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ऐसे करें बच्चों के साथ वेकेशन एंजॉय
क्या गर्मी की छुट्टियों का नाम सुनते ही आप डर जाते हैं और आपकी धड़कनें तेज़ हो जाती हैं? तो अब रिलैक्स हो जाएं। आप अकेले नहीं हैं, आपके साथ और भी पेरेंट्स हैं जो इस डर (फियर ऑफ़ समर हॉलीडेज) से गुज़र रहे हैं।
पूरे साल सारी माएं इन छुट्टियों के डर से ही परेशान रहती हैं, मगर वहीं उन्हें स्कूल के दौरान होने वाले दौड़भाग से आराम मिल पाता है जैसे कि बच्चों को नींद से जगाना, चीज़ों को जगह पर लगाना, लंच बॉक्स पैक करना, बच्चों को नाश्ता करवाना और फिर उन्हें बस पकड़वाना।

अफ्रीका की एक कहावत के अनुसार तो एक बच्चे को बड़ा करने में पूरे गांव जितनी मेहनत चाहिए। हालांकि, आजकल ऐसा देखने को मिलता है कि सिर्फ दो लोग ही बिना किसी मदद के, सारा काम करते हुए भी मिलकर बच्चे को बड़ा कर लेते हैं। इसलिए बच्चों की छुट्टियों के दौरान यह काम काफी तनावपूर्ण लगता है।
इसलिए छुट्टियों में ज़्यादा पैसे खर्च ना करें ताकि आपको आने वाले महीनों में बजट से कम खर्च करके काम चलाना पड़े। खर्चीली छुट्टी प्लान ना करें जैसे कि महंगे क्लास में बच्चों को ना डालें। आप सब छुट्टियों को बजट के अंदर रहकर भी ख़ुशी से बिता सकते हैं और यह आपके ऊपर बोझ भी नहीं बनेगा। यहां पर बताया गया है कि आप ऐसा कैसे कर सकते हैं:
आसान प्लान
आसान फैमिली प्लान बनाएं और उसमें बच्चों को भी शामिल करें। अगर माता पिता दोनों ही काम करते हों तो यह बात तय कर लें कि वीकेंड पर ही आप बाहर जायेंगे। बच्चे अपना मनोरंजन हैरी पॉटर मूवी, टीवी शो देखकर, किताबें पढ़कर, पेंट कर और खेल कूदकर कर सकते हैं।
एक्टिविटी प्लान करें
आसान एक्टिविटी जैसे कि आइसक्रीम बनाना छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक हो सकता है, पर बड़े बच्चों को यह ज़्यादा मज़ेदार नहीं लगेगा और उन्हें कुछ दूसरे काम चाहिए होंगे।
कुछ ऑनलाइन प्रोजेक्ट ढूंढे जो आपके बच्चे की रूचि के अनुसार हो। विज्ञान से आर्ट तक काफी ऐसे प्रोजेक्ट मौजूद हैं जो घर पर बनाए जा सकते हैं। आस पास के पेरेंट्स को भी शामिल कर ग्रुप एक्टिविटी करना एक अच्छा उपाय है और छुट्टियों के लिए काफी कारगर है।
पैंट्री प्लानिंग
एक सजी हुई पैंट्री मील प्लानिंग को आसान बना देता है। ऐसे खाने की लिस्ट बनाएं जो आपके बच्चे को पसंद है। इसे आसान रखें। यह डिश बनाने में आसान होने चाहिए जो आपकी अनुपस्थिति में भी बनाए जा सकते हों। यह उन सारे अभिभावकों के लिए सही है, जो बाहर काम पर जाते हैं या फिर जो घर पर रहते हैं उनके लिए भी अच्छा है।
आप मुरमुरे, सॉस, ड्रेसिंग, सैंडविच स्प्रेड, चीज़, घर पर बनी चटनी, चॉकलेट स्प्रेड, पीनट बटर और जूस घर पर हमेशा रखें। स्प्राउट और सब्जियां जैसे कि टमाटर, खीरे और उबले आलू भी हमेशा तैयार रखें ताकि आसानी से कुछ हेल्दी बनाया जा सके।
आस पड़ोस में एक्टिविटी क्लास
शहरों में एक जगह से दूसरी जगह जाना ही एक भारी काम होता है। आस पड़ोस में बच्चों को एक्टिविटी क्लास में डालने से समय, एनर्जी और पैसे की बचत होती है। ज़रूरी यह है कि बच्चे को भी उस एक्टिविटी में मज़ा आना चाहिए वरना आपका बच्चा वहां जाने से कतरायेगा।
पढ़ने वाला नुक्कड़
आज के डिजिटल ज़माने में पढ़ने वाला नुक्कड़ सुनकर अजीब लगता है पर आप अपने बच्चे के लिए एक आरामदेह कार्नर बना सकते हैं जहां वह किताबें पढ़ सकता है या फिर डिजिटल चीज़ों से अपना मनोरंजन कर सकता है।
यह दो तरह से मदद कर सकता है। यह बच्चों के दिमाग में सजावट और रख रखाव का आईडिया देता है और दूसरा यह उन्हें पढ़ने और पेंटिंग करने के लिए प्रेरित करता है।
रूटीन रिदम
रोबर्ट ओर्बेन ने छुट्टियों के बारे में यह बताया है: 'छुट्टियाँ ऐसी चीज़ है जिसमें कुछ करने को नहीं होता और बहुत कुछ भी होता है', छुट्टियाँ कभी बहाना नहीं हो सकती कि आप बेतरतीब रह सकें।
इसमें आपका रिलैक्स करने का मन करेगा इसलिए इस समय आपका रूटीन ऐसा होना चाहिए कि आपको रिलैक्स करने का समय तो मिले ही साथ ही साथ आपकी एक दिनचर्या भी बनी रहे।
रिचार्ज
चाहे आप जितनी भी प्लानिंग कर लें, कुछ ऐसे दिन होंगे जब आप अपना धैर्य खो देंगे और आपको गुस्सा आएगा। उस समय अपने आप के साथ कुछ समय बिताएं। इससे आपको शांति मिलेगी और आप परिस्थिति में जल्दी प्रतिक्रिया ना देकर, समय लेकर जवाब देंगे।
स्कूल की छुट्टियाँ मज़े करने के लिए होती हैं ना कि सहने के लिए। इन दिनों को सराहें।
यह सही समय है अपने आप को समय देने का, हंसने का और छोटी मोटी खामियों को नज़रंदाज़ करने का, ज़िन्दगी के दिए इस तोहफे को स्वीकार करें।



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