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दिवाली की खुशियों के बीच नवजात की देखभाल में ना छोड़ें कोई कोर-कसर
दिवाली के करीब आते ही लोगों को बहुत सी तैयारियं करनी होती हैं। लोग अपने करीबियों को उपहार देने के अलावा पटाखे जलाते हैं। दिवाली पर पार्टियों का भी आयोजन किया जाता है। पूरे घर की डीप क्लीनिंग की जाती है। दिवाली की तैयारियों घरों में कई सप्ताह पूर्व ही शुरू हो जाती है। लेकिन धूल-मिट्टी से लेकर शोर-शराबा आपके नवजात शिशु को परेशान कर सकता है। यह प्रदूषण नवजात शिशु पर विपरीत प्रभाव डालता है। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने नवजात का कुछ अतिरिक्त ख्याल रखें। तो चलिए आज इस लेख में हम आपको कुछ ऐसे टिप्स के बारे में बता रहे हैं, जो दिवाली के अवसर पर न्यूबॉर्न की केयर में मददगार साबित हो सकते हैं-

फूलों से नवजात को हो सकती है परेशानी
दिवाली के दौरान हम सभी अपने घरों को फूलों की मालाओं से सजाते हैं या पानी से भरे कटोरे में पंखुड़ियों से डिजाइन बनाते हैं। लेकिन शायद आपको इस बात की जानकारी ना हो कि कुछ फूल एलर्जी को ट्रिगर कर सकते हैं और हे फीवर और अस्थमा जैसी स्थितियों को जन्म दे सकते हैं। आपके नवजात को ऐसी कोई समस्या ना हो, इसके लिए आप फूलों को घर के अंदर लाने से पहले हमेशा पानी से स्प्रे करें।

न्यूबॉर्न को ना ले जाएं बाहर
अक्सर लोग दिवाली पर पटाखे जलाते समय उन्हें भी अपने साथ बाहर ले जाते हैं। लेकिन अगर आपके घर में नवजात या बच्चा है, तो तेज आवाज वाले पटाखों को कभी भी उनके सामने ना जलाएं। नवजात के कान बेहद सेंसेटिव होते हैं और तेज आवाज से उनके सुनने की क्षमता प्रभावित हो सकती है। बेहतर होगा कि इस दौरान आप उन्हें घर से बाहर ना ले जाएं। साथ ही, बच्चे के कानों को टोपी, कॉटन बॉल या दुपट्टे से ढककर अच्छी तरह से सुरक्षित करें। घर में भी आप खिड़कियां बंद करें या फिर भारी ब्लैकआउट पर्दे का इस्तेमाल करें।

रखें ऐसे कमरे में
दिवाली में पटाखे जलाते समय आपको यह भी देखना चाहिए कि आप बच्चे को उस कमरे में रखें जहां कम से कम शोर हो। ताकि उसके कानों को अतिरिक्त प्रोटेक्शन प्रदान कर सकें। साथ ही, उस कमरे में धुआं भी कम से कम पहुंचे। इसके अलावा, आप बच्चे के कान को कवर करने के लिए जिन चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं, वह उन्हें ठीक से फिट हो और उनके कानों को किसी तरह की क्षति ना पहुंचाएं।

अकेला छोड़ने से परहेज करें
दिवाली एक ऐसा अवसर होता है, जब लोग अपने रिश्तेदारों से मिलते हैं। उनके घर में लोगों का आना-जाना लगा रहता है। यह आपको भले ही खुशी प्रदान करे, लेकिन इससे आपका नवजात शिशु असहज हो सकता है। कई बार शिशु अपने आस-पास नए चेहरे देखकर बैचेन या असुरक्षित हो जाता है और वह चिड़चिड़ा हो सकता है, इसलिए, अपने बच्चे के आस-पास रहने का प्रयास करें।

ब्रेस्टफीडिंग को ना करें नजरअंदाज
यह देखने में आता है कि दिवाली के दौरान महिलाएं कई तरह की तैयारियों में व्यस्त हो जाती हैं, जिसके कारण वह अपने नवजात शिशु पर पर्याप्त ध्यान नहीं दे पाती हैं। इतना ही नहीं, इस दौरान वह बच्चे को शांत करने के लिए बोतल से फीड करवाती हैं। लेकिन इससे बच्चे के बीमार होने की संभावना बढ़ जाती है। कई बार नवजात बाजारी दूध को पचा नहीं पाता है और उसे कई तरह की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसलिए बेहतर होगा कि आप फेस्टिव सीजन में भी बेबी के ब्रेस्टफीडिंग रूटीन से किसी तरह का समझौता ना करें। अगर आप काम की व्यस्तताओं में बच्चे को समय पर फीड नहीं करवा पाती हैं तो ऐसे में आप अपने फोन में टाइमर लगा सकती हैं।

फुलझड़ियां जलाएं ना कि पटाखे
अगर आपके घर में नवजात शिशु है तो उसकी सुरक्षा के लिए यह बेहद आवश्यक है कि आप इस साल तेल आवाज के पटाखे जलाने से परहेज करें। आप पटाखे जलाते समय उसे घर में अकेला छोड़ने का रिस्क नहीं ले सकते हैं। वहीं पटाखों से बच्चे के जलने व हानि पहुंचने का खतरा रहता है। इसलिए दिवाली को आनंदमय बनाने के लिए आप पटाखों के स्थान पर फुलझड़ियों का चयन करें।



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