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कार्टून देखने से बढ़ती है बच्चों की याद्दाश्त
इस बात में कोई शक नहीं है कि बच्चों को कार्टून देखना बहुत पसंद होता है। बच्चे तो पूरा दिन टीवी के सामने बैठकर कार्टून देख सकते हैं। आमतौर पर माता-पिता को बच्चों की इस आदत को लेकर चिंता रहती है क्योंकि इससे उनकी आंखें तो खराब होती ही हैं साथ ही उन पर इसका नकारात्मक प्रभाव भी पड़ता है। लेकिन हाल ही में हुई एक स्टडी कुछ और ही कहती है।

यूपीवी/ईएचयू डिपार्टमेंट ऑफ एवोलूशनरी साइकोलॉजी एंड एजुकेशन द्वारा करवाई गई एक स्टडी में ये बात कही गई है कि कार्टून देखना बच्चों के विकास के लिए अच्छा होता है। इससे बच्चों की चीजों का बताने की, जिंदगी के प्रति नजरिए की और जीवन के मूल्यों के प्रति समझ बढ़ती है।
इस स्टडी के शोधकर्ताओं ने बताया कि इंटरनेट और अन्य इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस के इस्तेमाल को कंट्रोल करने के तरीके सीखने चाहिए। इसके अलावा माता-पिता को ये भी चिंता रहती है कि उनके बच्चे इंटरनेट और इस पर दिखाई जा रही चीजों से बिगड़ रहे हैं।

स्कूल के बच्चों पर कार्टून के असर की जांच एवं इसे समझने के लिए कई अन्य टेस्ट भी किए गए। रिजल्ट में पाया गया कि नरेटिव और नॉन नरेटिव कार्टून से बच्चों के सीखने, समझने, सोचने और याद्दाश्त की क्षमता पर भी असर पड़ता है।
जो बच्चे नरेटिव कार्टून देखते थे उन्होंने नॉन नरेटिव कार्टून देखने वाले बच्चों की तुलना में चीजों को ज्यादा अच्छे तरीके से व्यक्त किया।
शोधकर्ताओं का कहना है कि नरेटिव कार्टून देखने वाले बच्चे हर चीज पर बारीकी से ध्यान देते हैं। नॉन नरेटिव कार्टून देखने वाले बच्चे लगातार स्क्रीन पर आंखें गड़ाए रहते हैं।



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