बच्चों में क्‍यूं होती है एलर्जी, जानिये इसके कारण

By Super Admin

आजकल बच्चों में एलर्जी होना बहुत आम है। बच्चों की प्रतिरोधन क्षमता कम होती है जिसके कारण उन्हें विभिन्न प्रकार की एलर्जी हो जाती है। लगातार दवाईयां देने से वे कमज़ोर हो जाते हैं तथा इससे उनके प्रतिरक्षा तंत्र पर भी प्रभाव पड़ता है।

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समय समय पर होने वाली एलर्जी में शरद ऋतु में होने वाली एलर्जी है जो बच्चों को बहुत अधिक प्रभावित करती है। जब बहुत अधिक संवेदनशील बच्चे एलर्जी उत्पन्न करने वाले घटकों को श्वास द्वारा अंदर खींच लेते हैं जिसके कारण उनके कान, नाक और गले में एलर्जिक रिएक्शन हो जाता है।

श्वास के माध्यम से एलर्जी उत्पन्न करने वाले घटक दो प्रकार के होते हैं जो उनकी निरंतरता पर आधारित होते हैं: बारहमासी और मौसमी। वे बच्चे जिन्हें हमेशा ही एलर्जी बनी रहती है उन्हें पूरे वर्ष यह समस्या रहती है।

Kids allergy

यदि आपके बच्चे को मौसमी एलर्जी होती है तो अधिक हवा के दिनों में तथा सुबह के समय सावधानी बरतें। हवा के द्वारा परागण करने वाले पौधों से बहुत अधिक मात्रा में पराग कण हवा में आसानी से छोड़ दिए जाते हैं। यह अधिकांशत: सुबह के समय होता है। इसके कारण एलर्जी होती है।

baby

अधिकाँश बच्चे नाक की एलर्जी से पीड़ित होते हैं जो एक प्रकार की पुरानी सांस की बीमारी है। एलर्जिक रायनाइटिस शरीर के प्रतिरोधी सिस्टम द्वारा परिभाषित ऐसी स्थिति है जिसमें बच्चा वातावरण में उपस्थित गलत पदार्थों को श्वसन द्वारा अपने शरीर के अंदर खींच लेता है जो बच्चे के शरीर पर प्रहार करते हैं।

Kid fever

मौसमी एलर्जिक रायनाइटिस या समय समय पर होने वाली एलर्जी आम तौर पर बाहरी दूषक तत्वों के कारण होती है जिसे हे फीवर (बुखार) के रूप में जाना जाता है जबकि आंतरिक एलर्जिक रायनाइटिस या पारंपरिक एलर्जी सामान्यत: एलर्जी पैदा करने वाले तत्वों जैसे जानवरों की रूसी, घर में पाए जाने वाले धूल के कणों या कॉकरोच आदि के कारण होती है।

बच्चों को होने वाली सर्दी इस एलर्जी में नहीं आती। एलर्जिक रिएक्शंस के कारण बुखार, छींक आना, गले में दर्द, नाक बहना तथा दुखना और दर्द आदि तकलीफें हो सकती हैं। हालाँकि नाक की एलर्जी जीवन के लिए खतरनाक नहीं होती फिर भी ये आपके बच्चे के जीवन की गुणवत्ता को प्रभावित कर सकती हैं।

kid and doctor

वे बाहर जाकर खेल नहीं सकते, यात्रा नहीं कर सकते तथा लोगों से मिल जुल नहीं पाते। यदि नाक की एलर्जी का उचित उपचार नहीं किया गया तो वह आपके बच्चे के जीवन को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।

अन्य प्रकार की एलर्जी फ़ूड एलर्जी (खाद्य पदार्थों से होने वाली एलर्जी) है। बच्चों को दूध या गेंहूँ या कोको पाउडर या कभी कभी सब्जियों जैसे बैंगन आदि से एलर्जी हो जाती है। कुछ बच्चों को अंडे और समुद्री खाद्य पदार्थों से एलर्जी होती है।

milk

पालक होने के नाते आपको इन चीज़ों पर ध्यान देना चाहिए तथा ध्यान रखना चाहिए कि बच्चों को किसी प्रकार के खाद्य पदार्थ से एलर्जी तो नहीं है। एलर्जिक रिएक्शंस का इलाज जितने जितने जल्दी संभव हो करवा लेना चाहिए अन्यथा वे बच्चे को उसके जीवन का आनंद लेने से रोक सकते हैं।

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