानें पूरी जानकारी -
World Population Day 2026 Quotes: 'आबादी पर लगाम, तरक्की को सलाम', इन कोट्स व स्लोगन से फैलाएं जागरूकता -
अमिताभ बच्चन बने पॉलिसीबाजार के ब्रांड एंबेसडर, शुरू हुआ भारत का सबसे बड़ा इंश्योरेंस जागरुकता अभियान -
बिना डॉक्टर की पर्ची के नहीं मिलेंगी ये दवाएं, अल्कोहल की मात्रा को लेकर सरकार ने लागू किया कड़ा नियम -
World Population Day 2026: 11 जुलाई को ही क्यों मनाया जाता है जनसंख्या दिवस? जानिए इतिहास-महत्व और थीम
पहले सुबह उठने वाले बच्चे की पढ़ाई पर पड़ता है असर
(आईएएनएस)| पहले सुबह उठकर स्कूल जाने वाले बच्चे न सिर्फ पर्याप्त नींद से महरूम होते हैं, बल्कि इसका उनके अकादमिक प्रदर्शन पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एक अध्ययन में यह बात सामने आई है। अध्ययन में यह बात भी सामने आई है कि किशोरावस्था तक बच्चों को लगभग नौ घंटे की नींद की जरूरत होती है।

अमेरिका के शिकागो स्थित रश विश्वविद्यालय चिकित्सा केंद्र में सहायक प्रोफेसर तथा अध्ययन के मुख्य लेखक स्टेफनी क्राउली ने कहा, "यह उन कुछ अध्ययनों में से एक है, जिसमें एक ही किशोर पर नींद तथा सरकाडियन रिद्म (सोने-जागने का समय) के लिए ढाई वर्षो तक निगाह रखी गई है।
बच्चों के लिए अच्छी नींद के उपाए
अपर्याप्त नींद के नकारत्मक प्रभावों में गिरता अकादमिक प्रदर्शन, मनोदशा बिगड़ना, अवसाद, मोटापा और यहां तक कि चक्कर आना भी हो सकता है।
शोध के दौरान यह भी पाया गया कि अध्ययन में भाग लेने वाले 15-16 वर्ष के बच्चों के सोने का समय लगातार कम होता गया। यह अध्ययन पत्रिका 'पीएलओएस ओएनई' में प्रकाशित हुआ है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।



Click it and Unblock the Notifications