इन घरेलू नुस्‍खों से दूध के दांत निकलते हुए नहीं होगी तकलीफ, बच्‍चा रहेगा दस्‍त और उल्‍टी से दूर

जब बच्चा मां के गर्भ से बाहरी दुनिया में कदम रखता है, तो उसके साथ ही मां को उनके स्वास्थ्य की चिंता शुरू हो जाती है। खासकर जब बात दूध के दांत आने की हो, तो बच्चे को अपनी मुस्कान पाने से पहले कई तकलीफों से गुजरना पड़ता है। क्यूंकि इस समय बच्चों को दस्त,उल्टी और बुखार जैसी समस्याएं झेलनी पड़ती है, जिसकी वजह से बच्चे के साथ उसकी मां भी सफर करती है। पुराने जमाने में ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए घरेलू नुस्खों का सहारा लिया जाता था, लेकिन आजकल की मम्मियों को इन सब नुस्खों की जानकारी ना के बराबर हैं। इस लेख के जरिए हम आपको कुछ उपाय बताने जा रहे है, जिन्हें अपनाकर बच्चों को दांत निकलने के दौरान होने वाले दर्द और तकलीफ से बचाया जा सकता है।

दांत निकलने के क्या है लक्षण?

दांत निकलने के क्या है लक्षण?

सबसे पहली बात ये आती है दांत निकलने से पहले क्या लक्षण दिखाई देते है ? तो मैं आपको बतादूं कि इस समय बच्चे को कब्ज की परेशानी, बार-बार दस्त आना, लगातार बुखार आना, मसूड़ों में सूजन, किसी भी चीज को काटने की कोशिश करना, चिड़चिड़ाहट और रोना जैसी स्वास्थ्य समस्याएं रहती है।बच्चे की परेशानी को कम करने के घरेलू उपाय -

मसूड़ो पर मसाज -

मसूड़ो पर मसाज -

दांत निकलने की वजह से मसूड़ो में सूजन आ जाती है, इससे होने वाले दर्द को कम करने के लिए बच्चे के मसूड़े पर उंगली से मसाज करें। जिसके लिए पहले अपने हाथ अच्छी तरह साफ करें और कॉटन का नर्म कपड़ा उंगली पर लपेट लें। फिर इससे बच्चे के मसूड़ों पर उंगली से हल्का दबाव देते हुए मसाज करें। यकीन मानिए इससे बच्चे को दर्द में काफी आराम महसूस होगा।

गाजर या सेब खाने को दें -

गाजर या सेब खाने को दें -

बच्चे के दांत निकलने से पहले मुंह में होने वाले दर्द को रोकने के लिए बच्चे को गाजर का लंबा टुकड़ा या सेब के चौड़े कटे टुकड़े पकड़ा दें। जैसे-जैसे बच्चा इसे खाएगा मुंह में इनका रस थोड़ा-थोड़ा जाता रहेगा, जिससे उसे दर्द से राहत मिलेगी। लेकिन ये बात ध्यान रखिएगा कि गाजर या सेब के टुकड़े छोटे न हों। नहीं तो वे बच्चे के गले में अटक सकते हैं। हालांकि कोशिश यही करें जब भी ऐसी कोई चीज दें, तब बच्चा आपकी निगरानी में हो।

कैमोमाइल (बबूने) के फूल का पानी -

कैमोमाइल (बबूने) के फूल का पानी -

जिन बच्चों को दांत आने के दौरान मसूड़ों में सूजन की समस्या होती है जब बच्चों के दांत आते है तो उनके मसूड़ो में सूजन आने लगती है, इस तकलीफ से बचने के लिए बबूने के फूल का पानी कारगर साबित हो सकता है। इसके लिए पहले आपको बबूने के फूल को सूखाकर पाउडर बनना होगा। फिा थोड़ा सा पाउडर आधे कप पानी में उबालकर ठंडा करें और 2-3 घंटे के अंतराल में बच्चे को देते रहें। इससे बच्चे को मसूड़ों के सूजन और नसों के दर्द में काफी आराम मिल पाएगा।

लिक्विड से हाइड्रेट रहेगी बॉडी -

लिक्विड से हाइड्रेट रहेगी बॉडी -

बुखार या दस्त जैसी समस्याओं की वजह से शरीर में पानी की कमी होने लगती है और शरीर में पानी की कमी होने से बैक्टीरिया तेजी से पनपने शुरू होने लगते है। इस परेशानी से बच्चे को बचाने के लिए उसे पर्याप्त मात्रा में लिक्विड देना बेहद जरूरी होता है। इसलिए बच्चे को थोडे-थोड़े अंतराल से नारियल पानी, नींबू पानीऔर ORS देते रहें, ताकि उसके शरीर में पानी की कमी न हो।

दें हल्का खाना -

दें हल्का खाना -

बच्चे का शरीर अगर बुखार से तप रहा है, तो उसे मूंग दाल की पतली खिचड़ी खिलाएं। यह दाल सेहत के लिए फायदेमंद होता है। इस दाल का पानी पिलाने या खिचड़ी खिलाने से बच्चे की भूख तो मिटती ही है, साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है।

अगर इन उपायों को आजमाने के बाद भी बच्चे की परेशानी कम न हो रही हो, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाए ।

Story first published: Saturday, April 16, 2022, 13:00 [IST]
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