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MP में जन्मा 5.4 किलो का शिशु! पेट में बच्चे का वजन कैसे बढ़ता है? ऐसे बच्चों को हो सकती है ये गंभीर बीमारी
MP Indore Heavy Baby Birth: हर महिला की जिंदगी में मां बनने वाला समय सबसे खूबसूरत होता है। लेकिन प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के कई सवाल होते हैं कि गर्भ में बच्चे का वजन कितना होना चाहिए। वहीं मध्यप्रदेश के इंदौर में एक महिला ने 5.4 किलो के बच्चे को जन्म दिया है। इसके बाद से ही एक सवाल उठ गया है कि आखिर इतने ज्यादा वजन के बच्चे को क्या कोई दिक्कत हो सकती है या नहीं? ऐसे मामलों में उत्सुकता के साथ-साथ चिंता भी होती है कि क्या ये स्वास्थ्य के लिहाज से सामान्य है?
कई सवाल भी उठते हैं जैसे- क्या इतना अधिक वजनी जन्म देने वाली मां और शिशु दोनों के लिए जोखिमभरा हो सकता है? आखिर पेट में बच्चे का वजन इतना क्यों बढ़ जाता है? आइए जानें मेडिकल एक्सपर्ट्स की राय और इसके पीछे की साइंस।
पेट में बच्चे का वजन कैसे बढ़ता है?
एक्सपर्ट के अनुसार, पेट में बच्चे का वजन नॉर्मली 2.5 किलोग्राम से 4.5 किलोग्राम तक होता है। हालांकि अलग-अलग कंडिशन में ये वजन ऊपर नीचे होता रहता है। हाल ही में एक महिला ने मध्यप्रदेश में 5.4 किलोग्राम वजन के बच्चे को जन्म दिया है। इस बच्चे के जन्म के बाद चर्चा शुरू हो गई है कि इतना बढ़ा हुआ वजन बच्चे और मां की हेल्थ के लिए ठीक होता है या नहीं? डॉक्टर के अनुसार, अगर बच्चे का जन्म ज्यादा हो तो उस अवस्था में सिजेरियन ही बच्चा पैदा होगा। साथ ही उन्होंने इस बारे में भी विस्तार से बताया कि कैसे गर्भ में बच्चे का वजन बढ़ता है?

गर्भ में क्यों अधिक बढ़ जाता है बच्चे का जन्म
मां की डायट और न्यूट्रिशन
यदि मां गर्भावस्था के दौरान बहुत ज्यादा कैलोरी, फैट और मीठा खाती है तो बच्चे का वजन असामान्य रूप से बढ़ सकता है।
गैस्टेशनल डायबिटीज (गर्भकालीन मधुमेह)
अगर गर्भवती महिला को डायबिटीज है तो शिशु को अतिरिक्त ग्लूकोज मिलता है, जिससे उसका वजन बढ़ सकता है।
मां का बॉडी मास इंडेक्स (BMI)
ओवरवेट या मोटापे से ग्रस्त महिलाओं में बड़े वजन वाले बच्चे होने की संभावना अधिक होती है।
जीन और परिवार का इतिहास
अगर माता-पिता में कोई बड़े आकार वाला रहा है, तो यह अनुवांशिक रूप से बच्चे पर भी असर डाल सकता है।
अधिक वजन वाले नवजात को हो सकती हैं ये गंभीर बीमारियां
ऐसे बच्चों में आगे चलकर मोटापे का खतरा बढ़ जाता है।
टाइप 2 डायबिटीज का रिस्क।
जन्म के समय अधिक वजन वाले बच्चों में इंसुलिन रेजिस्टेंस की आशंका बढ़ जाती है।

मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा
बता दें कि बहुत अधिक वजन वाले शिशु को आगे चलकर हृदय रोग, हाई ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
कब सतर्क हो जाना चाहिए?
यदि अल्ट्रासाउंड में दिखे कि बच्चे का वजन तेजी से बढ़ रहा है
मां को गर्भावस्था में बहुत अधिक वजन बढ़ रहा हो
अगर पहले से डायबिटीज या हाई बीपी की समस्या है
इन सभी मामलों में डॉक्टर से रेगुलर सलाह लेना बेहद जरूरी है।



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