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कहीं आपका बच्चा ट्रांसजेंडर तो नहीं!, इन इशारों से समझे
क्या आपकी बेटी को गुडि़यों से खेलने से ज्यादा कार और फुटबॉल के साथ खेलने में मन लगता है? और आपके बेटे को लड़कियों की तरह ड्रेसअप करना और लिपस्टिक लगाना अच्छा लगता है। आप जानते हैं ना ये बातें किस ओर इशारे कर रहे हैं। हालांकि बचपन में ये सारी चीजें सामान्य और बचकानी सी लगती है। लेकिन जैसे-जैसे आपके बच्चें बड़े होने लगते है उनकी ये ही चीजें उनकी आदत बन जाती है तो आपको समझना चाहिए कि आपका बच्चा एक ट्रांसजेंडर है।
हालांकि अब आईपीसी सेक्शन 377 को खत्म कर दिया है और समलैंगिकता को मान्य घोषित कर दिया गया है। लेकिन अभी भी आपको ये जानने की जरुरत है कि कहीं आपका बच्चा तो ट्रांसजेंडर नहीं हैं।
आपको इस बारे में जानने की जरुरत है। आज इस आर्टिेकल में आपको कुछ ऐसे शुरुआती लक्षणों के बारे में बताने जा रहे हैं। जिन्हें जानकर आप मालूम कर सकते हैं कि आपका बच्चा ट्रांसजेंडर है या नहीं।

उनके पेशाब करने का तरीका
पैरेंट्स को ये समझना थोड़ा मुश्किल होता है कि उनका बच्चा अपने जेंडर की जगह दूसरे जेंडर का टॉयलेट (जब एक लड़का, पुरुषों की बजाय महिलाओं का टॉयलेट इस्तेमाल करना पसंद करता है। ) क्यों इस्तेमाल करना चाहता है? ये एक संकेत है जो आपको समझाने में मदद कर सकता है कि आपका बच्चा असल में ट्रांसजेंडर है। अगर आपका बच्चा आपसे कहें कि वो उस टॉयलेट को इस्तेमाल करने में सहज नहीं है। जहां उसके पैरेंट्स चाहते थे कि वो इस्तेमाल करें और इस वजह से उसके कपड़े गंदे हो गए, तो आपको समझने में देर नहीं लगानी चाहिए।

ड्रेस कोड प्रिफरेंस
बचपन में बच्चों को उनकी मनमर्जी के हिसाब से ड्रेसअप करवाना माता-पिता के लिए एक सामान्य सी बात होती है। लेकिन जैसे-जैसे वो बड़े होते है तो वो खुद अपनी ड्रेस कोड की प्रिफरेंस निश्चित करते हैं। उनके ड्रेस कोड को देखकर आपको ध्यान देने की जरुरत है। खासकर जब अगर एक लड़की कहे कि उसे लड़कियों की तरह ड्रेसअप करने में कोई दिलचस्पी नहीं है और लड़को को चटकीले और पिंक कलर आकर्षित करने लगें।

उनके बोलने के तरीके से
इसके अलावा आप बच्चों के बात करने के तरीके से भी मालूम कर सकते हैं, आपको बस इस बात का ध्यान रखना होगा कि बोलते वक्त आपके बच्चे किन क्रियाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, एक ट्रांसजेंडर बच्चा हमेशा ये कहना पसंद करता है कि "मैं एक लड़की हूं" कहने के बजाय "काश मैं एक लड़की होती।"

अपने जेंडर की एक्टिविटी में दिलचस्पी न लेना
बच्चों की एक्टिविटी प्रिफरेंस उनके पर्सनेलिटी के बारे में काफी कुछ राज खोल देते हैं। वैसे बचपन में लड़कियों का ट्रक्स और बस और लड़कों का गुडि़यों के साथ खेलना एक आम बात है। लेकिन खेलते समय आपके बच्चें कि गतिविधियां बहुत महत्वपूर्ण होती है आपको इस ओर ध्यान देने की जरुरत है कि क्या वो अपने जेंडर एक्टिविटीज को लेकर दिल चस्पी दिखाते है या नहीं। उदाहरण के लिए अगर कोई लड़का गुडि़यों के साथ खेलते हुए लड़कियों की तरह हरकते करता है जैसे उसका मेकअप करना और उसे अपने पास लेकर सोना।

बालों की कटिंग से
अगर एक बच्चा अपने पर्सनेलिटी से मैच करते हुए एक ही तरह के हेयरकट को लेकर पर्टिकुलर है तो ये भी एक तरह का संकेत है। आपको इस तरफ भी गौर फरमाने की जरुरत है कि आपका बच्चा अपने हेयरकट के बारे में कैसे बताता है। जैसे अगर किसी लड़की को शॉर्ट हेयरकट पसंद है तो वो हमेशा ये कहेगी कि बड़े बाल तो लड़किया रखती है। इसका साफ मतलब है कि वो अपने जेंडर को लेकर खुश नहीं हैं।

अगर उन्हें अपना नाम नहीं पसंद है तो
आपका नाम आपकी पहचान से जुड़ा होता है। अगर आपका बच्चा आपके दिए हुए नाम से खुश नहीं है तो इसका साफ मतलब है कि वो अपने जेंडर से खुश नहीं है। वो खुद को किसी पेट नाम से बुलाना ज्यादा पसंद करता है या उसे विपरित लिंग के नाम ज्यादा पसंद हैं तो आपको इसकी मूल वजह जाननी चाहिए। इस बारे में पैरेंट्स को बच्चों से साफ-साफ बात करनी चाहिए कि उन्हें दूसरे नामों से बुलाना क्यों पसंद हैं।

अपने जननांगों से नाखुश रहना
विशेषज्ञों की मानें, जो बच्चें अपने जननांगों को लेकर चिढ़चिढ़े रहते है और नाखुश नजर आते है। इस साफ मतलब है कि वो अपने जेंडर से खुश नहीं हैं।

अपने बच्चों से बात करें
अगर आपके बच्चें के साथ भी ऊपर बताई गए संकेतों में से कुछ मिलता जुलता है तो आपको समझने की जरुरत है कि आपके बच्चें के दिमाग में क्या कुछ चल रहा है। बल्कि आपको अपने बच्चें से बैठकर बात करनी चाहिए। आपको उससे एक गहरा रिश्ता स्थापित करने की जरुरत ताकि वो अपने दिल की बात आपसे कर सकें।



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