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भूलकर भी न दें बच्चों को ये आयुर्वेदिक दवाइयां
बच्चे हो या गर्भवती महिलाएं बिना डॉक्टर के परामर्श के इन्हें दवा देना खतरनाक साबित हो सकता है। कई बार छोटी मोटी बीमारियों के लिए हम घर पर ही इलाज करना बेहतर समझ लेते हैं। ख़ास तौर पर जब बात बच्चों की होती है तो हम आयुर्वेदिक दवाइयों पर भरोसा कर लेते हैं।
लेकिन क्या आपने कभी यह सोचा है कि इन आयुर्वेदिक दवाइयों पर भी भरोसा करना किस हद तक सही है और क्या यह पूरी तरह से हमारे बच्चों के लिए सुरक्षित होता है। आज हम आपको कुछ आयुर्वेदिक दवाइयों के बारे में बताएंगे जो आपके बच्चों के लिए बिल्कुल भी सुरक्षित नहीं होते। आइए जानते हैं उन दवाइयों के बारे में।

आयुर्वेद के अनुसार शरीर में वात, पित्त और कफ जैसे तीन मूल तत्व होते हैं जब भी इनका संतुलन बिगड़ता है तो हमें बीमारियां घेर लेती हैं इसलिए आयुर्वेद में इन्हीं तीनों तत्वों का संतुलन बनाया जाता है। आयुर्वेद न केवल हमें रोगों से मुक्ति दिलाता है बल्कि हमें सही ढंग से जीवन जीने का तरीका भी सिखाता है। आयुर्वेद के आठ अंगों में से बाल तंत्र और कौमारभृत्य बच्चों से संबंधित है जिसमें नन्हे और नवजात शिशुओं की देखभाल के बारे में बताया गया है।
बड़ों के मुक़ाबले बच्चों में दवाइयों का रिएक्शन होने की ज़्यादा संभावना होती है। आयुर्वेद के गुणों को किसी भी प्रकार से नकारा नहीं जा सकता है। इसमें कई बड़े बड़े रोगों को ठीक करने की क्षमता है। इनमें से कई दवाइयां बच्चों के लिए बहुत ही फायदेमंद और असरदार होती है लेकिन कुछ ऐसी आयुर्वेदिक दवाइयां भी हैं जो आपके बच्चे को नुकसान पहुंचा सकते हैं।

1. जयपला
2. स्नुही
3. विषमुष्टि/तिन्दुक/लकुच
4. दन्ती
5. पारसीक यवानी
6. अहिफेन
7. भांग
8. करवीर
9. अर्क
10. धतूरा
11. वत्सनाभ
12. गुंजा
13. सर्पविष
14. भल्लातक
15. श्रिंगीविश
16. लांगली

कुछ आयुर्वेदिक दवाएं होती हैं जिनमें बहुत ही कम मात्रा में उच्च धातु के तत्व पाए जाते हैं। हालांकि वे ज़हरीले नहीं होते हैं, मगर इनका उपयोग शुद्धिकरण के बाद ही किया जाता है। ऐसी दवाइयों का उपयोग करने से बचना ही अच्छा है।
1. मनशिला: आर्सेनिक का सल्फाइड है आयुर्वेद में मनशिला का आंतरिक प्रयोग केवल शोधन के बाद ही किया जाता है शोधन के बाद ही इसे शुद्ध माना जाता है।
2. रास सिन्दूर: पारे और गंधक के योग से बनाया जानेवाला एक प्रकार का रस
3. हिंगुल: हिंगुल एक लाल रंग का खनिज पदार्थ होता है यह गर्म और रुखा होता है
4. गौरीपाषाण: आर्सेनिक, आर्सेनिक ऑक्साइड
5. मकरध्वज: यह शुद्ध पारा, सल्फर और सोने से बना एक उत्पाद है
6. हरताल: यह एक खनिज द्रव्य है
7. कर्पूर रस: यह संग्राहक तथा निद्राप्रदायक दवा है
8. गिरि सिंदूर: पारा के लाल ऑक्साइड
9. तुत्थ: कॉपर सल्फेट
10. पारद: मरकरी



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