क्‍या आपका बच्‍चा Underweight है? जानना नहीं चाहेंगे कारण?

Subscribe to Boldsky

आजकल ज्‍यादात्‍तर मांओं की एक ही चिंता होती है बहुत कुछ खिलाने के बावजूद भी उनके बच्‍चें का वजन नहीं बढ़ रहा है। अगर किसी भी कारणवश बच्चे के वजन में बढ़ोतरी नहीं हो रही है तो यह एक गंभीर मसला है। आप इसे पोष्टिक तत्‍वों की कमी और स्‍वास्‍थय के नजरिए से भी जोड़कर देख सकते है। वैसे वजन न बढने के बहुत से कारण हो सकते हैं। आप डॉक्‍टर से मदद लेकर मालूम कर सकते है कि किन कारणों से बच्‍चों का वजन नहीं बढ़ रहा है।

बच्चे के जन्म से लेकर तीन साल तक का समय बच्चे के शारीरिक और दिमागी विकास के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। यदि आपके बच्चे का खान पान सही है, या आपका बच्चा ढंग से खा नहीं रहा है, या वो ढंग से खेलता नहीं है, उसका वजन नहीं बढ़ रहा है, तो आपको इन सब बातों के लिए एक बार अपने डॉक्टर से राय जरूर लें।

What Are the Causes of Underweight Children?

आइए जानते है उन कारणों के बारे में जिस वजह से आपका बच्‍चा underweight है।

साफ़ सफाई का ध्यान रखें

बच्चे की सही से ग्रोथ न होने का एक कारण साफ़ सफाई का न रखना भी हो सकता है, क्योंकि जैसे ही बच्चा बड़ा होता जाता है, तो वो बाहरी माहौल में आना जाना शुरु करता है ज‍िस वजह से वो जीवाणुओं के सम्‍पर्क में आने लगते है। और कई बच्चे तो मिट्टी, चॉक और चूना खाना शुरु कर देते है। वजन न बढ़ने की समस्या खास कर उन्ही बच्चों को होती है जो मिट्टी खाना शुरु कर देते है, इसका एक कारण उनमें केल्शियम की कमी भी हो जाती है। क्योंकि इसके कारण पेट में कीड़े होने की समस्या भी हो जाती है जिसके कारण बच्चे का वजन नहीं बढ़ पाता है।

बच्चे की नींद का ख्याल रखें

बच्चे के शरीर का सही विकास में नींद भी आवश्‍यक होती है। एक नवजात शिशु दिन में कम से कम बीस घंटे सोता है, जिसके कारण उसके शरीर में उत्तको को विकास होता है, उसकी मांसपेशियो का विकास होता है जिसके कारण उसके विकास होने में मदद मिलती है, और उसके वजन में भी परिवर्तन आता है, और आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए, बच्‍चें को सुलाते समय तंग जगह की जगह खुले में सुलाएं। इससे बच्‍चें को बेहतर नींद आने के साथ ही उनके ग्रोथ में मदद मिलती है।

पेट में कीड़े की वजह से

कई बच्चों के पेट में कीड़े होते है, जिसके कारण भी शिशु का वजन नहीं बढ़ पाता है, ऐसे बच्चे अपना आहार भी लेते है, और उन्हें भूख भी ज्यादा लगती है, परंतु उनके वजन नहीं बढ़ पाते है, यदि आपका बच्चा भी समय पर सब कुछ खाता है, और खेलते भी रहता तो आपको एक बार डॉक्टर से जरूर पूछना चाहिए की आपके बच्चे के पेट में कही कीड़े तो नहीं है, जिसके कारण उसका वजन नहीं बढ़ पा रहा है।

बच्चे को ज्यादा रोने न दें

बच्चे के स्वस्थ शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बच्चे का रोना बहुत जरुरी है। मगर बहुत ज्यादा रोना भी सही नहीं है। अगर बच्चा बहुत ज्यादा रोता है और चिड़चिड़ा है तो उसका वजन नहीं बढ़ेगा। हो सकत है बच्चे को कोई तकलीफ हो। अपने बच्चे को तुरंत डॉक्टर को दिखाएं। बहुत जयादा रोने से बच्चे की नींद पूरी नहीं होगी, उसका शारीरिक विकास रुक जायेगा और मानसिक विकास भी बाधित होगी।

