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दादी-नानी क्यों छोटे बच्चे के सिर के नीचे लगाती है राई का ताकिया, जानें फायदे और बनाने का तरीका
घर में जब भी छोटा बच्चा पैदा होता हैं, तो नानी-दादी उसके सिर के नीचे राई यानी सरसो के बीज का तकिया बनाकर जरुर रखती है। राई का तकिया शिशु को कई समस्याओं से बचाने के साथ उसके लिए फायदेमंद भी होता है।
राई के तकिए में सरसों के दाने भरे जाते हैं, जो कि नवजात शिशु के सिर को आराम पहुंचाते हैं। इस तकिए का आप बच्चे के जन्म से लेकर उसके आठ से दस महीने होने तक प्रयोग कर सकते हैं। इसके बाद बच्चे को सामान्य तकिए की आदत डलवा सकते हैं। आइए जानते हैं इस तकिए के फायदे और बनाने का तरीका।

सिर चपटा नहीं होगा
राई के तकिए का सबसे बड़ा फ़ायदा यही होता है कि इससे शिशु का सिर कभी भी एक तरफ़ चपटा यानी फ्लैट हेड सिंड्रोम नहीं होता है, क्योंकि सरसों भरी होने के कारण ये तकिया बच्चे के सिर के मुताबिक़ ही आकार ले लेता है।
सर्दी-खांसी से बचाने में मददगार
छोटे बच्चों में सर्दी-खांसी का बहुत डर रहता है, क्योंकि बच्चे का श्वसन तंत्र बेहद कमज़ोर होता है। ऐसे में राई का तकिया प्रयोग करने से सर्दी-खांसी की समस्या भी नहीं होती, क्योंकि सरसों के बीज बेहद गर्म होते हैं, जो कि बच्चे के सिर को गर्म रखने का काम करते हैं।
हड्डियों पर दबाव से बचाएं
जब बच्चे के सिर के नीचे कोई कठोर तकिया रख देते हैं, तो उसके सिर के एक तरफ़ अधिक दबाव पड़ने के कारण बच्चे के सिर की हड्डी पर भी दबाव बढ़ जाता है। राई का तकिया रखने से सिर की हड्डी पर कोई दबाव नहीं पड़ता है।
शिशु के लिए आरामदायक
अक्सर देखा जाता है कि शिशु जिस तरफ़ सिर करके सोता है, उसका सिर उसी तरफ़ से दब जाता है, क्योंकि नवजात के सिर की हड्डी बेहद मुलायम होती है। इसलिए दादी नानी का मानना है कि राई के तकिये का इस्तेमाल करने से बच्चे का सिर अगर किसी भी पोजिशन में रहे, तो सोते वक्त बच्चे के सिर पर दबाव कम से कम पड़ सकता है।

बनाने का तरीका
आधा किलो सरसों को धोकर धूप में अच्छी तरह सुखाए हुए दाने। एक मीटर या बच्चे के सिर को देखते हुए उसी आकार का कॉटन का कपड़े लें। उसे गर्म पानी में धोकर सुखा दें, ताकि कपड़ा बैक्टीरिया मुक्त हो सके। अब इस कपड़े को तकिए के आकार को देखते हुए उसी माप से काट लें। कपड़े को तीन तरफ़ से सिलकर पाउच बना लें। सिलाई बहुतबारीक करें ताकि सरसों के दाने बाहर ना आ सकें। अब इसमें सरसों डाल दीजिए। सरसों तकिए के आकार से लगभग आधी हो। यह शिशु के सिर को तकिए पर हिलने-डुलने का भरपूर स्थान देगा। पूरा भरा तकिया बच्चे के लिए असुविधाजनक होगा। तकिए के खुले हिस्से को भी बेहद बारीक सिलाई से बंद कर दीजिए। इस पर कवर लगाकर बच्चे को इस पर सुला दें।



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