Monkeypox in children: बड़ों से ज्‍यादा बच्चों को है Mpox का खतरा, ये 10 लक्षण नजर आने पर न करें ये इग्‍नोर

Monkeypox symptoms in kids: दुनियाभर में मंकीपॉक्स वायरस एक खतरा बन चुका है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने मंकीपॉक्स को लेकर हेल्थ इमरजेंसी घोषित कर दिया है। अब भारत में भी इससे जुड़ा एक मामले सामना आ चुका हैं। विश्वभर के कई देशों में भी यह वायरस तेजी से फैल रहा है। एमपॅाक्स के शुरुआती लक्षण शरीर पर चिकनपॉक्‍स की तरह नजर आते हैं। रॉयटर्स के मुताबिक, भारत में 3 अगस्त तक मंकीपॉक्स के कुल 9 मामले सामने आए हैं और इससे एक मरीज की मौत भी हो चुकी है।

मंकीपॉक्स का खतरा वयस्‍कों से ज्‍यादा नवजात शिशुओं और बच्चों में इससे संक्रमित होने का खतरा अधिक रहता है, क्योंकि उनके शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसकी वजह से बच्चों को लेकर माता-पिता को अधिक सतर्क होने की जरूरत होती है। आइए जानते हैं क‍ि पेरेंट्स को क‍िन बातों का ध्‍यान रखना जरूरी है?

Monkeypox in children

मंकीपॉक्‍स क्‍या है?

एमपॉक्स को पहले मंकी पाक्स के नाम से जाना जाता था। यह वायरस चिकनपॉक्स (चेचक) की फैमिली या उस जैसे वायरस समूह का सदस्‍य है। इस वायरस की पहचान वैज्ञानिकों ने पहली बार 1958 में की थी जब बंदरों में 'पॉक्स जैसी' बीमारी का प्रकोप हुआ था।

बच्चों में नजर आने वाले एमपॉक्स के लक्षण (Monkeypox symptoms in kids)

1. भूख कम लगना
2. बार-बार बीमार पड़ना
3. अचानक वजन कम होना
4. थकान और कम एक्टिव होना
5. बार-बार सिरदर्द की परेशानी
6. बार-बार बुखार आना
7. अचानक पेट में दर्द
8. उल्टी की समस्या
9. दस्त लगना
10. स्किन पर रैशेज और चेचक जैसे दाने होना

मंकीपॉक्स के सभी लक्षण सामान्य हैं ऐसे में इसकी पहचान करना मुश्किल है लेकिन आपको इन 10 लक्षणों में से कई लक्षण नजर आते हैं तो तुरंत डॉक्टर से परामर्श करें। एमपॉक्स वायरस एक हफ्ते से लेकर 15-20 दिनों तक रह सकता है।

कैसे फैलता है मंकीपॉक्‍स?

मंकीपॉक्‍स एक जूनोटिक बीमारी है। इसका मतलब यह है कि ये जानवरों से इंसानों और इंसानों से जानवरों में फैलता है। इसी तरह संक्रम‍ित इंसान से दूसरे में फैल सकता है। ये वायरस संक्रम‍ित व्‍यक्ति को छूने, उसके बिस्तर, कपड़े और तौलिये के इस्तेमाल से भी मंकीपॉक्‍स फैलता है। यह वायरस त्वचा के छींकने-खांसने से भी पहुंचती है।

मंकीपॉक्स से बचाव के उपाय

- नियमित रूप से हाथ धोएं और साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- यदि किसी व्यक्ति में मंकीपॉक्स के लक्षण दिखें, तो उससे दूरी बनाए रखें।
- जब आप किसी संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हों।
- खासकर बंदरों और चूहों जैसे जंगली जानवरों से दूर रहें।
- घावों और फफोलों को कवर करें और भरपूर पानी पिएं।
- एक्सपर्ट्स का मानना है, चेचक की वैक्सीन ले चुके लोगों में इसका खतरा कम होगा।

Story first published: Sunday, September 15, 2024, 19:11 [IST]
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