Latest Updates
-
Guru Purnima 2026 Speech: गुरु पूर्णिमा पर दें ये सरल और दमदार भाषण, तालियों से गूंज उठेगा पूरा हॉल -
Guru Purnima 2026 Wishes: गुरु से ही ज्ञान...गुरु पूर्णिमा पर अपने गुरुजनों को भेजें ये खास शुभकामना संदेश -
World Nature Conservation Day 2026: क्यों मनाते हैं विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस? जानें इसका इतिहास और महत्व -
World Hepatitis Day 2026: हेपेटाइटिस क्या है? जानें इसके लक्षण, कारण, प्रकार और बचाव के उपाय -
CJP के बाद किसने शुरू की E20 जनता पार्टी? सोशल मीडिया पर जुड़े लाखों फॉलोअर्स, जानें क्या है मांग -
कौन हैं Indian Idol 16 की विनर ज्योतिर्मयी नायक? कैंसर मरीजों को देती थीं थेरेपी, अब है ये सपना -
Bank Holidays August 2026: अगस्त में 14 दिन बंद रहेंगे बैंक, यहां देखें छुट्टियों की पूरी लिस्ट -
APJ Abdul Kalam Death Anniversary: सपनों को पूरा करने का हौसला देते हैं डॉ. कलाम के ये 10 प्रेरणादायक विचार -
Jaya Parvati Vrat Katha: जया पार्वती व्रत में जरूर करें इस व्रत कथा का पाठ, मिलेगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद -
Jaya Parvati Vrat 2026: जया पार्वती व्रत आज से शुरू, जानें पूजा मुहूर्त, विधि और महत्व
Ideal Indian Diet : ग्रोथ के लिए क्या खिलाना चाहिए 3 साल के बच्चें को?
बच्चों की बढ़ती उम्र के साथ उनके खाने पीने का विशेष ध्यान रखना बेहद आवश्यक होता है ताकि उन्हें ज़रूरी न्यूट्रिशन मिले और उनके विकास में किसी भी तरह की कोई बाधा न आए। ख़ास तौर पर जब आपका बच्चा तीन साल का हो जाए तब उसके खाने पीने का ध्यान रखना और भी आवश्यक हो जाता है क्योंकि इस उम्र में वे कई सारी शारीरिक और मानसिक गतिविधयों में लिप्त रहते हैं।
भारत में 3 साल की उम्र तक बच्चे स्कूल जाने लगते हैं ऐसे में उन पर शारीरिक और मानसिक दोनों ही रूपों से दबाव पड़ने लगता है। साथ ही इस उम्र में बच्चे नयी नयी चीज़ें भी सीखने लगते हैं इसलिए उन्हें सम्पूर्ण और ठोस आहार मिलना ही चाहिए। तीन साल की उम्र में बच्चे को संतुलित मात्रा में विटामिन्स, मिनरल्स, कार्बोहाइड्रेट्स और फैट्स की ज़रुरत होती है।

हालांकि बच्चों को सही आहार देना इतना आसान नहीं होता क्योंकि खाने पीने के मामले में बच्चे थोड़े ज़िद्दी होते हैं। ज़रूरी नहीं कि उन्हें हर तरह का खाना पसंद आए लेकिन आपको किसी भी तरीके से उन्हें पौष्टिक आहार देना ही चाहिए। आज हम आपको तीन साल की उम्र तक के बच्चों का परफेक्ट डाइट प्लान बताएंगे जिसकी मदद से आप अपने बच्चे को सही, संतुलित और पौष्टिक आहार दे पाएंगे। तो आइए जानते हैं कैसे।
सुबह
बच्चे के दिन की शुरुआत आप दूध से करें। सुबह उठते ही उसे एक ग्लास दूध के साथ दो बादाम भी खाने को दें। इससे आपके बच्चे के दिमाग का भी विकास होगा। ध्यान रहे बादाम को एक रात पहले पानी में भिगोकर रख लें और अगले दिन सुबह उसे छीलकर अपने बच्चे को खिलाएं।
सुबह का नाश्ता
सुबह का नाश्ता दिन भर में सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है इसलिए इसका हेल्दी होना ज़रूरी है। वीट टमाटर सैंडविच, बटर वीट टोस्ट या फिर स्टफ्ड पराठे बच्चों के लिए बेहतर विकल्प हैं। इससे उन्हें भरपूर मात्रा में न्यूट्रिशन प्राप्त होगा।
ब्रंच
ब्रेकफास्ट और लंच के बीच के समय को ब्रंच कहते हैं। इस समय आपका बच्चा आपसे हल्के फुल्के नाश्ते की डिमांड कर सकता है। फ्रूट सलाद यानी तरह तरह के फलों को काटकर एक साथ आप अपने बच्चे को दे सकते हैं। इसके अलावा टमाटर का सूप भी इस समय उनके लिए एकदम सही रहेगा।
दोपहर का खाना
बच्चों के लिए दोपहर का खाना एकदम संतुलित होना चाहिए। एक छोटी कटोरी चावल, एक रोटी, आधी कटोरी दाल, छोटी कटोरी में सब्ज़ी जिसमें पनीर भी हो आपके बच्चे के लिए एकदम परफेक्ट रहेगा।
स्नैक्स
शाम को बच्चे को अगर आप कुछ हल्का नाश्ता देना चाहते हैं तो चॉकलेट मिल्कशेक उन्हें बहुत पसंद आएगा। साथ में आप उन्हें दो कूकीज या नाचोस भी दे सकते हैं।
रात का खाना
रात का खाना बच्चों को हमेशा हल्का देना चाहिए ताकि वे आसानी से उसे पचा लें। छोटी कटोरी सब्ज़ी, दो पराठे, आधी कटोरी दाल और थोड़ी सी दही डिनर में आपके बच्चे के लिए एकदम पर्याप्त है।
ऐसे बढ़ाएं बच्चों के आहार में पोषक तत्व
एक से तीन साल तक के उम्र के बच्चे बहुत ही तेज़ी से बढ़ते है इसलिए उनके आहार में इतना पोषक तत्व होने चाहिए जितनी की उन्हें आवश्यकता हो। ऐसे में आप बच्चे के आहार में पोषक तत्व बढ़ाने के लिए कुछ युक्तियां कर सकती हैं।
1. पिसे हुए काजू और बादाम का पाउडर बच्चों के लिए हलवा या पुडिंग बनाते वक़्त मिला दें।
2. बच्चों को खाने में दही, चीज़ या पनीर ज़रूर दें।
3. रोटी या डबल रोटी में मक्खन लगाकर दें या फिर इनके साथ आप ऑमलेट भी दे सकते हैं।
4. बच्चे के भोजन में शुद्ध देसी घी का प्रयोग करें, जैसे दाल में या रोटी में लगाकर उसे खिलाएं।



Click it and Unblock the Notifications