पौष्टिक आहार नहीं मिलने की वजह से 

बच्‍चों का वजन न बढ़ने के पीछे एक मुख्‍य कारण होता है कि बच्चे को पौष्टिक आहार का न मिलना। पौष्टिक आहार नहीं मिलने से कुपोषण के कारण शारीरिक और दिमागी विकास में बाधा आ सकती है। अपने शिशु के पौष्टिक आहार पर ध्‍यान दें जिससे आपके शिशु का वजन बढ़ना शुरु होगा। अगर शिशु छह महीने या उससे कम का है तो उसे हर दो घंटे पे स्तनपान कराएं। अगर बच्चा बड़ा है तो उसे दाल, खिचड़ी, चावल, फल और बिस्कुट हर थोड़ी थोड़ी देर में खाने को देते रहें।

बच्‍चे का वजन कम होने पर खिलाएं उन्‍हे ये आहार

बच्‍चों के वजन बढ़ने में आहार बहुत मुख्‍य भूमिका निभाते है तो इस और थोड़ा ध्‍यान दीजिए, बच्‍चों को ऐसा खाना खिलाएं जो उनका वजन बढ़ाएंगे! छोटे बच्चों के लिए संपूर्ण पोषण बेहद जरूरी होता है जिसमें फैट, प्रोटीन, विटामिन आदि की सही मात्रा होनी चाहिए। इसके अलावा कुछ ऐसे आहार भी हैं जिनसे वजन आसानी और सही तरीके से बढ़ता है। आइए जानें कमजोर शिशुओं व बच्‍चों को दिया जाने वाला आहार:

दाल

दाल में प्रोटीन काफी होता है। छोटे बच्चों को दाल का पानी अवश्य पिलाना चाहिए।

केला

केला एनर्जी का बेहतरीन स्त्रोत होता है। दूध में मैश कर इसे देने से बच्चों के वजन में वृद्धि आती है। एक साल से अधिक के बच्चों के लिए केले का शेक भी एक अच्छा विकल्प होता है।

पीनट बटर

पीनट बटर स्वादिष्ट होने के साथ फैट, विटामिन बी, मैग्नीशियम आदि की संतुलित मात्रा होती है। इसे ब्रेड या पतली रोटी पर लगाकर बच्चों को खिलाया जा सकता है।

नट्स

सभी प्रकार के ड्राई फ्रूट्स और विशेषकर नट्स विटामिन से भरपूर होते हैं। इनका पाउडर बनाकर बच्चों को दूध में मिलाकर पिलाया जा सकता है।



मलाई के साथ दूध

बच्चों का वजन बढ़ने के लिए गाय का दूध पिलाएं। गाय के दूध में कैल्शियम, आयरन, विटामिन्स और वो सारे तत्त्व होते हैं जो आसानी से बच्चे के वजन को बढ़ने में मदद करे। बच्चे को मलाई वाला दूध पिलायें। गाय के दूध से निकाले गए मलाई से घी और मक्खन बनता है। तो आप समझ सकते हैं की मलाई वाला दूध शिशु का वजन बढ़ाने में कितना कारगर होगा।

घी और मक्‍खन

जिस वजह से दूध आप के बच्चे का वजन बढ़ाने में सहायक है वही वजह ही की घी और मक्‍खन भी आप के बच्चे का वजन बढ़ाने में सहायक हैं। बच्चों को घी और मक्‍खन देना सबसे आसान काम है। जब आप उनके लिए कोई पसंदीदा आहार जैसे की हलवा या खिचड़ी बना रही हैं, तो उसपे उप्पर से घी या माखन डाल दीजिये।



आलू 

आलू में भरपूर मात्रा में कार्बोहड्रेट होता है जो बच्चे को ऊर्जा प्रदान करता है। इससे जल्‍द बच्‍चों के वजन में बढ़ोतरी होगी।

अंडा

अंडे में प्रोटीन होता है जो बच्चे के मांसपेशियोँ (muscles) को बनाने में मदद करता है।



स्‍प्राउट

अगर आपका बच्‍चा ठोस आहार खाने लगा है तो बच्चों का वजन बढ़ाने में स्‍प्राउट भी काफी मददगार है।

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    English summary

    What Are the Causes of Underweight Children?

    Is your child underweight? It is important to understand the causes and symptoms of being underweight and then use natural methods to remedy the condition.
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Boldsky sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Boldsky website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more